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वीएचआरपी यूपी की सभी 403 सीटों पर सनातनी प्रत्याशी उतारेगी, गोपाल राय ने BJP से UCC हटाने की माँग की

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वीएचआरपी यूपी की सभी 403 सीटों पर सनातनी प्रत्याशी उतारेगी, गोपाल राय ने BJP से UCC हटाने की माँग की

सारांश

विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने यूपी की सभी 403 सीटों पर सनातनी उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर BJP को सीधी चुनौती दी है। साथ ही यूजीसी कानून वापस लेने की माँग, 20 साल पुरानी सुरक्षा हटाए जाने पर सवाल और 6 दिसंबर को मथुरा में 10 हज़ार कार्यकर्ताओं के जमावड़े की घोषणा — यह राज्य की धार्मिक-राजनीतिक समीकरण को बदल सकती है।

मुख्य बातें

वीएचआरपी प्रमुख गोपाल राय ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर सनातनी प्रत्याशी उतारने की घोषणा की।
संगठन ने BJP से यूजीसी कानून तत्काल वापस लेने की माँग की, यह मामला पहले से सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
संगठन 6 दिसंबर को 10 हज़ार कार्यकर्ताओं के साथ मथुरा में शौर्य दिवस मनाएगा और कृष्ण मंदिर निर्माण की माँग करेगा।
राय ने आरोप लगाया कि 21 दलों के साथ BJP को समर्थन देने के महज एक माह बाद उनकी बीस साल पुरानी सुरक्षा हटा ली गई।
बागेश्वर बाबा के हालिया बयान पर राय ने कहा — 'गलत कहा, मुकदमा दर्ज होना चाहिए।' बिजनौर के एक मुस्लिम परिवार की 'घर वापसी' का उल्लेख — मोहम्मद दिलशाद अब राजीव शर्मा के नाम से जाने जाएंगे।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद (वीएचआरपी) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने 5 नवंबर 2026 को लखनऊ में घोषणा की कि संगठन आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 403 सीटों पर कट्टर सनातनी विचारधारा के प्रत्याशी उतारेगा। उन्होंने साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय नेतृत्व से यूजीसी कानून को तत्काल वापस लेने की माँग करते हुए कहा कि सनातनियों का वोट लेना है तो उन्हीं के बीच विभाजन पैदा नहीं किया जा सकता।

चुनावी रणनीति और BJP को चेतावनी

गोपाल राय ने स्पष्ट किया कि यूजीसी कानून लागू होने की चर्चा के बाद से यह विवाद सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच चुका है, फिर भी सरकार ने इसे वापस नहीं लिया। उनके अनुसार, 'सनातनियों के बीच लड़ाने का काम नहीं होना चाहिए' — और यही मुद्दा संगठन आगे भी उठाता रहेगा।

गौरतलब है कि वीएचआरपी ने पूर्व में 21 दलों के साथ मिलकर BJP को समर्थन दिया था। राय ने बताया कि उस समय यूपी सरकार के मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और दयाशंकर सिंह समेत कई नेता स्वयं समर्थन माँगने आए थे — और इसके सभी फोटो व दस्तावेज़ संगठन के पास सुरक्षित हैं।

सुरक्षा हटाए जाने पर गंभीर सवाल

राय ने आरोप लगाया कि समर्थन देने के महज एक महीने बाद उनकी बीस साल से चली आ रही सरकारी सुरक्षा अचानक हटा ली गई। उन्होंने याद दिलाया कि जम्मू और वाराणसी में उन पर गोली चल चुकी है। राय ने माँग की कि यह सुरक्षा किस अधिकारी के आदेश पर हटाई गई, इसकी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में भी, जब उसे कभी समर्थन नहीं दिया, तब भी उनकी सुरक्षा बनी रही थी।

मथुरा शौर्य दिवस और कृष्ण मंदिर की माँग

राय ने बताया कि संगठन 5 दिसंबर को लखनऊ से मथुरा के लिए रवाना होगा और 6 दिसंबर को वहाँ शौर्य दिवस मनाएगा। वीएचआरपी की माँग है कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बने और उस स्थान से ईदगाह हटाई जाए। राय के अनुसार, कथित तौर पर मुगल शासनकाल में जबरन उस स्थान पर कब्जा किया गया था। इस माँग के समर्थन में संगठन 10 हज़ार कार्यकर्ताओं के साथ मथुरा में उपस्थित रहेगा।

