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क्या वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया?

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क्या वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया?

सारांश

वृंदावन में भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक दिन, जब श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर की पहली भूमि रजिस्ट्री संपन्न हुई। यह परियोजना भक्तों के लिए दर्शन को सरल और ब्रज क्षेत्र के विकास को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

कॉरिडोर निर्माण का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
भक्तों के लिए दर्शन को सरल बनाया जाएगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।
परियोजना से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
स्वेच्छा से भूमि देने वालों को भविष्य में लाभ मिलेगा।

मथुरा, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी के भक्तों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। भव्य और दिव्य ‘श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर’ के निर्माण के लिए ठोस कदम उठाते हुए भूमि की पहली रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

उच्चतम न्यायालय के आदेश पर गठित हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कॉरिडोर निर्माण की दिशा में रास्ता साफ हो गया है। यह परियोजना न केवल दर्शन को सरल बनाएगी, बल्कि समूचे ब्रज क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए बिहारीपुरा क्षेत्र की संपत्ति संख्या-25 के एक भाग (69.26 वर्ग मीटर) की रजिस्ट्री तहसीलदार सदर के पक्ष में की गई। यति गोस्वामी, अभिलाष गोस्वामी और अनिकेत गोस्वामी ने इस पुनीत कार्य के लिए अपनी भूमि का विक्रय-विलेख (सेल डीड) निष्पादित किया।

जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह और अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा के प्रयासों से हुई यह पहली रजिस्ट्री कॉरिडोर निर्माण के संकल्प को वास्तविकता में बदलने की शुरुआत है।

उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार गठित इस उच्चाधिकार प्राप्त समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार की अध्यक्षता में प्रशासन, पुलिस, पुरातत्व विभाग और गोस्वामी समाज के प्रतिनिधि शामिल हैं। समिति ने मंदिर के गोस्वामियों, सेवायतों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों के साथ निरंतर बैठकें कर सभी के सुझावों को इस योजना में शामिल किया है।

यह कॉरिडोर वृंदावन की प्राचीन दिव्यता को बनाए रखते हुए आधुनिक जरूरतों को पूरा करेगा। इस भव्य निर्माण से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान प्राप्त होगी और भक्तों के लिए दर्शन की राह आसान हो जाएगी। प्रस्तावित कॉरिडोर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित वातावरण, बैठने की व्यवस्था, पेयजल और सुगम प्रवेश-निकासी द्वार बनाए जाएंगे, जिससे संकरी गलियों में होने वाली भीड़ का दबाव कम होगा।

कॉरिडोर के निर्माण से वृंदावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा। नए होटलों, रेस्टोरेंटों और दुकानों के खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

समिति ने यह भी घोषणा की है कि जो लोग स्वेच्छा से कॉरिडोर हेतु अपनी जमीन पहले प्रदान करेंगे, उन्हें भविष्य में दी जाने वाली सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी।

अब तक श्रद्धालुओं को वृंदावन की संकरी गलियों के कारण भारी परेशानी और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ता था। कॉरिडोर बनने के बाद श्री बांके बिहारी के दर्शन अत्यंत सुलभ हो जाएंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल वृंदावन की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखेगा, बल्कि तीर्थयात्रियों की जरूरतों को भी पूरा करेगा। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस पवित्र कार्य में सभी अपना सहयोग दें, ताकि ब्रज की महिमा वैश्विक पटल पर और अधिक चमके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में भी सुधार लाएगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉरिडोर का निर्माण कब शुरू होगा?
कॉरिडोर का निर्माण जल्द ही शुरू होगा, और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या यह कॉरिडोर पर्यटकों के लिए खुला रहेगा?
हाँ, यह कॉरिडोर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खुला रहेगा, जिससे दर्शन में आसानी होगी।
क्या स्थानीय लोगों को इस परियोजना से लाभ होगा?
जी हाँ, इस परियोजना से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
क्या भूमि देने वाले लोगों को कोई लाभ मिलेगा?
हाँ, जो लोग स्वेच्छा से भूमि प्रदान करेंगे, उन्हें भविष्य में सुविधाओं में वरीयता दी जाएगी।
इस कॉरिडोर का उद्देश्य क्या है?
इस कॉरिडोर का उद्देश्य भक्तों के लिए दर्शन को सरल बनाना और ब्रज क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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