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क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025 पेश किया?

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क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025 पेश किया?

सारांश

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025 पेश किया है, जिसमें पान मसाला जैसे हानिकारक उत्पादों पर उपकर लगाने की बात है। यह विधेयक स्वास्थ्य योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

पान मसाला जैसे उत्पादों पर उपकर लगाया जाएगा।
उपकर का उद्देश्य स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले उत्पादों का उपयोग कम करना है।
इस विधेयक से जीएसटी आय प्रभावित नहीं होगी।

नई दिल्ली, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025 पेश किया। इसके तहत पान मसाला जैसे उत्पादों पर उपकर लगाया जाएगा।

लोकसभा में बोलते हुए, सीतारमण ने कहा कि विधेयक में जरूरी चीजों पर टैक्स नहीं लगाया जाएगा और पान मसाला जैसे उत्पादों पर टैक्स से होने वाली कमाई राज्यों के साथ स्वास्थ्य योजनाओं पर खर्च करने के लिए साझा की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा, "यह एक उपकर है और यह किसी जरूरी चीज पर नहीं लगाया गया है। इस बिल का मकसद डीमेरिट चीजों पर सेस लगाना है, जिनसे सेहत को बड़ा खतरा होता है। इस उपकर के जरिए हम एक ऐसी कीमत चाहते हैं, जिससे इन चीजों पर रोकथाम लगे और लोग इसका इस्तेमाल न करें।"

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में पान मसाले पर 40 प्रतिशत का टैक्स लगाया गया है। इस उपकर के लगने से जीएसटी आय पर कोई असर नहीं होगा।

प्रस्तावित बिल के तहत उपकर पान मसाला बनाने वाली फैक्ट्रियों में मशीनों की उत्पादन क्षमता पर लगाया जाएगा। यह जीएसटी के अतिरिक्त होगा।

वित्त मंत्री ने कहा, "हर फैक्ट्री के लिए उपकर की देनदारी उनकी उत्पादन क्षमता के आधार पर अलग-अलग होगी।"

सीतारमण ने कहा, "इस उपकर से मिलने वाली आय का कुछ हिस्सा स्वास्थ्य जागरूकता या स्वास्थ्य से जुड़ी दूसरी योजनाओं के जरिए राज्यों के साथ साझा किया जाएगा।"

पान मसाले पर उत्पाद शुल्क नहीं लगाया जा सकता है। इस कारण सरकार इस पर उपकर लगाने के लिए विधेयक लेकर आई है और यह जीएसटी के अतिरिक्त लगाया जाएगा।

इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने सेंट्रल एक्साइज एक्ट 1944 में बदलाव करते हुए एक बिल पास किया था, जिससे तंबाकू पर 40 प्रतिशत जीएसटी के अलावा उत्पाद शुल्क लगाया जा सकता है।

अभी, पान मसाला, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर 28 प्रतिशत जीएसटी और अलग-अलग दर पर क्षतिपूर्ति उपकर लगता है। क्षतिपूर्ति उपकर खत्म होने के साथ जीएसटी दर बढ़कर 40 प्रतिशत हो जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूँ कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह विधेयक स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक सार्थक कदम है। पान मसाला जैसे उत्पादों पर उपकर लगाने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने की कोशिश की जा रही है। यह राज्य सरकारों के लिए भी स्वास्थ्य योजनाओं को सुदृढ़ करने का एक अवसर है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक 2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले उत्पादों पर उपकर लगाकर उनके उपयोग को कम करना है।
क्या इस विधेयक से जीएसटी पर कोई असर होगा?
वित्त मंत्री ने कहा कि इस उपकर के लगने से जीएसटी आय पर कोई असर नहीं होगा।
उपकर का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा?
उपकर से होने वाली आय को स्वास्थ्य योजनाओं और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के लिए राज्यों के साथ साझा किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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