बागेश्वर बाबा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया

बागेश्वर धाम के हालिया बयान पर पूछे गए सवाल पर राय ने कहा कि बागेश्वर बाबा ने 'गलत कहा' और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'भगवान श्रीकृष्ण किसी एक वर्ग के नहीं हैं — वे सभी सनातनियों के हैं।' राय ने यह भी कहा कि देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए।

संगठन की अन्य गतिविधियाँ और विस्तार

राय ने बताया कि वीएचआरपी ने लव जिहाद, धर्मांतरण, मुर्शिदाबाद और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुई हिंसा समेत कई मुद्दों पर सक्रिय रूप से आवाज़ उठाई है। संभल में बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने के कथित प्रयास का भी उन्होंने उल्लेख किया। उनके अनुसार, कई देशों में संगठन का विस्तार हो चुका है और लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन भी किया जा चुका है।

इस बीच राय ने बिजनौर के थाना मंडावर अंतर्गत ग्राम मोहीउद्दीनपुर के एक परिवार की 'घर वापसी' का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार मोहम्मद दिलशाद अब राजीव शर्मा, उनकी पत्नी रेहाना अब रितु और बेटी खुशी अब अनन्या के नाम से जानी जाएंगी — परिवार ने विधि-विधान से सनातन धर्म अपनाया।

आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वीएचआरपी की 403 सीटों पर दावेदारी, BJP के साथ बढ़ते तनाव और मथुरा में बड़े जमावड़े की घोषणा — ये सब मिलकर राज्य के सनातनी वोट-बैंक की राजनीति को एक नया आयाम दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी यह BJP के लिए परेशानी का सबब बन सकता है क्योंकि सनातनी वोटों का मामूली बँटवारा भी कई सीटों पर परिणाम पलट सकता है। गोपाल राय की सुरक्षा हटाए जाने का सवाल अनुत्तरित है — यह या तो प्रशासनिक लापरवाही है या सोचा-समझा संदेश, दोनों ही स्थितियाँ सत्तारूढ़ दल के लिए असुविधाजनक हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो बात चूक जाती है वह यह है कि वीएचआरपी जैसे संगठनों का उभार BJP के हिंदुत्व एजेंडे की सफलता का ही उप-उत्पाद है — और अब वही एजेंडा BJP के लिए प्रतिस्पर्धी दबाव बन रहा है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीएचआरपी यूपी की 403 सीटों पर चुनाव क्यों लड़ना चाहती है?
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के अनुसार, संगठन सनातनी विचारधारा को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाना चाहता है। उन्होंने BJP पर यूजीसी कानून जैसे मुद्दों पर सनातनियों के बीच विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया है।
गोपाल राय ने BJP से कौन-सी माँग की है?
गोपाल राय ने BJP के केंद्रीय नेतृत्व से यूजीसी कानून तत्काल वापस लेने की माँग की है। उनका कहना है कि यह कानून सनातन समाज में फूट डालता है और इसका मामला पहले से सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
मथुरा में 6 दिसंबर को क्या होगा?
वीएचआरपी 6 दिसंबर को मथुरा में शौर्य दिवस मनाएगी, जिसमें करीब 10 हज़ार कार्यकर्ता शामिल होंगे। संगठन वहाँ भव्य कृष्ण मंदिर निर्माण और ईदगाह हटाने की माँग करेगा।
गोपाल राय की सुरक्षा क्यों हटाई गई?
राय के अनुसार, 21 दलों के साथ BJP को समर्थन देने के एक महीने बाद ही उनकी 20 साल पुरानी सरकारी सुरक्षा हटा ली गई — जबकि जम्मू और वाराणसी में उन पर जानलेवा हमले हो चुके हैं। उन्होंने इसे 'बड़ी साजिश' बताते हुए जाँच की माँग की है।
बागेश्वर बाबा के बयान पर वीएचआरपी का क्या रुख है?
गोपाल राय ने बागेश्वर धाम के हालिया बयान को 'गलत' करार देते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की माँग की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि समस्त सनातन समाज के आराध्य हैं।
राष्ट्र प्रेस
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