इटावा पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: पंखिया गैंग के सरगना समेत 6 गिरफ्तार, 12 जिलों में 86 मामले दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की इटावा पुलिस ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को इकदिल इलाके में मुठभेड़ के बाद कुख्यात पंखिया गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिसमें गैंग का सरगना भी शामिल है। गिरफ्तार सभी आरोपी बदायूं जिले के निवासी हैं और इनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में कुल 86 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मुठभेड़ और बरामदगी का विवरण
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप), सर्विलांस टीम और दावाने पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ये अंतरजनपदीय गैंग के सदस्य पकड़े गए। उन्होंने कहा कि यह अभियान अपराधियों के खिलाफ लगातार जारी मुहिम का हिस्सा है।
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 136 ग्राम सोना, 1 किलोग्राम 321 ग्राम चांदी के बिस्किट, 307 ग्राम चांदी के आभूषण, ₹32,250 नकद, 2 अवैध तमंचे, भारी मात्रा में कारतूस, एक चोरी की कार और 1 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद कार का संबंध 7 अगस्त 2026 को थाना इकदिल क्षेत्र में हुई चोरी की घटना और थाना उसहैत क्षेत्र में हुई एक अन्य चोरी से जुड़ा बताया जा रहा है।
आरोपियों ने स्वीकारे अपराध
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने 7 अगस्त 2026 को थाना इकदिल क्षेत्र में एक घर में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी की चोरी करने की बात स्वीकार की है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों ने उसहैत थाना क्षेत्र स्थित एक गायत्री शक्ति पीठ में चोरी करने की बात भी कबूल की है।
एसएसपी श्रीवास्तव ने इन दोनों घटनाओं को 'बेहद चुनौतीपूर्ण' करार दिया और सर्विलांस एवं एसओजी टीम की सराहना की। उन्होंने घोषणा की कि इस कार्रवाई में शामिल पूरी पुलिस टीम को ₹25,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
गैंग का आपराधिक इतिहास
एसएसपी के अनुसार, पंखिया गैंग के इन सदस्यों के खिलाफ बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, मुजफ्फरनगर, सीतापुर, लखनऊ, फिरोजाबाद, कुशीनगर, कन्नौज, फतेहगढ़, पीलीभीत और बरेली जिलों में चोरी, नकबजनी, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आम एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। यह तथ्य गैंग की व्यापक अंतरजनपदीय पहुँच को उजागर करता है।
गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश पुलिस राज्यभर में संगठित अपराध नेटवर्क के विरुद्ध विशेष अभियान चला रही है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस आरोपियों से पूछताछ जारी रखे हुए है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ भी संभव बताई जा रही हैं।