उत्तर पूर्वी परिषद ने मिजोरम के विकास के लिए जारी किए 5.73 करोड़ रुपए

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उत्तर पूर्वी परिषद ने मिजोरम के विकास के लिए जारी किए 5.73 करोड़ रुपए

सारांश

उत्तर पूर्वी परिषद ने मिजोरम में विकास को बढ़ावा देने के लिए 5.73 करोड़ रुपए की राशि जारी की है। यह राशि बुनियादी ढांचे, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं के लिए विभिन्न परियोजनाओं का समर्थन करेगी। जानें इस निर्णय के पीछे के महत्वपूर्ण पहलुओं को!

Key Takeaways

  • 5.73 करोड़ रुपए का आवंटन मिजोरम के विकास के लिए किया गया है।
  • मुख्य परियोजनाओं में मार्केट बिल्डिंग और सेंट्रल मेडिकल वेयरहाउस शामिल हैं।
  • पर्यटन में 29.50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • यह राशि बुनियादी ढांचे और कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।
  • मिजोरम में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।

आइजोल, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) ने फरवरी 2026 में मिजोरम के लिए 5,73,69,245 रुपए का आवंटन किया है। यह राशि राज्य में बुनियादी ढांचे, कृषि और लोक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण विकास पहलों का समर्थन करेगी।

उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह राशि पूरे उत्तर पूर्वी क्षेत्र के लिए फरवरी में जारी 67.41 करोड़ रुपए का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को संतुलित रूप से बढ़ावा देना है।

मिजोरम में इस आवंटन के तहत समर्थित प्रमुख परियोजनाओं में से एक है ममित जिले के वेस्ट फैलेंग में एक मार्केट बिल्डिंग का निर्माण। इससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों के लिए बेहतर विपणन ढांचा और अवसर उपलब्ध होंगे।

एनईसी राज्य में पोटैटो सीड फार्म (आलू बीज फार्म) के विकास को भी समर्थन दे रहा है, जिसमें टिश्यू कल्चर और एपिकल रूटेड कटिंग तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कृषि मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करना और किसानों की उत्पादकता बढ़ाना है।

एक और महत्वपूर्ण परियोजना है आइजोल में एक सेंट्रल मेडिकल वेयरहाउस की स्थापना, जो राज्य में आवश्यक दवाओं और सामग्रियों के भंडारण और वितरण को बेहतर करके मेडिकल लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगी।

इसके अतिरिक्त, एनईसी एक स्टेट वेटरनरी इंफॉर्मेशन एंड रिसोर्स सेंटर के निर्माण का समर्थन भी कर रहा है, जो पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने और तकनीकी संसाधनों व जानकारी के प्रसार के माध्यम से पशुपालन के विकास में मदद करेगा।

वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या सहित पर्यटकों के आगमन में तेज वृद्धि के चलते, मिजोरम पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में पर्यटकों की संख्या के मामले में सबसे तेजी से ऊपर आने वाला राज्य बनकर उभरा है।

मिजोरम पर्यटन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान राज्य में कुल 6,79,607 पर्यटक आए, जिनमें 6,70,001 घरेलू और स्थानीय पर्यटक तथा 9,606 विदेशी पर्यटक शामिल थे। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष के कुल पर्यटक आगमन से 29.50 प्रतिशत अधिक है, जो पर्यटन वृद्धि में उल्लेखनीय उछाल को दर्शाता है।

Point of View

बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ करेगी। हमें उम्मीद है कि इससे मिजोरम की विकास यात्रा में तेजी आएगी।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

उत्तर पूर्वी परिषद ने मिजोरम के लिए कितनी राशि जारी की है?
उत्तर पूर्वी परिषद ने मिजोरम के लिए 5,73,69,245 रुपए की राशि जारी की है।
इस राशि का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा?
इस राशि का उपयोग बुनियादी ढांचे, कृषि और सार्वजनिक सेवा वितरण को सुधारने के लिए किया जाएगा।
मिजोरम में कौन-सी प्रमुख परियोजनाएँ शामिल हैं?
ममित जिले में मार्केट बिल्डिंग का निर्माण और आइजोल में सेंट्रल मेडिकल वेयरहाउस की स्थापना प्रमुख परियोजनाएँ हैं।
पर्यटन के क्षेत्र में मिजोरम का क्या हाल है?
मिजोरम में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे यह पूर्वोत्तर के राज्यों में सबसे तेजी से बढ़ता राज्य बन गया है।
इस राशि के पीछे का उद्देश्य क्या है?
इस राशि का उद्देश्य मिजोरम में विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है।
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