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वीबी-जी राम जी एक्ट: 1 जुलाई से लागू होगा, सरकार 100+ अधिकारी तैनात करेगी

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वीबी-जी राम जी एक्ट: 1 जुलाई से लागू होगा, सरकार 100+ अधिकारी तैनात करेगी

सारांश

1 जुलाई से लागू होने वाला वीबी-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण रोजगार गारंटी को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करता है। सुचारू रोलआउट के लिए केंद्र सरकार 100 से अधिक अधिकारी तैनात करेगी और 27 राज्य पहले ही बजट का प्रावधान कर चुके हैं।

मुख्य बातें

वीबी-जी राम जी अधिनियम देशभर के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
केंद्र सरकार रोलआउट के लिए 100 से अधिक अधिकारियों को सुविधा प्रदाता और रिसोर्स पर्सन के रूप में तैनात करेगी।
वैधानिक ग्रामीण रोजगार गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन प्रति वित्तीय वर्ष की गई।
लगभग 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने बजट का प्रावधान किया; 6 ने राज्य योजनाएँ अधिसूचित कीं।
ढाँचा 'रोजगार भी, सम्मान भी' के सिद्धांत पर आधारित — मजदूरी के साथ स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्ति निर्माण का लक्ष्य।

केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण' (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को 1 जुलाई 2026 से देशभर के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस रोलआउट को सुचारू बनाने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 100 से अधिक अधिकारियों को देशभर में तैनात करने का निर्णय लिया है।

अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियाँ

मंत्रालय के अनुसार, तैनात किए जाने वाले ये अधिकारी सुविधा प्रदाता और रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य करेंगे। वे राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर अधिनियम को जमीनी स्तर पर उतारने में सहायता देंगे।

इनकी जिम्मेदारियों में स्थानीय क्षमता-निर्माण, जानकारी का आदान-प्रदान, कार्यान्वयन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को बढ़ावा देना शामिल है। आधिकारिक बयान के अनुसार, इनकी भागीदारी विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करेगी और नए ढाँचे में संक्रमण के दौरान प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

राज्यों की तैयारी का स्तर

मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, लगभग 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस अधिनियम के लिए बजट का प्रावधान पहले ही कर लिया है। इनमें से 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिनियम के ढाँचे के तहत अपनी राज्य योजनाएँ अधिसूचित कर दी हैं। शेष राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी योजनाओं को अंतिम रूप देने के अंतिम चरण में बताए गए हैं।

अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ

इस अधिनियम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि सभी ग्रामीण परिवारों के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में वैधानिक रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह विस्तार आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने, आय स्थिरता में सुधार लाने और कमजोर परिवारों को अधिक आर्थिक लचीलापन प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है।

यह ढाँचा 'रोजगार भी, सम्मान भी' के सिद्धांत पर आधारित है। इसका लक्ष्य केवल मजदूरी-आधारित रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण श्रमिकों को दीर्घकालिक और उत्पादक सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाना भी है।

आम जनता पर असर

यह अधिनियम देश के उन करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए सीधी राहत लेकर आएगा जो मनरेगा जैसी मजदूरी-गारंटी योजनाओं पर निर्भर हैं। 25 अतिरिक्त कार्य-दिवसों की गारंटी से विशेष रूप से कृषि मौसम के बाहर के महीनों में ग्रामीण उपभोग को सहारा मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण बेरोजगारी और पलायन की चिंताएँ नीति-निर्माताओं के एजेंडे पर बनी हुई हैं।

आगे क्या होगा

1 जुलाई 2026 की लागू होने की तिथि के साथ, अगले कुछ हफ्तों में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण गतिविधियाँ तेज होने की संभावना है। तैनात अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर शुरुआती अड़चनों को दूर करने में जुटेंगे। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शेष राज्य समय-सीमा से पहले अपनी योजनाएँ अधिसूचित कर पाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या राज्य इस अतिरिक्त बोझ को वहन करने की वित्तीय और प्रशासनिक क्षमता रखते हैं। 27 राज्यों का बजट प्रावधान आशाजनक है, पर 6 का ही योजना अधिसूचित करना बताता है कि जमीनी तैयारी अभी अधूरी है। 100 अधिकारियों की तैनाती एक सकारात्मक कदम है, लेकिन देश के हजारों ब्लॉकों की तुलना में यह संख्या सीमित है। यदि क्रियान्वयन में असमानता रही, तो यह योजना कागज पर बड़ी और जमीन पर कमजोर साबित हो सकती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीबी-जी राम जी अधिनियम क्या है?
'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार व आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण' (वीबी-जी राम जी) अधिनियम एक केंद्रीय कानून है जो सभी ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों की वैधानिक रोजगार गारंटी प्रदान करता है। यह मौजूदा 100 दिन की सीमा से 25 दिन अधिक है और 'रोजगार भी, सम्मान भी' के सिद्धांत पर आधारित है।
वीबी-जी राम जी एक्ट कब से लागू होगा?
यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से देशभर के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसके सुचारू रोलआउट के लिए 100 से अधिक अधिकारियों को तैनात करने का निर्णय लिया है।
इस अधिनियम से ग्रामीण परिवारों को क्या फायदा होगा?
इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 25 अतिरिक्त कार्य-दिवसों की गारंटी मिलेगी, जिससे आय स्थिरता बढ़ेगी और कमजोर परिवारों को अधिक आर्थिक लचीलापन मिलेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण उपभोग को सहारा देना और श्रमिकों को स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियों के निर्माण में भागीदार बनाना भी है।
कितने राज्य इस अधिनियम के लिए तैयार हैं?
लगभग 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही इस अधिनियम के लिए बजट का प्रावधान कर लिया है। इनमें से 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अधिनियम के ढाँचे के तहत अपनी राज्य योजनाएँ अधिसूचित कर दी हैं, जबकि शेष राज्य अंतिम चरण में हैं।
तैनात किए जाने वाले अधिकारी क्या काम करेंगे?
ये अधिकारी सुविधा प्रदाता और रिसोर्स पर्सन के रूप में राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे। इनकी जिम्मेदारियों में स्थानीय क्षमता-निर्माण, कार्यान्वयन चुनौतियों का समाधान, सर्वोत्तम पद्धतियों का प्रसार और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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