10 अक्टूबर 2026
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फरीदकोट ASI गुरबख्श सिंह ₹80,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई

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फरीदकोट ASI गुरबख्श सिंह ₹80,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई

सारांश

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने कम समय में तीसरी बड़ी गिरफ्तारी की — फरीदकोट ASI गुरबख्श सिंह ₹80,000 रिश्वत लेते पकड़े गए। इससे पहले एक रेलवे इंजीनियर और माइनिंग SDO भी दबोचे जा चुके हैं। राज्य सरकार का यह अभियान संकेत देता है कि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की रफ्तार तेज़ हो रही है।

मुख्य बातें

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 10 अक्टूबर 2026 को फरीदकोट सदर पुलिस स्टेशन के ASI गुरबख्श सिंह को ₹80,000 रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
आरोपी ASI ने पहले भी शिकायतकर्ता से ₹40,000 की रिश्वत वसूली थी और मामला बंद करने के लिए ₹80,000 और माँगे थे।
शिकायत फरीदकोट जिले के घुगियाना गाँव के निवासी ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज फिरोजपुर में दर्ज कराई थी।
आरोपी के खिलाफ वीबी पुलिस स्टेशन फिरोजपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।
इससे पहले रेलवे इंजीनियर पंकज भारद्वाज (₹40,000) और माइनिंग SDO हरदीप सिंह (₹50,000) भी रिश्वत लेते पकड़े गए थे।

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने 10 अक्टूबर 2026 को फरीदकोट के सदर पुलिस स्टेशन में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) गुरबख्श सिंह को ₹80,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे विजिलेंस अभियान के तहत एक सुनियोजित जाल-बिछाव अभियान का परिणाम है।

मामले का घटनाक्रम

विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, शिकायत फरीदकोट जिले के घुगियाना गाँव के एक निवासी ने दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी ASI ने उसके खिलाफ दर्ज मामले को समाप्त करने के एवज में पहले ही ₹40,000 की रिश्वत वसूल कर ली थी।

इसके पश्चात् आरोपी ने मामला पूरी तरह वापस लेने के लिए ₹80,000 की अतिरिक्त माँग रख दी। रिश्वत न देने की दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ शिकायतकर्ता ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो रेंज फिरोजपुर से संपर्क किया।

जाल बिछाकर की गई गिरफ्तारी

शिकायत मिलते ही विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने त्वरित रणनीति बनाई और घटनास्थल पर जाल बिछाया। दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में ASI गुरबख्श सिंह को शिकायतकर्ता से ₹80,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

गौरतलब है कि आरोपी के खिलाफ वीबी पुलिस स्टेशन फिरोजपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जाँच जारी है।

ताज़ा अभियान में अन्य गिरफ्तारियाँ

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब विजिलेंस ब्यूरो लगातार भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कस रहा है। इससे पहले ब्यूरो ने नॉर्दर्न रेलवे में तैनात सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज भारद्वाज को ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था।

इसके अतिरिक्त, नाभा में माइनिंग डिपार्टमेंट में तैनात सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) हरदीप सिंह को भी ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है। ये तीनों गिरफ्तारियाँ थोड़े ही समय के अंतराल में हुई हैं, जो राज्य सरकार के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान की आक्रामकता को दर्शाती हैं।

सरकार का रुख और आगे की राह

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान बिना किसी रोक-टोक के जारी रहेगा। ब्यूरो ने चेतावनी दी है कि रिश्वत माँगने वाले किसी भी सरकारी अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ASI गुरबख्श सिंह के मामले में विस्तृत जाँच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और तथ्य सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे ऑपरेशन भले ही सुर्खियाँ बटोरें, दीर्घकालिक असर सीमित रह सकता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ASI गुरबख्श सिंह को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
ASI गुरबख्श सिंह को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने ₹80,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वे फरीदकोट के सदर पुलिस स्टेशन में तैनात थे और शिकायतकर्ता के खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने के बदले यह रकम माँग रहे थे।
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से कब और क्यों संपर्क किया?
शिकायतकर्ता — जो फरीदकोट के घुगियाना गाँव का निवासी है — ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज फिरोजपुर से इसलिए संपर्क किया क्योंकि ASI ने पहले ₹40,000 रिश्वत लेने के बावजूद मामला समाप्त नहीं किया और फिर ₹80,000 की नई माँग रख दी। रिश्वत न देने की इच्छा के साथ उसने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी ASI के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लागू की गई हैं?
आरोपी ASI गुरबख्श सिंह के विरुद्ध वीबी पुलिस स्टेशन फिरोजपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जाँच जारी है।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के हालिया अभियान में और कौन-कौन से अधिकारी पकड़े गए हैं?
इसी अभियान के तहत नॉर्दर्न रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर पंकज भारद्वाज को ₹40,000 और नाभा में माइनिंग विभाग के SDO हरदीप सिंह को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा चुका है।
पंजाब सरकार का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान आगे कैसे जारी रहेगा?
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। ब्यूरो ने चेतावनी दी है कि रिश्वत माँगने वाले किसी भी सरकारी अधिकारी के विरुद्ध निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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