80वें स्वतंत्रता दिवस पर 'वंदे मातरम' का गायन, महाराष्ट्र नेताओं ने PM मोदी को दिया धन्यवाद
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' के साथ-साथ राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का सामूहिक गायन किया गया, जिसे महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेताओं ने ऐतिहासिक बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुंबई विधान भवन में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण के साथ 'वंदे मातरम' की गूँज ने माहौल को भावपूर्ण बना दिया।
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इस अवसर पर कहा, 'यह बहुत ही बड़ा क्षण है। जन-गण-मन के साथ आज वंदे मातरम गीत भी गाया है, जो ऐतिहासिक और हर भारतीय के मन को छूने वाला है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तहे दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं कि राष्ट्र को उन्होंने यह गौरवशाली क्षण दिया।' नार्वेकर ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में युवा, स्टार्टअप और तकनीक पर जोर देने की भी सराहना की।
आर्थिक विकास और 'विकसित भारत' का संकल्प
नार्वेकर ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक यह तीसरे स्थान पर पहुँच जाएगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। उनके अनुसार, सभी क्षेत्रों में समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी पूरा ध्यान दे रहे हैं।
विधान परिषद में ध्वजारोहण समारोह
महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति राम शिंदे ने मुंबई विधान भवन में उपस्थित नागरिकों के बीच राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान 'वंदे मातरम' का गायन भी किया गया। शिंदे ने कहा, 'आज पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। हमारे पूर्वजों ने बहुत कड़ी मेहनत की और 1947 में एक स्वतंत्र भारत बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।'
मंत्री आशीष शेलार का संदेश
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार ने स्वतंत्रता दिवस पर 140 करोड़ देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आज़ादी क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों और आम नागरिकों के बलिदान से मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास' के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी पर भारत को 'विकसित भारत' बनाने का सपना 140 करोड़ भारतीयों का साझा संकल्प है।
आगे क्या
80वें स्वतंत्रता दिवस पर 'वंदे मातरम' के सामूहिक गायन की यह परंपरा राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखी जा रही है। महाराष्ट्र के नेताओं का यह उत्साह 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।