28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आनंदीबेन पटेल का आह्वान: बेटियों को HPV वैक्सीन लगवाएं, विकसित भारत-2047 में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आनंदीबेन पटेल का आह्वान: बेटियों को HPV वैक्सीन लगवाएं, विकसित भारत-2047 में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक

सारांश

अयोध्या में 'मातृशक्ति कॉन्क्लेव 2026' में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने साफ कहा — विकसित भारत-2047 का रास्ता मातृशक्ति से होकर गुज़रता है। 200 बालिकाओं को HPV वैक्सीन दी गई और महिलाओं से नियमित कैंसर स्क्रीनिंग की अपील की गई।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 28 जून 2026 को अयोध्या में 'मातृशक्ति कॉन्क्लेव' को संबोधित किया।
माताओं से बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य दिलाने और 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित कैंसर स्क्रीनिंग कराने की अपील की गई।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग ने 200 बालिकाओं को HPV वैक्सीन और 10 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक दी।
5 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन, 7 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र और 5 स्वयं सहायता समूहों को पुस्तकें वितरित की गईं।
राज्यपाल ने बच्चों को मोबाइल-सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाकर भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर बल दिया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 28 जून 2026 को अयोध्या में आयोजित 'मातृशक्ति कॉन्क्लेव अयोध्या-2026' में स्पष्ट किया कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में देश की मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने माताओं से अपनी बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य दिलाने और 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच तथा कैंसर स्क्रीनिंग कराने की अपील की।

कार्यक्रम का मंच और उद्देश्य

राज्यपाल डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित इस कॉन्क्लेव की मुख्य अतिथि थीं। कार्यक्रम में 'माँ-बेटी संवाद' के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, संस्कार और बाल विकास जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन के सशक्त माध्यम हैं।

बाल स्वास्थ्य और पोषण पर ज़ोर

राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सुदृढ़ रसोई व्यवस्था और बच्चों को नियमित रूप से गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना अनुकरणीय पहल है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के प्रशिक्षण, पर्यवेक्षकों और सीडीपीओ की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने बल दिया।

उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पोषण, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, पल्स पोलियो अभियान और संतुलित आहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता रेखांकित की। साथ ही यह भी कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाकर भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

किशोरियों और महिलाओं से सीधा संवाद

राज्यपाल ने किशोरियों से उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने और गलत संगति से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनकी भागीदारी निर्णायक होगी।

मौके पर वितरित हुए लाभ और वैक्सीनेशन

स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्यक्रम में 200 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन और 10 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक दी गई। विद्याशक्ति पहल के अंतर्गत 5 स्वयं सहायता समूहों को पुस्तकें, एक समूह को ऑर्नामेंटल फिशरीज किट, 5 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन और 7 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। विभिन्न लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित 'माँ-बेटी संवाद' कार्यक्रम आयोजित किए जाने का सुझाव दिया। इस कॉन्क्लेव से उठी अपीलें आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में महिला स्वास्थ्य और बाल विकास नीति की दिशा तय करने में सहायक हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जागरूकता और टीकाकरण दर ग्रामीण उत्तर प्रदेश में अत्यंत कम है। एक सरकारी कार्यक्रम में 200 बालिकाओं को वैक्सीन देना प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन असली सवाल यह है कि यह अभियान जिले के हज़ारों आंगनबाड़ी केंद्रों तक नियमित रूप से कब पहुंचेगा। 'माँ-बेटी संवाद' जैसे मंच तभी परिवर्तनकारी बनेंगे जब इनके पीछे निरंतर बजट, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और जवाबदेही का ढांचा हो — महज़ एकल आयोजन नहीं।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचपीवी वैक्सीन क्या है और बेटियों को इसे क्यों लगवाना चाहिए?
एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमावायरस) वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा देती है, जो भारत में महिलाओं में कैंसर मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माताओं से अपनी बेटियों को यह वैक्सीन अवश्य दिलाने की अपील की है।
मातृशक्ति कॉन्क्लेव अयोध्या-2026 में क्या हुआ?
28 जून 2026 को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या में आयोजित इस कॉन्क्लेव में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि थीं। कार्यक्रम में 200 बालिकाओं को HPV वैक्सीन दी गई, स्वयं सहायता समूहों को सामग्री वितरित की गई और 'माँ-बेटी संवाद' के ज़रिए स्वास्थ्य व शिक्षा पर चर्चा हुई।
30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को कौन-सी स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए?
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच और कैंसर स्क्रीनिंग कराने की अपील की। समय पर स्क्रीनिंग से सर्वाइकल और स्तन कैंसर जैसी बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है।
विकसित भारत-2047 में महिलाओं की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?
राज्यपाल के अनुसार, 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में मातृशक्ति की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी अनिवार्य है। महिलाओं का स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर होना राष्ट्र निर्माण की बुनियाद है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर राज्यपाल ने क्या निर्देश दिए?
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण पोषण, नियमित उपस्थिति, कार्यकर्त्रियों का प्रशिक्षण और सीडीपीओ की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पोषण और बच्चों के पूर्ण टीकाकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले