6 अक्टूबर 2026
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वीबी-जी राम जी ढांचे में 375 कार्य श्रेणियाँ अधिसूचित, ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई ताकत

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वीबी-जी राम जी ढांचे में 375 कार्य श्रेणियाँ अधिसूचित, ग्रामीण रोजगार को मिलेगी नई ताकत

सारांश

केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी ढाँचे में 375 कार्य श्रेणियाँ अधिसूचित कीं — पहले की सूची से 41% अधिक। जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढाँचा, आजीविका और आपदा तैयारी पर जोर। यह कदम ग्रामीण भारत में रोजगार और सामुदायिक परिसंपत्ति निर्माण दोनों को साथ-साथ बल देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 6 अक्टूबर 2026 को वीबी-जी राम जी ढांचे के तहत 375 कार्य श्रेणियाँ अधिसूचित कीं।
नई सूची पूर्व के 266 कार्यों की तुलना में 41% अधिक कार्य प्रकारों को शामिल करती है।
सबसे बड़ी श्रेणी जल सुरक्षा की है जिसमें 128 कार्य शामिल हैं; इसके बाद ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के 111 , आजीविका अवसंरचना के 98 और आपदा तैयारी के 38 कार्य हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 'आइस स्तूप' (कृत्रिम ग्लेशियर) को पहली बार अधिसूचित सूची में शामिल किया गया है।
ग्राम पंचायत भवन, आँगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल अवसंरचना, सोलर स्ट्रीट लाइटिंग और बायोगैस प्लांट भी मंजूर कार्यों में शामिल।
सीमावर्ती क्षेत्रों में आपातकालीन निकासी और राहत शिविर स्थापित करना भी अधिसूचित कार्यों में है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 6 अक्टूबर 2026 को विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), जिसे वीबी-जी राम जी ढांचा कहा जाता है, के अंतर्गत कार्य की 375 श्रेणियों को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है। यह कदम ग्रामीण भारत में रोजगार के अवसरों को व्यापक बनाने और ग्रामीण बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल है। मंत्रालय के अनुसार, नई सूची पूर्व के ढाँचे में शामिल 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक कार्य प्रकारों को समाहित करती है।

योजना में क्या शामिल है

अधिसूचित 375 कार्य श्रेणियों को मुख्यतः चार वर्गों में विभाजित किया गया है। सबसे बड़ा वर्ग जल सुरक्षा का है, जिसमें 128 कार्य शामिल हैं। इसके बाद मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के तहत 111 कार्य, आजीविका से जुड़े बुनियादी ढाँचे के 98 कार्य और खराब मौसम व आपदा तैयारी पर केंद्रित 38 विशेष कार्य आते हैं।

गौरतलब है कि यह अधिसूचना ऐसे समय में आई है जब ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियाँ — बाढ़, सूखा और अनियमित वर्षा — तेजी से बढ़ रही हैं। नए ढाँचे में आपदा-प्रतिरोधी बुनियादी ढाँचे को प्राथमिकता देना इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

जल सुरक्षा पर विशेष ध्यान

जल सुरक्षा श्रेणी के अंतर्गत नहरों, बाढ़ नियंत्रण चैनलों, चेक डैम, गली प्लग और भूमिगत बाँधों का निर्माण, मरम्मत एवं रखरखाव शामिल है। तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों का पुनरुद्धार, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और इंजेक्शन कुओं का निर्माण भी इस वर्ग में आता है।

उल्लेखनीय रूप से, इस सूची में 'आइस स्तूप' अर्थात कृत्रिम ग्लेशियरों को भी शामिल किया गया है, जो पर्वतीय व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने और खेती को सहारा देने का काम करते हैं। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियाँ और जल-जमाव वाली भूमि के सुधार के कार्य भी अधिसूचित हैं।

ग्रामीण बुनियादी ढाँचा और आजीविका

मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढाँचे के तहत ग्रामीण सड़कें, पुलिया, फुटपाथ और कनेक्टिविटी सुविधाओं का निर्माण एवं रखरखाव सम्मिलित है। ग्राम पंचायत भवनों, आँगनवाड़ी केंद्रों, ग्रामीण पुस्तकालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और पशु चिकित्सा केंद्रों का निर्माण व उन्नयन भी इसका हिस्सा है।

शिक्षा अवसंरचना को भी इस ढाँचे में स्थान मिला है — अतिरिक्त कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, शौचालय, किचन शेड, कंपाउंड वॉल और खेल के मैदान इसमें शामिल हैं। वेस्ट मैनेजमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना — रीसाइक्लिंग प्लांट, कचरा पृथक्करण शेड, कम्पोस्ट पिट, ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट यूनिट, सोलर स्ट्रीट लाइटिंग और बायोगैस प्लांट — को भी मंजूरी मिली है।

