सीआर पाटिल ने जल संरक्षण की दिशा में उद्योगों की भूमिका पर जोर दिया

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सीआर पाटिल ने जल संरक्षण की दिशा में उद्योगों की भूमिका पर जोर दिया

सारांश

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026 में जल प्रबंधन के नवाचार और उद्योगों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने जल के कुशल उपयोग के लिए जनभागीदारी के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

Key Takeaways

  • उद्योगों को जल संरक्षक बनने की आवश्यकता है।
  • जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देश ग्रामीण विकास में सहायक हैं।
  • जल महोत्सव ने जनभागीदारी को बढ़ावा दिया है।
  • जल शक्ति हैकाथॉन ने नवोन्मेष को सम्मानित किया।
  • जल प्रबंधन में सहकारी संघवाद का महत्व बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने रविवार को विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026 का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सतत जल प्रबंधन और उद्योगों के द्वारा जल के उचित उपयोग हेतु नवाचार और सहयोग पर चर्चा की।

इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'जल के लिए उद्योग' था, जिसका उद्देश्य उद्योगों को जल के कुशल उपयोग, रीसाइक्लिंग, पुनः उपयोग और नवाचार के प्रमुख वाहक के रूप में स्थापित करना था।

इस कार्यक्रम में नीति निर्माता, उद्योगपति, शिक्षाविद, स्टार्टअप, लघु एवं मध्यम उद्यम और युवा नवोन्मेषक एकत्रित हुए और ऐसे समाधानों पर चर्चा की जो व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकें और प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रभावी हों।

सम्मेलन में 700 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें एक महत्वपूर्ण परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसके तहत उद्योग अब केवल जल उपभोक्ता नहीं, बल्कि जल संरक्षक बन रहे हैं और अधिक समझदारी और टिकाऊ तरीकों को अपना रहे हैं।

पाटिल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में, इस वर्ष 8 से 22 मार्च तक आयोजित जल महोत्सव एक व्यापक राष्ट्रीय जन अभियान में विकसित हो गया है।

उन्होंने कहा, "ग्राम पंचायत स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर तक जल संरक्षण, जनभागीदारी और जल अर्पण जैसे प्रयासों ने इसे एक शक्तिशाली जन आंदोलन का रूप दे दिया है। सम्मेलन में जारी 'जल जीवन मिशन 2.0' के संचालन संबंधी दिशा-निर्देश ग्रामीण पेयजल क्षेत्र में ढांचागत सुधारों की दिशा तय करते हैं। इनका मुख्य ध्यान नियमित और सुनिश्चित जल सेवाओं, जवाबदेही और दीर्घकालिक स्थिरता पर है।"

उन्होंने कहा कि सेवा आधारित दृष्टिकोण, जल सेवा मूल्यांकन, डिजिटल मैपिंग और 'सुजल ग्राम आईडी' जैसी पहल ग्राम पंचायतों और समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

जल शक्ति मंत्री ने कहा कि जल महोत्सव 2026 के दौरान नौ राज्यों के साथ संपन्न हुए सुधार संबंधी समझौता ज्ञापन इस बात का प्रतीक है कि जल प्रबंधन को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद की भावना लगातार मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा, "आज का 'सुजल ग्राम संवाद' इस बात का पुख्ता सबूत है कि जल जीवन मिशन अब केवल एक योजना नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से प्रेरित एक राष्ट्रीय संकल्प के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां प्रत्येक नागरिक जल संरक्षण में भागीदार और संरक्षक बनकर राष्ट्र के लिए जल-सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।"

इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण जल शक्ति हैकाथॉन के विजेताओं का अभिनंदन था, जिसमें जल क्षेत्र में नवोन्मेषी और प्रभावशाली समाधानों को मान्यता दी गई।

राज्य सरकारों ने विशेष रूप से जनगणना-केंद्रित सत्र में भाग लिया, जिसमें प्रमुख राष्ट्रीय जल जनगणना रिपोर्टों के पूरा होने और जारी होने के उपलक्ष्य में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया, जो आंकड़ों पर आधारित जल शासन के महत्व को रेखांकित करता है।

उद्घाटन सत्र में सातवीं लघु सिंचाई जनगणना, जल निकायों की दूसरी जनगणना; झरनों की पहली जनगणना; प्रमुख और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की पहली जनगणना, राष्ट्रीय जल डेटा नीति और तकनीकी एवं विषयगत प्रकाशनों का भी विमोचन किया गया।

Point of View

जो कि न केवल जल का उपयोग करते हैं, बल्कि जल संरक्षण में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। यह एक सकारात्मक संकेत है कि जल संकट के समाधान के लिए सभी स्तरों पर सहयोग की आवश्यकता है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

विश्व जल दिवस सम्मेलन 2026 का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य उद्योगों को जल के कुशल उपयोग और रीसाइक्लिंग के लिए नवाचार के मुख्य वाहक के रूप में स्थापित करना था।
जल शक्ति मंत्री ने जल संरक्षण के लिए क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उद्योगों को जल उपभोक्ता के बजाय जल संरक्षक बनना चाहिए।
इस सम्मेलन में कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
इस सम्मेलन में 700 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देश क्या हैं?
इन दिशा-निर्देशों का ध्यान ग्रामीण पेयजल क्षेत्र में ढांचागत सुधारों पर है।
जल शक्ति हैकाथॉन का क्या महत्व है?
यह जल क्षेत्र में नवोन्मेषी समाधानों को मान्यता देने का एक मंच है।
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