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जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा: 'जल सभ्यता और विकास की पहचान', 315+ R&D परियोजनाएं शुरू

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जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा: 'जल सभ्यता और विकास की पहचान', 315+ R&D परियोजनाएं शुरू

सारांश

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने नई दिल्ली में 500 हितधारकों की राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए अनुसंधान, नवाचार और जन भागीदारी के त्रिपक्षीय मॉडल का आह्वान किया। 315+ R&D परियोजनाएं और 1.5 करोड़ जल संरक्षण संरचनाएं — यह भारत की जल सुरक्षा रणनीति का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने नई दिल्ली में जल क्षेत्र की राष्ट्रीय R&D कार्यशाला का उद्घाटन किया।
कार्यशाला में सरकार, उद्योग, SME और स्टार्टअप्स समेत 500 से अधिक हितधारक शामिल हुए।
जल क्षेत्र में 315 से अधिक R&D परियोजनाएं शुरू; मंत्रालय द्वारा सीधे 113 परियोजनाओं को समर्थन।
JSJB अभियान के तहत देशभर में 1.5 करोड़ से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं स्थापित।
JSJB:CTR पोर्टल लॉन्च — नागरिकों, NGO और उद्योगों की भागीदारी से जल संरक्षण को मज़बूत करने की पहल।
राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विकसित भारत 2047 के लिए समग्र राष्ट्रीय जल दृष्टिकोण पर ज़ोर दिया।

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 2 जून 2025 को नई दिल्ली में जल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि 'जल हमारी सभ्यता और विकास की पहचान है।' उन्होंने उभरती जल चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और जन भागीदारी के त्रिपक्षीय दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला में किसने लिया भाग

इस राष्ट्रीय कार्यशाला में सरकार, शिक्षा जगत, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स से जुड़े 500 से अधिक हितधारक उपस्थित रहे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह, जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, अंतरिक्ष विभाग के सचिव एवं इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन तथा ANRF के सीईओ समेत वरिष्ठ वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर मौजूद थे।

मुख्य घोषणाएं और उपलब्धियां

पाटिल ने बताया कि जल क्षेत्र में अब तक 315 से अधिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं शुरू की जा चुकी हैं, जिनमें मंत्रालय द्वारा सीधे समर्थित 113 परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने जल संचय जन भागीदारी (JSJB) अभियान की सफलता का भी उल्लेख किया, जिसके तहत देशभर में 1.5 करोड़ से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं की स्थापना की गई है।

इसके साथ ही उन्होंने जल संचय जन भागीदारी: कैच द रेन (JSJB:CTR) पोर्टल के शुभारंभ की घोषणा की। यह पोर्टल नागरिकों, उद्योगों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी एजेंसियों की सहभागिता के ज़रिए समुदाय-आधारित जल संरक्षण को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

भू-स्थानिक तकनीक की भूमिका

पाटिल ने वैज्ञानिक जल प्रबंधन और जल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक साझेदारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। यह ऐसे समय में आया है जब जलवायु परिवर्तन के कारण देश के कई हिस्सों में जल संकट गहराता जा रहा है।

विकसित भारत 2047 से जुड़ाव

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए शिक्षा जगत, उद्योग, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स को एकजुट करने वाले समग्र राष्ट्रीय दृष्टिकोण की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। गौरतलब है कि जल सुरक्षा को अब राष्ट्रीय विकास एजेंडे के केंद्र में रखा जा रहा है, और इस कार्यशाला को उसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन परियोजनाओं के ज़मीनी नतीजे क्या रहे हैं और भूजल स्तर में गिरावट की दर पर इनका कितना असर पड़ा। JSJB:CTR पोर्टल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नागरिक भागीदारी को केवल डेटा संग्रह तक सीमित न रखकर नीतिगत फैसलों से कितना जोड़ा जाता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ जल सुरक्षा को जोड़ना सही दिशा है, लेकिन भू-स्थानिक तकनीक और स्टार्टअप भागीदारी के वादे तभी अर्थपूर्ण होंगे जब इनके लिए स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र स्थापित किया जाए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल क्षेत्र R&D राष्ट्रीय कार्यशाला क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला है जिसका उद्देश्य जल सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन प्राप्त करने के लिए सरकार, शिक्षाविदों, उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच समन्वय बनाना है। इसमें 500 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया।
जल शक्ति मंत्रालय ने अब तक कितनी R&D परियोजनाएं शुरू की हैं?
जल क्षेत्र में 315 से अधिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें मंत्रालय द्वारा सीधे समर्थित 113 परियोजनाएं शामिल हैं।
JSJB:CTR पोर्टल क्या है और यह कैसे काम करेगा?
जल संचय जन भागीदारी: कैच द रेन (JSJB:CTR) पोर्टल एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल पहल है जो नागरिकों, उद्योगों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी एजेंसियों की भागीदारी के ज़रिए समुदाय-आधारित जल संरक्षण को मज़बूत करने के लिए शुरू की गई है।
जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत क्या हासिल किया गया है?
JSJB अभियान के तहत देशभर में 1.5 करोड़ से अधिक जल संरक्षण संरचनाओं की स्थापना की गई है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जल संचयन को बढ़ावा देती हैं।
इस कार्यशाला का विकसित भारत 2047 से क्या संबंध है?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कार्यशाला में कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए शिक्षा जगत, उद्योग, SME और स्टार्टअप्स को शामिल करते हुए एक समग्र राष्ट्रीय जल दृष्टिकोण अपनाना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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