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वाराणसी-चंदौली में HPV टीकाकरण अभियान: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल से 600 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन

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वाराणसी-चंदौली में HPV टीकाकरण अभियान: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल से 600 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन

सारांश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से वाराणसी और चंदौली में 600 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन दी गई और चंदौली में 20,316 बालिकाओं के निःशुल्क टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई — जो सीरम इंस्टीट्यूट के साथ एमओयू के तहत आठ आकांक्षी जिलों में 1.50 लाख बालिकाओं तक पहुँचने की बड़ी योजना का हिस्सा है।

मुख्य बातें

वाराणसी और चंदौली में 28 जुलाई को 9–14 वर्ष आयु की 600 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई।
चंदौली जिले में 20,316 बालिकाओं के निःशुल्क टीकाकरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
यह अभियान जन भवन उत्तर प्रदेश और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के बीच 4 फरवरी को हुए एमओयू के तहत संचालित है।
एमओयू के अंतर्गत प्रदेश के 8 आकांक्षी जिलों की 1.50 लाख बालिकाओं को 3 लाख निःशुल्क डोज दी जानी हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने टीकाकरण के बाद बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए और समाज से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल के तहत वाराणसी और चंदौली में मंगलवार, 28 जुलाई को 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की 600 बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन की खुराक दी गई। इसी अवसर पर चंदौली जिले में 20,316 बालिकाओं के निःशुल्क टीकाकरण के व्यापक अभियान का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया।

अभियान का विस्तार और संरचना

इस अभियान के अंतर्गत वाराणसी में 300 बालिकाओं तथा पुलिस लाइन, चंदौली में 300 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। टीकाकरण के पश्चात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बालिकाओं को व्यक्तिगत रूप से प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

यह पूरा अभियान 4 फरवरी को जन भवन, लखनऊ में जन भवन उत्तर प्रदेश और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत संचालित किया जा रहा है। एमओयू के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों की 1.50 लाख बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की कुल तीन लाख निःशुल्क डोज उपलब्ध कराई जानी हैं। चंदौली इन्हीं आकांक्षी जिलों में सम्मिलित है।

राज्यपाल का संदेश

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर पर कहा कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने वाला 'प्रभावी और सुरक्षित सुरक्षा कवच' है। उन्होंने बालिकाओं और उनके अभिभावकों से किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रांति से दूर रहकर समय पर टीकाकरण कराने की अपील की।

राज्यपाल ने यह भी रेखांकित किया कि वैज्ञानिक शोधों द्वारा यह प्रमाणित हो चुका है कि यह वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में सुरक्षित और प्रभावी है। उन्होंने कहा, 'स्वस्थ बेटी ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला है।'

समाज से सहयोग का आह्वान

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता समाप्त करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सक्षम नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग और आर्थिक योगदान देने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश की कोई भी बालिका इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच से वंचित न रह जाए।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार भी राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन की दिशा में प्रयासरत है। उत्तर प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों में चरणबद्ध तरीके से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आने वाले महीनों में शेष जिलों में भी टीकाकरण का विस्तार किए जाने की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा 1.50 लाख बालिकाओं तक पहुँचने के लक्ष्य को ज़मीन पर पूरा करने की होगी — विशेषकर उन आकांक्षी जिलों में जहाँ स्वास्थ्य अवसंरचना और जागरूकता दोनों की कमी है। एचपीवी वैक्सीन को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में फैली भ्रांतियाँ एक सिद्ध बाधा रही हैं, और केवल प्रमाण-पत्र वितरण से यह खाई नहीं पटेगी। सीरम इंस्टीट्यूट के साथ एमओयू एक सकारात्मक कदम है, परंतु अभियान की दीर्घकालिक सफलता के लिए स्वतंत्र निगरानी और टीकाकरण दर के सत्यापन-योग्य आँकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी-चंदौली में एचपीवी टीकाकरण अभियान क्या है?
यह उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल पर चलाया जा रहा निःशुल्क टीकाकरण अभियान है, जिसके तहत 9 से 14 वर्ष आयु की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन दी जा रही है। 28 जुलाई को वाराणसी और चंदौली में 600 बालिकाओं को पहली खुराक दी गई।
इस अभियान के तहत कितनी बालिकाओं को वैक्सीन दी जाएगी?
जन भवन उत्तर प्रदेश और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के बीच हुए एमओयू के अनुसार, प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों की 1.50 लाख बालिकाओं को कुल तीन लाख निःशुल्क एचपीवी डोज उपलब्ध कराई जानी हैं। चंदौली में अकेले 20,316 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य है।
एचपीवी वैक्सीन किस उम्र की बालिकाओं को दी जाती है और यह क्यों ज़रूरी है?
यह वैक्सीन 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को दी जाती है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार यह वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को प्रभावी ढंग से कम करती है और पूरी तरह सुरक्षित मानी गई है।
यह एमओयू कब और किनके बीच हुआ?
यह समझौता ज्ञापन 4 फरवरी को लखनऊ के जन भवन में जन भवन उत्तर प्रदेश और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के बीच हस्ताक्षरित हुआ। इसी एमओयू के तहत आठ आकांक्षी जिलों में निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई गई है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अभिभावकों से क्या अपील की?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बालिकाओं और उनके अभिभावकों से किसी भी अफवाह या भ्रांति पर ध्यान न देते हुए समय पर टीकाकरण कराने की अपील की। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग और आर्थिक योगदान देने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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