यूपी चुनाव 2027: JDU नेता श्रवण कुमार बोले — NDA के साथ गठबंधन में उतरेंगे, 75 जिलों में संगठन तैयार
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने 18 जुलाई को लखनऊ में स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने प्रदेश के 75 जिलों में संगठन का कार्य पूर्ण कर लिया है और शीघ्र ही राज्यस्तरीय बैठक में चुनावी रणनीति तय की जाएगी।
यूपी चुनाव की तैयारी और गठबंधन की रणनीति
श्रवण कुमार ने कहा, 'चुनाव को लेकर हमारी पार्टी की राज्यस्तरीय बैठक होने वाली है। इस बैठक में सभी पदाधिकारी आने वाले चुनाव की रणनीति तय करेंगे। हमने बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चलाया है और 75 जिलों में संगठन का कार्य पूरा कर लिया गया है।'
गठबंधन और उम्मीदवारों के सवाल पर उन्होंने कहा, 'हम अभी बातचीत करेंगे और उम्मीदवार के बारे में फैसला बाद में लिया जाएगा, हालांकि हमारी पूरी कोशिश होगी कि हम NDA के साथ चुनाव लड़ें।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी तैयारियाँ तेज़ कर रहे हैं।
वंदे मातरम बिल पर कड़ा रुख
वंदे मातरम संशोधन विधेयक पर श्रवण कुमार ने कहा, 'किसी भी कीमत पर राष्ट्र का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राष्ट्र के लिए अपमानजक बातें और देश के झंडे का अपमान करने वालों के खिलाफ कानून बनना ही चाहिए। कानून में ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान होना चाहिए।' गौरतलब है कि यह विधेयक हाल के दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और 'एक देश, एक चुनाव'
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से जुड़े विवाद पर मंत्री ने कहा कि जाँच में जो दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। 'एक देश, एक चुनाव' के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी राय जाहिर कर दी है। अब निर्वाचन आयोग को इस पर फैसला लेना चाहिए।'
मोहन यादव के बयान पर प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि एक से अधिक विवाह करने वालों को मध्य प्रदेश में रहने का कानूनी अधिकार नहीं होगा — श्रवण कुमार ने कहा, 'अपनी-अपनी सोच और समझ है। मुख्यमंत्री अपने राज्य की स्थिति के अनुसार निर्णय ले रहे हैं। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस होनी चाहिए और लोगों की राय लेकर इस पर कानून बनना चाहिए।' यह टिप्पणी समान नागरिक संहिता (UCC) की व्यापक बहस के संदर्भ में आई है।
JDU की यूपी में सांगठनिक तैयारी और NDA के साथ गठबंधन की दिशा में यह बयान पार्टी की आगामी रणनीति का पहला संकेत माना जा रहा है। राज्यस्तरीय बैठक के बाद सीट-बँटवारे की तस्वीर और स्पष्ट होगी।