30 जून 2026
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यमुना प्राधिकरण ने 8 उद्योगों को सौंपे लेटर ऑफ इंटेंट, ₹3,181 करोड़ निवेश से 18,126 रोजगार का लक्ष्य

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यमुना प्राधिकरण ने 8 उद्योगों को सौंपे लेटर ऑफ इंटेंट, ₹3,181 करोड़ निवेश से 18,126 रोजगार का लक्ष्य

सारांश

यमुना प्राधिकरण ने एक ही दिन में 8 कंपनियों को LOI सौंपकर ₹3,181 करोड़ का निवेश सुनिश्चित किया और 18,126 नौकरियों का रास्ता खोला। अकेले मदरसन इंटरनेशनल 50 एकड़ पर ₹1,156 करोड़ लगाएगी। यमुना कॉरिडोर अब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर तेज़ी से उभर रहा है।

मुख्य बातें

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 30 जून 2026 को 8 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपे।
कुल अनुमानित निवेश ₹3,181.20 करोड़ ; 18,126 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का लक्ष्य।
सबसे बड़ा निवेशक मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड — ₹1,156 करोड़ , 50 एकड़ , 8,000 रोजगार ।
परियोजनाएँ ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण, फूड प्रोसेसिंग, कॉस्मेटिक्स और PCB निर्माण क्षेत्रों में।
CEO राकेश कुमार सिंह ने पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण की प्रतिबद्धता दोहराई।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने 30 जून 2026 को ग्रेटर नोएडा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आठ औद्योगिक निवेशकों को भूमि आवंटन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) सौंपे। इन परियोजनाओं के ज़रिये क्षेत्र में ₹3,181.20 करोड़ का निवेश आने और 18,126 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

मुख्य घटनाक्रम

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राकेश कुमार सिंह ने LOI वितरण समारोह में निवेशकों को पत्र सौंपे। इस अवसर पर अपर CEO एवं निवेश प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी शैलेन्द्र कुमार भाटिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और निवेशक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ये परियोजनाएँ ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण, फूड प्रोसेसिंग, कॉस्मेटिक्स, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) निर्माण और स्टील फर्नीचर जैसे विविध क्षेत्रों में स्थापित की जाएंगी।

सबसे बड़ा निवेश: मदरसन इंटरनेशनल

इस दौर का सबसे बड़ा निवेश मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। कंपनी को सेक्टर-8डी में 50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ वह ₹1,156 करोड़ के निवेश से ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस अकेली परियोजना से करीब 8,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।

अन्य प्रमुख परियोजनाएँ

बालर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड को 8 एकड़ भूमि पर ₹300 करोड़ के निवेश से इंटीग्रेटेड स्मार्ट इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग एवं निर्यातोन्मुख इकाई स्थापित करनी है, जिससे करीब 1,500 रोजगार सृजित होंगे। त्रिवेणी अलमारियों प्राइवेट लिमिटेड 10 एकड़ पर ₹375 करोड़ के निवेश से स्टील अलमारी और स्टील फर्नीचर इकाई लगाएगी, जिससे 458 लोगों को रोजगार मिलेगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आनन्दित हेल्थकेयर को 8 एकड़ भूमि पर ₹500 करोड़ के निवेश से मेडिकल एवं हेल्थकेयर ग्लव्स निर्माण इकाई स्थापित करनी है, जिससे करीब 750 रोजगार उपलब्ध होंगे। फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में क्रिस्पी सिटी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को 4 एकड़ पर ₹122 करोड़ के निवेश से फूड प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग यूनिट लगानी है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

इनोवेक्स प्रोडक्ट्स एलएलपी 3 एकड़ पर ₹140 करोड़ के निवेश से फूड प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग इकाई स्थापित करेगी, जिससे करीब 2,000 रोजगार सृजित होंगे। कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर उत्पाद क्षेत्र में ए जी ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड को 3 एकड़ भूमि पर ₹259.90 करोड़ के निवेश से इकाई स्थापित करनी है, जिससे 1,118 लोगों को रोजगार मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में अपार इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 2.5 एकड़ भूमि पर ₹29.30 करोड़ के निवेश से PCB एवं इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स निर्माण इकाई लगानी है, जिससे करीब 300 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

प्राधिकरण की प्रतिक्रिया

CEO राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यमुना प्राधिकरण निवेशकों को पारदर्शी, त्वरित और उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति के तहत प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना और फिल्म सिटी जैसी बड़ी परियोजनाओं के चलते पहले से ही निवेशकों की रुचि बढ़ी हुई है। LOI मिलने के बाद निवेशकों को निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य शुरू करना होगा, जिससे रोजगार सृजन की वास्तविक समयरेखा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

181 करोड़ का यह निवेश पैकेज आँकड़ों में प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी LOI से ज़मीनी उत्पादन तक की यात्रा होगी — जो भारतीय औद्योगिक गलियारों में अक्सर अपेक्षा से लंबी खिंचती है। मदरसन इंटरनेशनल जैसी स्थापित कंपनी की उपस्थिति विश्वसनीयता देती है, लेकिन 18,126 'प्रत्यक्ष रोजगार' का अनुमान प्राधिकरण का अपना प्रक्षेपण है, स्वतंत्र सत्यापन नहीं। यमुना कॉरिडोर में नोएडा एयरपोर्ट और फिल्म सिटी की आमद से निवेशकों की रुचि वास्तविक है, पर रोजगार के वादे तभी अर्थपूर्ण होंगे जब निर्माण और परिचालन की समयसीमा सार्वजनिक रूप से जवाबदेह बनाई जाए।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना प्राधिकरण ने किन 8 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपे?
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड, बालर मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, त्रिवेणी अलमारियों प्राइवेट लिमिटेड, आनन्दित हेल्थकेयर, क्रिस्पी सिटी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, इनोवेक्स प्रोडक्ट्स एलएलपी, ए जी ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड और अपार इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को 30 जून 2026 को LOI सौंपे।
इन परियोजनाओं से कितना निवेश और कितने रोजगार मिलेंगे?
प्राधिकरण के अनुसार, आठों परियोजनाओं से कुल ₹3,181.20 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 18,126 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। ये अनुमान प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों पर आधारित हैं।
मदरसन इंटरनेशनल यमुना कॉरिडोर में क्या स्थापित करेगी?
मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड सेक्टर-8डी में 50 एकड़ भूमि पर ₹1,156 करोड़ के निवेश से ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना से करीब 8,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
इन परियोजनाओं में कौन-कौन से औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं?
इन आठ परियोजनाओं में ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण, फूड प्रोसेसिंग, कॉस्मेटिक्स एवं पर्सनल केयर, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) निर्माण और स्टील फर्नीचर जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र को औद्योगिक हब कैसे बना रहा है?
YEIDA पारदर्शी भूमि आवंटन प्रक्रिया, त्वरित LOI वितरण और उद्योग-अनुकूल वातावरण के ज़रिये निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और फिल्म सिटी जैसी बड़ी परियोजनाओं के साथ यमुना कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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