इस सूची में मिट्टी और नमी के संरक्षण हेतु बाँस, मैंग्रोव, नारियल, रबर और एग्रो-फॉरेस्ट्री जैसे वृक्षारोपण एवं वनीकरण कार्य भी शामिल हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में आपातकालीन निकासी और राहत शिविर स्थापित करने के कार्यों को भी अधिसूचित सूची में स्थान दिया गया है।

आम जनता पर असर

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी के लिए यह ढाँचा सीधे रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा, साथ ही सार्वजनिक संपत्तियों — सड़क, तालाब, स्वास्थ्य केंद्र — की गुणवत्ता में सुधार लाएगा। ग्रामीण पार्क, बस स्टैंड, पार्किंग शेड, पेयजल कियोस्क, सीड बैंक और बहुउद्देश्यीय युवा केंद्रों का प्रावधान युवाओं और महिलाओं दोनों के लिए अवसर खोलता है।

यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण मजदूरी दर और रोजगार के आँकड़े दबाव में हैं। विस्तारित कार्य-सूची यदि प्रभावी रूप से लागू हो, तो ग्रामीण माँग को बल दे सकती है।

क्या होगा आगे

अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य सरकारें और ग्राम पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर इन कार्यों की योजना बनाएंगी। कार्यान्वयन की गति और पारदर्शिता इस योजना की सफलता की कुंजी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निगरानी तंत्र मजबूत हो, तो यह ढाँचा ग्रामीण भारत में दीर्घकालिक परिसंपत्ति निर्माण का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली प्रश्न यह है कि क्या राज्य सरकारें और ग्राम पंचायतें इन विविध कार्यों की योजना बनाने और क्रियान्वित करने की क्षमता रखती हैं। पिछले ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों में बार-बार देखा गया है कि विकल्पों की अधिकता होने पर भी व्यावहारिक रूप से सरल और परिचित कार्यों की ओर झुकाव बना रहता है। 'आइस स्तूप' जैसे नवाचारी प्रावधान तकनीकी जानकारी और स्थानीय क्षमता के बिना धरातल पर नहीं उतर सकते। योजना की विश्वसनीयता तभी सिद्ध होगी जब निगरानी ढाँचा रोजगार सृजन को सार्वजनिक परिसंपत्ति की गुणवत्ता से जोड़कर मापे — अन्यथा यह विस्तारित सूची भी पुरानी कमियों को नए आवरण में दोहराने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीबी-जी राम जी ढांचा क्या है?
वीबी-जी राम जी ढांचा यानी विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) केंद्र सरकार की एक ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका योजना है, जो गाँवों में सार्वजनिक कार्यों के माध्यम से रोजगार उत्पन्न करती है। 6 अक्टूबर 2026 को इसके तहत 375 कार्य श्रेणियाँ अधिसूचित की गई हैं।
नई अधिसूचना में कितनी कार्य श्रेणियाँ शामिल हैं और पहले कितनी थीं?
नई अधिसूचना में कुल 375 कार्य श्रेणियाँ शामिल हैं, जबकि पूर्व के ढाँचे में केवल 266 कार्य थे। यह 41 प्रतिशत की वृद्धि है।
जल सुरक्षा श्रेणी में कौन-कौन से कार्य शामिल हैं?
जल सुरक्षा श्रेणी में 128 कार्य हैं, जिनमें नहरें, चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बाँध, तालाबों का पुनरुद्धार, परकोलेशन टैंक, ड्रिप-स्प्रिंकलर सिंचाई और 'आइस स्तूप' (कृत्रिम ग्लेशियर) शामिल हैं।
इस ढाँचे से ग्रामीण आम जनता को क्या फायदा होगा?
इस ढाँचे से ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे रोजगार के अवसर बनेंगे और साथ ही सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, पेयजल और सिंचाई जैसी सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा। युवा केंद्र, सीड बैंक और सोलर स्ट्रीट लाइटिंग जैसे प्रावधान ग्रामीण जीवन स्तर बेहतर करने में सहायक हैं।
आपदा तैयारी के लिए इस ढाँचे में क्या प्रावधान है?
आपदा तैयारी और खराब मौसम की घटनाओं से निपटने पर केंद्रित 38 विशेष कार्यों को अधिसूचित किया गया है। इनमें सीमावर्ती क्षेत्रों में आपातकालीन निकासी मार्ग और राहत शिविर बनाने के कार्य भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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