2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांके बिहारी मंदिर कमेटी की 16वीं बैठक: स्वर्ण-रजत झूला मरम्मत, अतिक्रमण और यातायात पर बड़े फैसले

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांके बिहारी मंदिर कमेटी की 16वीं बैठक: स्वर्ण-रजत झूला मरम्मत, अतिक्रमण और यातायात पर बड़े फैसले

सारांश

वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर्ड कमेटी की 16वीं बैठक में दस एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिए गए — स्वर्ण-रजत झूलों की मरम्मत से लेकर 6 जून से चल रहे अतिक्रमण अभियान और अवैध ई-रिक्शों पर सख्ती तक। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा केंद्र में रही।

मुख्य बातें

बांके बिहारी मंदिर हाई पावर्ड कमेटी की 16वीं बैठक 17 जून 2026 को वृंदावन में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
मंदिर के स्वर्ण एवं रजत झूलों, सिंहासन और सीढ़ियों की मरम्मत विशेष कारीगरों से कराए जाने की प्रगति की समीक्षा की गई।
श्री निधिवनराज की सेवा-पूजा का ठेका 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक के लिए दिए जाने का निर्णय लिया गया।
6 जून 2026 से चार टीमों के माध्यम से अतिक्रमण हटाने और मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्यवाही का अभियान जारी है।
राजस्थान के कोटा जिले में मंदिर की 15.710 हेक्टेयर भूमि से संबंधित राजस्व मंडल, अजमेर में लंबित वाद की स्थिति की समीक्षा हुई।
अवैध ई-रिक्शों पर सख्त कार्रवाई और मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए।

वृंदावन स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी जी मंदिर की हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की 16वीं बैठक मंगलवार, 17 जून 2026 को लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन सभागार, वृंदावन में संपन्न हुई। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंदिर के स्वर्ण एवं रजत झूलों की मरम्मत, अतिक्रमण उन्मूलन, यातायात प्रबंधन और खाद्य सुरक्षा सहित दस प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के पहले एजेंडे में श्याम सुंदर बेरीवाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर चर्चा हुई, जिसमें ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के स्वर्ण एवं रजत झूलों, सिंहासन और सीढ़ियों की मरम्मत का कार्य विशेष कारीगरों द्वारा कराए जाने की प्रगति की समीक्षा की गई। दूसरे एजेंडे में डिफेंडर, अलमारियों, बक्सों और लॉकरों में रखी पीली एवं सफेद धातुओं के मूल्यांकन और उन्हें बड़े लॉकर में स्थानांतरित करने संबंधी रिपोर्ट पर विचार किया गया।

तीसरे एजेंडे में मंदिर परिसर की साफ-सफाई के लिए प्राप्त निविदाओं की समीक्षा के बाद उपयुक्त निविदादाता के चयन का निर्णय लिया गया। चौथे एजेंडे में श्री निधिवनराज की सेवा-पूजा का ठेका 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक एक वर्ष की अवधि के लिए देने संबंधी निविदा पर निर्णय लिया गया।

संरचनात्मक सर्वे और भूमि विवाद

पाँचवें एजेंडे में पुरातत्वविद्, आगरा द्वारा कराए गए स्ट्रक्चर सर्वे की बिंदु संख्या-7 में दिए गए सुझावों पर विस्तृत विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए। छठे एजेंडे में राजस्थान के कोटा जिले के ग्राम किशनपुरा में मंदिर के नाम दर्ज 15.710 हेक्टेयर भूमि से संबंधित राजस्व मंडल, अजमेर में लंबित वाद की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।

सातवें बिंदु में मंदिर परिसर में पाँच वर्ष से अधिक सेवा दे चुके पुलिसकर्मियों, उपनिरीक्षकों व निरीक्षकों को कार्यमुक्त कर अन्य स्थानों पर तैनात करने के निर्देशों पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट ली गई।

यातायात, अतिक्रमण और खाद्य सुरक्षा पर कार्रवाई

आठवें एजेंडे में सम्भागीय परिवहन अधिकारी, आगरा और सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, मथुरा द्वारा वृंदावन में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए की गई प्रगति की समीक्षा हुई। नौवें बिंदु में नगर मजिस्ट्रेट, मथुरा की अध्यक्षता में गठित चार टीमों द्वारा मंदिर के आसपास की गलियों से अतिक्रमण हटाने की स्थिति जानी गई।

