12 जुलाई 2026
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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने द्वारका में मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया, मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन

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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने द्वारका में मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया, मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने द्वारका में मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण कर मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन किया। NSS दिल्ली के इस आयोजन में पद्मनाभन के सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्र-सेवा के आदर्शों को जीवंत रखने का संकल्प दोहराया गया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 12 जून 2026 को द्वारका, नई दिल्ली में मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया।
मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) दिल्ली द्वारा मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में किया गया।
NSS दिल्ली आज दिल्ली-NCR में 25 शाखाओं और लगभग 25,000 सदस्यों के साथ सक्रिय है।
उपराष्ट्रपति ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत परिसर में पौधारोपण किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी सहित NSS दिल्ली के वरिष्ठ पदाधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी मन्नथु पद्मनाभन की प्रतिमा का अनावरण किया। इसी अवसर पर उन्होंने नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) दिल्ली द्वारा स्थापित मन्नम स्मृति मंडपम का भी उद्घाटन किया। उपराष्ट्रपति ने इस समारोह को आधुनिक भारत के महानतम समाज सुधारकों में से एक की अमर विरासत का ऐतिहासिक उत्सव बताया।

मन्नम स्मृति मंडपम: एक दीर्घकालिक स्वप्न का साकार होना

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने NSS दिल्ली को इस स्मारक की स्थापना के अपने दीर्घकालिक संकल्प को पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मन्नम स्मृति मंडपम 'केवल एक ढाँचा नहीं, बल्कि एक अमर विरासत का अभिषेक है' — एक ऐसे दूरदर्शी व्यक्ति को जीवंत श्रद्धांजलि, जिनके सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्रीय सेवा के आदर्श जाति, क्षेत्र और धर्म की सीमाओं से परे हैं।

उन्होंने स्मारकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि ये केवल पत्थर पर उकेरी गई आकृतियाँ नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना में अंकित प्रेरणाएँ हैं — जो अतीत का उत्सव मनाने से कहीं अधिक, भविष्य के लिए मार्गदर्शन करती हैं।

मन्नथु पद्मनाभन का जीवन और योगदान

राधाकृष्णन ने मन्नथु पद्मनाभन को सामुदायिक पुनर्जागरण का सच्चा नेता बताया। उन्होंने कहा कि पद्मनाभन ने अपना सम्पूर्ण जीवन शिक्षा, सामाजिक सुधार, आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सेवा के माध्यम से समाज के उत्थान को समर्पित किया। उनका दृढ़ विश्वास था कि 'महान संस्थाएँ अपार धन से नहीं, बल्कि महान प्रतिबद्धता से निर्मित होती हैं।'

उपराष्ट्रपति ने बताया कि पद्मनाभन ने साधारण परिवारों से मामूली योगदान स्वीकार कर शैक्षणिक और सामाजिक संस्थाएँ खड़ी कीं, और उन सामूहिक प्रयासों ने कई पीढ़ियों के जीवन को बदल दिया। उन्होंने कहा कि पद्मनाभन का मानना था कि प्रत्येक मनुष्य समान गरिमा और समान अवसर का हकदार है, और वास्तविक सामाजिक प्रगति तभी संभव है जब न्याय, करुणा और समावेशिता समाज के मार्गदर्शक सिद्धांत बन जाएँ।

NSS दिल्ली की प्रभावशाली वृद्धि

उपराष्ट्रपति ने विशेष रूप से NSS दिल्ली की प्रशंसा की, जो आज दिल्ली-NCR में 25 शाखाओं और लगभग 25,000 सदस्यों के साथ एक प्रभावशाली संगठन के रूप में उभरा है। उन्होंने केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत — कलरिपयट्टू, कथकली और मोहिनीअट्टम — को संरक्षित करने के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा और सामाजिक सेवा को बढ़ावा देने में NSS दिल्ली के जीवंत कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि स्थापना के एक शताब्दी से अधिक समय बाद भी मन्नथु पद्मनाभन के आदर्श केरल की सीमाओं से बहुत आगे तक फैल चुके हैं — यह स्वयं उनकी दूरदृष्टि और NSS की संस्थागत शक्ति का प्रमाण है।

पर्यावरण संरक्षण अभियान में भागीदारी

समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रव्यापी 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत मन्नम इंटरनेशनल सेंटर परिसर में एक पौधा भी लगाया। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

समारोह में उपस्थित प्रमुख अतिथि

इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी, NSS दिल्ली के अध्यक्ष एमकेजी पिल्लई, महासचिव एमडी जयप्रकाश सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन के अंत में आह्वान किया कि मन्नथु पद्मनाभन को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी कि हम समानता, शिक्षा, करुणा, सेवा और राष्ट्रीय एकता पर आधारित समाज के निर्माण के उनके मिशन को आगे बढ़ाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या NSS जैसे संगठन उनके आदर्शों को संस्थागत रूप से जीवित रख पाते हैं। यह आयोजन केरल-केंद्रित सामुदायिक पहचान को राष्ट्रीय मंच देने की उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है, जिसमें क्षेत्रीय सुधार आंदोलनों को भारत की साझा विरासत के रूप में पुनर्स्थापित किया जा रहा है। NSS दिल्ली की 25,000 सदस्यीय उपस्थिति यह भी दर्शाती है कि प्रवासी समुदाय अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मन्नथु पद्मनाभन कौन थे?
मन्नथु पद्मनाभन केरल के प्रख्यात समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) के संस्थापक थे। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सुधार और सामुदायिक सेवा के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन कहाँ और कब हुआ?
मन्नम स्मृति मंडपम का उद्घाटन 12 जून 2026 को नई दिल्ली के द्वारका स्थित मन्नम इंटरनेशनल सेंटर में हुआ। इसे नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) दिल्ली ने स्थापित किया है।
NSS दिल्ली कितनी बड़ी संस्था है?
नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) दिल्ली दिल्ली-NCR में 25 शाखाओं और लगभग 25,000 सदस्यों के साथ कार्यरत है। यह संगठन केरल की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक सेवा में भी सक्रिय है।
'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान क्या है?
यह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान है। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने इसी अभियान के तहत मन्नम इंटरनेशनल सेंटर परिसर में पौधारोपण किया।
इस समारोह में कौन-कौन से प्रमुख अतिथि उपस्थित थे?
समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी, NSS दिल्ली के अध्यक्ष एमकेजी पिल्लई और महासचिव एमडी जयप्रकाश सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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