एआई स्टॉक्स में वैश्विक गिरावट से भारत को मिल सकता है विदेशी पूंजी का फायदा: उदय कोटक
सारांश
मुख्य बातें
कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने 5 नवंबर 2026 को एक वर्चुअल संबोधन में कहा कि यदि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े वैश्विक शेयरों में गिरावट का दौर जारी रहता है, तो भारतीय बाजारों में विदेशी पूंजी का नया और उल्लेखनीय प्रवाह देखने को मिल सकता है। उनके अनुसार, वैश्विक कंपनियों ने एआई महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भारी कर्ज उठाया है, जिससे मूल्यांकन में अत्यधिक उछाल आया है — और यही बुलबुला अब फूटने के करीब दिखता है।
एआई निवेश में अति और भारत का अवसर
कोटक ने अपने संबोधन में कहा, 'अगर यह रुझान पलटता है, तो भारत को नई विदेशी पूंजी के प्रवाह का फायदा मिल सकता है, क्योंकि देश अपनी एआई क्षमताओं का विकास कर रहा है।' उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने एआई से संबंधित निवेशों के लिए जो कर्ज लिया, उसने बाजार मूल्यांकन को वास्तविकता से परे खींच दिया। यह ऐसे समय में आया है जब एशिया के टेक-केंद्रित बाजारों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय बाजार की सापेक्ष मजबूती
वैश्विक एआई शेयरों पर दबाव के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार अक्टूबर 2026 के निचले स्तर से करीब 10 प्रतिशत की रिकवरी कर चुके हैं। गौरतलब है कि 2026 में अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजारों से रिकॉर्ड $29 अरब (लगभग ₹2.4 लाख करोड़) की निकासी की है — उच्च मूल्यांकन, एआई निवेश के सीमित अवसरों और ऊर्जा कीमतों में उछाल के चलते।
कोटक ने कहा कि हालिया सुधार के बाद भारत और दूसरे उभरते बाजारों के बीच मूल्यांकन का अंतर सिकुड़ा है, जिससे भारतीय शेयर छह से 12 महीने पहले की तुलना में अपेक्षाकृत कम महंगे हो गए हैं।
घरेलू निवेशकों की भूमिका
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार टिके रहे — इसका श्रेय कोटक ने घरेलू निवेशकों के निरंतर भरोसे को दिया। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वैश्विक अस्थिरता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की मजबूत आर्थिक विकास संभावनाएं अब भी भारत का सबसे बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
कोटक ने निवेशकों को सुझाया कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के पीछे भागने के बजाय मध्यम अवधि के नजरिये से बेहतर गुणवत्ता वाली कंपनियों और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा वैश्विक पुनर्संतुलन में धैर्यवान निवेशकों के लिए भारत एक अनुकूल गंतव्य बन सकता है।
बाजार में आज का उछाल
गुरुवार, 5 नवंबर को भारतीय शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई। सेंसेक्स 1,609.54 अंक यानी 2.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,910.94 पर खुला और इंट्राडे में 79,465.03 के उच्च स्तर तक पहुँचा। निफ्टी 417.45 अंक यानी 1.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,378.05 पर खुला और 24,579.90 के इंट्राडे हाई पर पहुँचा। यह उछाल वैश्विक बाजारों में सुधार और घरेलू सकारात्मक धारणा का संयुक्त परिणाम माना जा रहा है।