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वंदे मातरम का सम्मान हर भारतीय का कर्तव्य: भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया

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वंदे मातरम का सम्मान हर भारतीय का कर्तव्य: भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया

सारांश

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने 17 जुलाई को एक साथ कई मोर्चों पर बात की — वंदे मातरम न गाने वालों को 'तुष्टिकरण की राजनीति' से जोड़ा, SIR पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को चुनाव आयोग के अधिकार-क्षेत्र तक सीमित बताया और सपा-कांग्रेस गठबंधन को जनता के आक्रोश का कारण बताया।

मुख्य बातें

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने 17 जुलाई को वंदे मातरम, SIR और उत्तर प्रदेश राजनीति पर अपनी राय रखी।
चंदोलिया ने कहा कि वंदे मातरम न गाना 'तुष्टिकरण की राजनीति' का हिस्सा है और यह राष्ट्रगीत गाया जाना चाहिए।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग (ECI) को नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है।
PM मोदी के जींद भाषण का समर्थन करते हुए कहा कि होर्मुज संकट के बावजूद देश में ईंधन की कमी नहीं हुई।
सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर चेताया कि उत्तर प्रदेश में जनाक्रोश फैलना तय है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने 17 जुलाई को नई दिल्ली में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी — इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा भाषण, वंदे मातरम विधेयक और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी शामिल हैं। चंदोलिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वंदे मातरम का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय नागरिक का दायित्व है।

होर्मुज संकट और मोदी सरकार की तैयारी

प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा के जींद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यही स्थिति 2014 से पहले होती, तो रेलवे का संचालन तक ठप पड़ सकता था।

भाजपा सांसद चंदोलिया ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों का दृष्टिकोण संकीर्ण था। उनके अनुसार, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में बुनियादी ढाँचे में व्यापक सुधार हुए हैं और मोदी सरकार ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी नहीं होने दी।

SIR पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर चंदोलिया ने कहा, 'यह सच है कि चुनाव आयोग के पास यह तय करने का अधिकार नहीं है कि भारत का नागरिक कौन है। इसके लिए अलग-अलग पैमाने हैं। हालांकि, केवल भारतीय नागरिक ही वोटर के तौर पर रजिस्टर हो सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'चुनाव आयोग कोई नागरिकता प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है। नागरिकता सरकार द्वारा तय किए गए पैमानों के आधार पर दी जाती है।' चुनाव आयोग (ECI) के अधिकार-क्षेत्र की सीमाओं पर उन्होंने अधिक विस्तार से बोलने से परहेज किया।

वंदे मातरम विधेयक और राष्ट्रगीत का सम्मान

वंदे मातरम के अपमान या उसमें बाधा डालने पर दंड के प्रावधान वाले विधेयक पर चंदोलिया ने कहा, 'कई राज्यों ने इसे पहले ही लागू कर दिया है।' उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के नेता या तो वंदे मातरम नहीं गाते या चुपचाप खड़े रहते हैं, जो एक प्रकार का विरोध है। उनके शब्दों में, 'अगर आप भारत में रहना चाहते हैं, तो आपको वंदे मातरम कहना ही होगा।' चंदोलिया ने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' से जोड़ा और कहा कि वंदे मातरम न गाने वाले एक खास धार्मिक समुदाय से जुड़े हैं — यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से विवादास्पद मानी जा रही है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति और सपा-कांग्रेस गठबंधन

भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर है। उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के शासनकाल में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति का हवाला दिया और कहा कि कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में आखिरी मुख्यमंत्री जनता को याद तक नहीं है। चंदोलिया ने आगाह किया कि यदि सपा और कांग्रेस गठबंधन करते हैं, तो जनता में आक्रोश व्याप्त होना तय है।

आगे क्या

वंदे मातरम विधेयक पर संसदीय बहस और SIR पर सर्वोच्च न्यायालय की आगामी सुनवाई पर सभी दलों की नज़र बनी रहेगी। चंदोलिया के बयान ने राष्ट्रीय पहचान और नागरिक दायित्व के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कानूनी दृष्टि से ठोस है। होर्मुज संकट को 2014 से पहले की सरकार की 'कमज़ोरी' से जोड़ना चुनावी कथा-निर्माण का हिस्सा लगता है, जिसे तथ्यात्मक आधार पर परखने की ज़रूरत है। उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन की संभावना को लेकर भाजपा की बेचैनी इन बयानों में साफ़ झलकती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने वंदे मातरम बिल पर क्या कहा?
चंदोलिया ने कहा कि वंदे मातरम गाया जाना चाहिए और जो लोग इसे नहीं गाते, वे तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई राज्यों ने वंदे मातरम के अपमान पर दंड का प्रावधान पहले ही लागू कर दिया है।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर चंदोलिया का क्या रुख है?
चंदोलिया ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग को नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं है और वह केवल मतदाता पंजीकरण करता है। उन्होंने कहा कि नागरिकता सरकार द्वारा निर्धारित पैमानों के आधार पर दी जाती है और इस मामले पर अधिक टिप्पणी से उन्होंने परहेज किया।
PM मोदी ने जींद में होर्मुज संकट पर क्या कहा था?
PM मोदी ने हरियाणा के जींद में कहा था कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण होर्मुज से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है, और यदि यही स्थिति 2014 से पहले होती तो रेलवे का संचालन ठप हो सकता था। चंदोलिया ने इस बयान का समर्थन करते हुए मोदी सरकार की ऊर्जा नीति को श्रेय दिया।
उत्तर प्रदेश में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर चंदोलिया की क्या राय है?
चंदोलिया ने कहा कि सपा-कांग्रेस गठबंधन होने पर उत्तर प्रदेश में जनता में आक्रोश फैलना तय है। उन्होंने सपा के शासनकाल में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और कांग्रेस की UP में क्षीण उपस्थिति का हवाला दिया।
वंदे मातरम बिल क्या है और इसका क्या महत्व है?
वंदे मातरम बिल एक प्रस्तावित कानून है जिसमें राष्ट्रगीत का अपमान करने या उसमें बाधा डालने पर दंड का प्रावधान है। कुछ राज्यों में इस तरह के प्रावधान पहले से लागू हैं और यह विधेयक राष्ट्रीय स्तर पर इसे अनिवार्य बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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