अपर नगर मजिस्ट्रेट राजकुमार चौधरी ने बैठक को सूचित किया कि 6 जून 2026 से चार टीमों के माध्यम से अतिक्रमण हटाने, मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्यवाही और जब्ती का अभियान चलाया जा रहा है। दसवें बिंदु में सहायक खाद्य आयुक्त, मथुरा द्वारा मंदिर के आसपास की दुकानों में खाद्य सामग्री की सैंपलिंग और उससे संबंधित कार्यवाही की प्रगति पर रिपोर्ट ली गई।

अध्यक्ष के निर्देश

अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सतेंद्र कुमार सिंह को अवैध ई-रिक्शों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सहायक निदेशक, खाद्य सुरक्षा धीरेंद्र प्रताप सिंह को मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

अध्यक्ष ने कहा, 'श्री बांके बिहारी जी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुविधाजनक, स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने के लिए समिति निरंतर प्रयासरत है। यातायात प्रबंधन, अतिक्रमण मुक्ति और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर सख्ती से कार्य किया जा रहा है।'

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) मुकेश मिश्रा, जिला मजिस्ट्रेट चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, नगर आयुक्त जग प्रवेश, एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन, राजभोग समूह के शैलेंद्र गोस्वामी एवं रजत गोस्वामी तथा शयनभोग समूह के गोपेश गोस्वामी और हिमांशु गोस्वामी उपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब वृंदावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र मंदिर प्रशासन पर व्यवस्था सुधारने का दबाव लगातार बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर ज़मीनी प्रशासन (अतिक्रमण, अवैध ई-रिक्शे, मिलावट)। गौरतलब है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान 6 जून 2026 से चल रहा है, फिर भी यह बैठक के एजेंडे में बना हुआ है — जो क्रियान्वयन की निरंतर चुनौती को रेखांकित करता है। राजस्थान में 15.710 हेक्टेयर भूमि का लंबित वाद बताता है कि मंदिर प्रशासन के सामने कानूनी मोर्चे पर भी काम बाकी है। जब तक इन मुद्दों पर समयबद्ध जवाबदेही तय नहीं होती, बैठकें संकल्पों की सूची बनाती रहेंगी, परिणाम नहीं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांके बिहारी मंदिर हाई पावर्ड कमेटी की 16वीं बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 17 जून 2026 को वृंदावन स्थित लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन सभागार में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में दस प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा और निर्णय लिए गए।
बांके बिहारी मंदिर के स्वर्ण और रजत झूलों की मरम्मत का क्या निर्णय हुआ?
बैठक में श्याम सुंदर बेरीवाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज के स्वर्ण एवं रजत झूलों, सिंहासन और सीढ़ियों की मरम्मत विशेष कारीगरों से कराए जाने की प्रगति की समीक्षा की गई और कार्य को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
वृंदावन में अतिक्रमण हटाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
नगर मजिस्ट्रेट, मथुरा की अध्यक्षता में गठित चार टीमें 6 जून 2026 से मंदिर के आसपास की गलियों में अतिक्रमण हटाने, मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्यवाही और जब्ती का अभियान चला रही हैं। बैठक में इस अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई और इसे जारी रखने के निर्देश दिए गए।
श्री निधिवनराज की सेवा-पूजा के ठेके के बारे में क्या निर्णय हुआ?
बैठक में श्री निधिवनराज की सेवा-पूजा का ठेका 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक एक वर्ष की अवधि के लिए देने संबंधी निविदा पर विचार कर निर्णय लिया गया।
राजस्थान में बांके बिहारी मंदिर की भूमि से संबंधित विवाद क्या है?
राजस्थान के कोटा जिले के ग्राम किशनपुरा में मंदिर के नाम दर्ज 15.710 हेक्टेयर भूमि से संबंधित एक वाद राजस्व मंडल, अजमेर में लंबित है। बैठक में इस वाद की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले