रेवाड़ी: कोसली पटवारी ₹4,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, हरियाणा विजिलेंस का शिकंजा
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो ने 6 अगस्त 2026 को रेवाड़ी जिले की कोसली तहसील में तैनात एक पटवारी को ₹4,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पटवारी पर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करने के बदले शिकायतकर्ता से अवैध धनराशि वसूलने का आरोप है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
जाँच में सामने आया कि आरोपी पटवारी ने शिकायतकर्ता से पहले ही ₹5,000 रिश्वत ले रखी थी। इसके बावजूद काम पूरा न करते हुए उसने ₹4,000 की अतिरिक्त माँग की। परेशान शिकायतकर्ता ने हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से ₹4,000 स्वीकार किए, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। इस प्रकार कुल ₹9,000 की रिश्वत लेने का मामला उजागर हुआ।
जाँच का दायरा
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि आरोपी ने अन्य नागरिकों से भी इसी प्रकार अवैध वसूली की है या नहीं। मामले में आगे की कार्रवाई जारी बताई जा रही है।
विजिलेंस की अपील
हरियाणा विजिलेंस टीम ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़े संदेश के रूप में प्रस्तुत किया है। टीम ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत माँगे, तो तुरंत विजिलेंस विभाग को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सके।
बिहार में भी समान कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह बुधवार को बिहार से भी एक समान मामला सामने आया। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड की पंचायत डुमरिया के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को ₹15,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने विकास कार्य के भुगतान के एवज में यह राशि माँगी। निगरानी थाना कांड संख्या-092/26, दिनांक 31 जुलाई के तहत प्राथमिकी दर्ज है। यह घटना दर्शाती है कि ज़मीनी स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान कई राज्यों में एक साथ तेज़ हो रहा है।