मुंबई: वॉचमैन मनोज यादव की हत्या में 5 गिरफ्तार, ढाई साल पुरानी लूट की साजिश का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के विले पार्ले स्थित अभिजीत रेजिडेंशियल बिल्डिंग में नाइट ड्यूटी पर तैनात वॉचमैन मनोज यादव की हत्या के सिलसिले में जुहू पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह महज एक चोरी की वारदात नहीं थी — बल्कि ढाई साल तक बुनी गई एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें एक कारोबारी परिवार की हत्या और लूट की योजना थी।
साजिश की जड़ें: रसोइये ने देखा था कैश, तभी रची थी योजना
साजिश का मास्टरमाइंड जोगेश्वर मलिक है, जो बिहार के मधुबनी का रहने वाला है और पिछले 10 वर्षों से उस कारोबारी के यहाँ रसोइये के रूप में काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, मलिक ने कारोबारी की अलमारी में रखा नकद और कीमती सामान देखा था और तभी से उसे हड़पने की योजना बनाने लगा था।
मलिक ने विजय गोंजारे को अपना साथी बनाया, जो एक प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म निर्देशक का ड्राइवर है। दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे — गोंजारे पहले जुहू की उसी बिल्डिंग में काम करता था जहाँ फिल्म निर्देशक और मलिक के नियोक्ता रहते थे, बाद में वह विले पार्ले (पश्चिम) शिफ्ट हो गया।
पकड़े जाने के डर से बंद की मोबाइल पर बात
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पकड़े जाने के भय से 6 महीने पहले ही मोबाइल फोन पर बातचीत बंद कर दी थी। इसके बजाय वे हर रात करीब 9.30 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद जुहू में अलग-अलग स्थानों पर आमने-सामने मिलते थे। मलिक ने कारोबारी के फ्लैट की डुप्लिकेट चाबी भी बनवाई थी।
योजना के तहत मलिक ने गोंजारे को 3 और साथी जुटाने को कहा। यह तय हुआ था कि लूट का 50 प्रतिशत मलिक को मिलेगा और शेष 50 प्रतिशत बाकी चारों में बाँटा जाएगा।
वारदात की रात: शराब में मिलाया नशीला पदार्थ, फिर गला दबाया
वारदात से एक दिन पहले गोंजारे ने तीनों साथियों का परिचय वॉचमैन मनोज यादव से कराया और उनका भरोसा जीतने के लिए उन्हें ₹500 दिए। यह भी कहा कि वे अगले दिन पार्टी के लिए आएंगे।
1 अगस्त की रात चारों आरोपी बिल्डिंग में इकट्ठा हुए और मनोज यादव के साथ शराब पी। उनकी शराब में नशीला पदार्थ मिला दिया गया था, लेकिन जब उसका असर कम हुआ तो आरोपियों ने गला दबाकर मनोज यादव की हत्या कर दी। उनके हाथ पीछे बाँधकर शव को पानी की टंकी में डालकर ढक्कन बंद कर दिया गया।
2 अगस्त को सुबह 4.30 बजे गोंजारे और तीनों साथी छठी मंजिल पर पहुँचे और डुप्लिकेट चाबी से कारोबारी के फ्लैट का ताला खोलने की कोशिश की। ताला न खुलने पर सभी मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास हथौड़े भी थे, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके।
हत्या का भंडाफोड़: रिलीव करने आए गार्ड ने देखा शव
2 अगस्त को जब रिलीव करने आए सिक्योरिटी गार्ड ने मनोज यादव का शव देखा, तब पुलिस को सूचना दी गई और हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को लगा था कि वे बिना पकड़े वारदात को अंजाम दे देंगे, क्योंकि 10 मंजिला बिल्डिंग में केवल 3 परिवार रहते थे — पहली दो मंजिलों पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान थे और अधिकांश आवासीय फ्लैट रीडेवलपमेंट परियोजना के चलते खाली थे।
जब पुलिस ने मलिक को हिरासत में लिया, तो उसके नियोक्ता उसके बचाव में आ गए। पुलिस के अनुसार, नियोक्ता को यह जानकारी ही नहीं थी कि साजिश असल में उनके पूरे परिवार की हत्या और लूट की थी।
आरोपियों का कबूलनामा और आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, मलिक और गोंजारे दोनों ने ढाई साल से इस अपराध की योजना बनाने की बात कबूल की है। जुहू पुलिस ने सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जाँच जारी है। यह मामला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि घरेलू कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जाँच और आवासीय सुरक्षा व्यवस्था को कितना मजबूत बनाने की आवश्यकता है।