पश्चिम बंगाल: मदरसों की किशोरियों को मिलेगा मुफ्त सर्वाइकल कैंसर HPV टीका, 7 लाख डोज़ भेजे
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के मदरसों में पढ़ने वाली किशोरियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण का विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, यह अभियान राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से चलाया जाएगा। राज्य में यह मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम 30 मई से प्रभावी हो चुका है।
कार्यक्रम की शुरुआत और केंद्र की भूमिका
केंद्र सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पश्चिम बंगाल को 7 लाख HPV टीके उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत कोलकाता के साल्ट लेक क्षेत्र स्थित बिधाननगर उप-जिला अस्पताल से की गई। संबंधित सरकारी अधिकारियों को इस संदर्भ में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कौन ले सकती हैं यह टीका
14-15 वर्ष या उससे अधिक आयु की किशोरियाँ यह टीका निःशुल्क लगवा सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार अब मदरसों में भी यह टीकाकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से मदरसा छात्राओं में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ेगी।
सर्वाइकल कैंसर: क्यों ज़रूरी है यह कदम
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर को अभी भी एक गंभीर और जानलेवा बीमारी माना जाता है। वैश्विक स्तर पर हर वर्ष 6 लाख नए मामले सामने आते हैं और इससे होने वाली मृत्यु दर प्रति वर्ष लगभग 3.4 लाख है। भारत में यह महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है — प्रति एक लाख महिलाओं में 14 नए मामले सालाना दर्ज होते हैं और मृत्यु दर प्रति लाख 9 है।
गौरतलब है कि भारत की विशाल जनसंख्या को देखते हुए ये आँकड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सही समय पर HPV टीका लगवाने से सर्वाइकल कैंसर को 75 से 80 प्रतिशत तक रोका जा सकता है।
आम जनता पर असर
यह अभियान विशेष रूप से उन किशोरियों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का प्रयास है जो मदरसों में पढ़ती हैं और जिन तक पारंपरिक स्वास्थ्य अभियान कम पहुँच पाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य सरकार की यह पहल समाज के उस वर्ग को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे की राह
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टीकाकरण अभियान को चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में विस्तारित किया जाएगा। जिला स्तर पर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। इस कार्यक्रम की सफलता भविष्य में अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में भी इसी तरह के स्वास्थ्य अभियान चलाने की राह खोल सकती है।