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क्या वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन रांची से दिल्ली रवाना हुआ?

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क्या वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन रांची से दिल्ली रवाना हुआ?

सारांश

वीर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर साइक्लोथॉन का आयोजन, जिसमें एनसीसी कैडेट्स का योगदान और सांस्कृतिक संदेश है।

मुख्य बातें

वीर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर साइक्लोथॉन का आयोजन एनसीसी कैडेट्स की भागीदारी साइक्लोथॉन का उद्देश्य आदिवासी अधिकारों का प्रचार 20 दिन की यात्रा में कई राज्यों का समावेश राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का संचार

रांची, 28 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। धरती के आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) द्वारा रांची से नई दिल्ली तक 'वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन' का आयोजन किया गया है। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रविवार को रांची में एक कार्यक्रम के दौरान संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर साइक्लोथॉन को रवाना किया।

इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी, कैडेट्स और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। इस साइक्लोथॉन में शामिल एनसीसी कैडेट्स साइकिल पर झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा होते हुए लगभग 20 दिनों में देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंचेंगे।

साइक्लोथॉन में बालिका कैडेट्स की भी सक्रिय भागीदारी है। इस पहल का उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा के विचारों, संघर्ष और आदिवासी समाज के अधिकारों से जुड़े संदेशों को देशभर में प्रसारित करना है।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यह साइक्लोथॉन युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक चेतना को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेट्स द्वारा किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है और इससे राष्ट्रीय एकता का संदेश जाएगा।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस अवसर पर कहा कि 'वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन' केवल एक साइकिल यात्रा नहीं है, बल्कि यह उन मूल्यों और विचारों की यात्रा है जो धरती आबा ने पूरे राष्ट्र को दिए। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन राष्ट्रप्रेम, सामाजिक न्याय और जनजातीय समाज के उत्थान का प्रतीक है। इस साइक्लोथॉन के माध्यम से युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान की स्मृतियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास और उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी इस यात्रा के जरिए प्रसार होगा।

मंत्री संजय सेठ ने टीम के सदस्यों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान एनसीसी अधिकारियों ने साइक्लोथॉन के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और दैनिक कार्यक्रम की जानकारी दी। बताया गया कि नई दिल्ली पहुंचने पर साइक्लोथॉन दल का भव्य स्वागत किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का संचार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीर बिरसा मुंडा साइक्लोथॉन का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा के विचारों और आदिवासी समाज के अधिकारों को फैलाना है।
इस साइक्लोथॉन में कितने दिन लगेंगे?
यह लगभग 20 दिनों की यात्रा होगी।
कौन-कौन से राज्य इस साइक्लोथॉन के मार्ग में हैं?
यह साइक्लोथॉन झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से होकर गुजरेगा।
इस यात्रा में किन कैडेट्स की भागीदारी है?
इसमें बालिका कैडेट्स की भी सक्रिय भागीदारी है।
क्या यह साइक्लोथॉन केवल एक साइकिल यात्रा है?
नहीं, यह राष्ट्रप्रेम , सामाजिक न्याय और जनजातीय उत्थान का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस
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