यज्ञ आयोजनों से सनातन संस्कृति में आस्था को मिली मजबूती: मुख्यमंत्री मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- यज्ञ से सनातन संस्कृति में आस्था बढ़ती है।
- मुख्यमंत्री ने यज्ञ में भाग लेकर जनता की सेवा की प्रेरणा दी।
- सहस्त्र चंडी महायज्ञ में 3200 श्रद्धालु शामिल हुए।
- संबल योजना के तहत 620 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया गया।
- नवरात्रि के अवसर पर हनुमान लोक का लोकार्पण किया गया।
छिंदवाड़ा, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यज्ञ जैसे आयोजनों से सनातन संस्कृति के प्रति आस्था और भी प्रबल होती है। इससे जनता की सेवा करने की सात्विक प्रेरणा मिलती है।
सिहोरामाल स्थित रामेश्वरम धाम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यज्ञ का महत्व सनातन संस्कृति में सर्वोच्च है। इसके माध्यम से देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन धन्य हो जाता है। यज्ञ में शामिल होकर व्यक्ति अपने अज्ञान में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगता है और यश, सुख तथा समृद्धि की कामना करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नवरात्रि के पावन अवसर पर हनुमान लोक का लोकार्पण भी हुआ है। मध्यप्रदेश में सनातन संस्कृति का यह मार्ग निरंतर इस प्रकार चलता रहेगा। सहस्त्र चंडी महायज्ञ में उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में बड़े पुण्य और देवताओं की कृपा से मनुष्य का शरीर प्राप्त होता है, जो पंचतत्व से बना होता है। इसमें पांच कर्मेन्द्रियां और पांच ज्ञानेन्द्रियां होती हैं। इन दस इंद्रियों से लगातार सात्विक भाव से कार्य करने पर सात्विक शक्ति उत्पन्न होती है।
मुख्यमंत्री यादव अपनी पत्नी के साथ सहस्त्र चंडी महायज्ञ में शामिल हुए और लगभग 3200 श्रद्धालुओं के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए यज्ञ में पूर्णाहुति दी।
इधर, छिंदवाड़ा जिले में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से संबल योजना समेत अन्य योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में 620 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया।