वरुण गांधी ने परिवार के साथ पीएम मोदी से विशेष मुलाकात की, कहा देश के सच्चे 'संरक्षक'
सारांश
Key Takeaways
- वरुण गांधी ने मोदी से मुलाकात को सौभाग्य बताया।
- प्रधानमंत्री को देश का सच्चा संरक्षक माना।
- वरुण गांधी की राजनीतिक पृष्ठभूमि और उनकी पहचान भाजपा में महत्वपूर्ण है।
- इस मुलाकात ने भाजपा के भीतर उनके संबंधों को और मजबूत किया है।
- वरुण गांधी का पार्टी में सक्रिय योगदान है।
नई दिल्ली, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के प्रमुख नेता वरुण गांधी ने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। उन्होंने इस अवसर को विशेष बताते हुए कहा कि यह उनके लिए 'सौभाग्य' की बात है। इस मुलाकात ने उनके विश्वास को और मजबूत किया है कि प्रधानमंत्री देश और जनता के सच्चे 'संरक्षक' हैं।
मुलाकात के उपरांत, वरुण गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, "मुझे अपने परिवार के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और उनका आशीर्वाद व मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।"
वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और नेतृत्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "आपके आभामंडल में पिता समान स्नेह और संरक्षण का भाव है। आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।"
वरुण गांधी, प्रसिद्ध नेहरू-गांधी परिवार से हैं। वह मेनका गांधी और दिवंगत संजय गांधी के बेटे हैं। संजय गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे थे।
राजनीतिक यात्रा के संदर्भ में, वरुण गांधी ने भारतीय जनता पार्टी में एक मजबूत पहचान बनाई है। वह उत्तर प्रदेश की पीलीभीत लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं और पार्टी में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
उनकी मां मेनका गांधी ने संजय गांधी की 1980 में हुई विमान दुर्घटना के बाद कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार के अन्य सदस्यों से अलग होकर भाजपा की ओर रुख किया था। बाद में, 2004 में उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होकर अपने बेटे वरुण गांधी के साथ पार्टी में अपनी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया।
इस समय, वरुण गांधी ने भी भाजपा में शामिल होने के अपने निर्णय को देशहित में बताया था। उन्होंने कहा था कि मैं मानता हूं कि भाजपा को मजबूत करना और उसमें शामिल होना देश के हित में है, इसलिए मैंने यह निर्णय लिया।
इसके बाद, वरुण गांधी ने पार्टी में तेजी से अपनी पहचान बनाई और 2012 में उन्हें भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया।