10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर CJI सूर्यकांत बोले — व्यस्त कार्यक्रम में भी योग दिखाता है सेहत का रास्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर CJI सूर्यकांत बोले — व्यस्त कार्यक्रम में भी योग दिखाता है सेहत का रास्ता

सारांश

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सर्वोच्च न्यायालय परिसर में स्पष्ट संदेश दिया — योग केवल लचीलेपन का खेल नहीं, बल्कि न्यायिक दबाव में मानसिक संतुलन बनाए रखने का स्थायी ढाँचा है। इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' रही।

मुख्य बातें

CJI न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 21 जून 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर, नई दिल्ली में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को संबोधित किया।
उन्होंने योग को मन, शरीर और आत्मा के बीच स्थायी सामंजस्य का व्यावहारिक माध्यम बताया।
CJI ने स्वीकार किया कि वे स्वयं योग सीख रहे हैं और कहा कि कुछ मिनट की सचेत श्वास भी तनाव प्रबंधन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' रही, जो सभी आयु वर्गों के लिए योग की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, योग संतुलन, लचीलापन, शक्ति और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 21 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक स्थायी ढाँचा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि मानसिक संतुलन के लिए भी उतना ही आवश्यक है — विशेषकर उच्च दबाव वाले पेशेवर परिवेश में।

भारतीय सभ्यता की विरासत

CJI सूर्यकांत ने योग को भारत की सभ्यतागत विरासत का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने कहा, 'हम वास्तव में भारतीय विरासत के एक महत्वपूर्ण हिस्से का उत्सव मना रहे हैं। सदियों से हमारी सभ्यता की समझ ने इस बात पर बल दिया है कि सच्ची वेलनेस केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है — यह मन, शरीर और आत्मा के बीच तालमेल के बारे में है।' उनके अनुसार, योग इसी सोच का व्यावहारिक माध्यम है, जो अस्त-व्यस्त आधुनिक जीवन में शांति की तलाश करने वालों को एक स्थायी मार्ग देता है।

न्यायपालिका में काम का दबाव और योग की भूमिका

न्यायपालिका में कार्य की जटिल प्रकृति का उल्लेख करते हुए CJI ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री के कर्मचारियों को प्रतिदिन अत्यधिक काम, कड़ी समय-सीमाओं और न्याय-प्रशासन के निरंतर दबाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह माहौल मानसिक स्पष्टता और शारीरिक ऊर्जा दोनों को प्रभावित करता है। उनके अनुसार, ऐसे परिवेश में योग एक प्रभावशाली समाधान के रूप में उभर सकता है।

गलतफहमी और व्यावहारिक सच्चाई

CJI सूर्यकांत ने एक प्रचलित भ्रांति को भी दूर किया। उन्होंने कहा, 'यह एक आम गलतफहमी है कि योग के लिए पूर्ण लचीलापन या घंटों का खाली समय चाहिए। मैं स्वयं भी योग सीख रहा हूँ, फिर भी पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि कुछ मिनट सचेत श्वास लेना या बुनियादी स्ट्रेचिंग भी तनाव प्रबंधन को काफी हद तक बदल सकती है।' उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन), स्ट्रेचिंग और माइंडफुल ब्रीदिंग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।

निरंतरता ही असली कुंजी

CJI ने इस बात पर विशेष बल दिया कि योग के वास्तविक लाभ कभी-कभार अभ्यास से नहीं, बल्कि नियमितता से मिलते हैं। उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बदलाव का एक सुनहरा अवसर है — मैट पर कदम रखने और इसे नियमित आदत बनाने का क्षण। असली फायदे साल में एक बार के अभ्यास से नहीं, बल्कि लगातार अभ्यास से आते हैं।' उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे आज के सत्र के अनुभव को अपने कार्यस्थल और घर तक ले जाएँ और स्वास्थ्य एवं माइंडफुलनेस को प्रतिदिन प्राथमिकता दें।

इस वर्ष की थीम और संयुक्त राष्ट्र का दृष्टिकोण

इस वर्ष के 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) रही, जो सभी आयु वर्गों में योग की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, योग संतुलन, लचीलापन, शक्ति और गतिशीलता को बेहतर बनाकर स्वस्थ उम्र बढ़ने में सहायक हो सकता है। इसके साथ ही, गतिविधि, स्ट्रेचिंग, श्वास व्यायाम और माइंडफुलनेस के संयोजन से मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम के अंत में CJI ने सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री टीम को आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कार्यस्थल की प्राथमिकता मानता है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि न्यायपालिका में लंबित मामलों का बोझ और कर्मचारियों पर काम का दबाव एक संरचनात्मक समस्या है — जिसे केवल माइंडफुल ब्रीदिंग से नहीं सुलझाया जा सकता। CJI की यह स्वीकारोक्ति कि वे स्वयं योग सीख रहे हैं, संवेदनशील और विश्वसनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या न्यायिक संस्थाएँ कर्मचारी कल्याण को नीतिगत स्तर पर भी उतनी ही गंभीरता से लेती हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CJI सूर्यकांत ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा के बीच तालमेल का स्थायी ढाँचा है और उच्च दबाव वाले पेशेवर माहौल में यह तनाव प्रबंधन का सबसे प्रभावी साधन हो सकता है। उन्होंने कर्मचारियों को ध्यान, स्ट्रेचिंग और माइंडफुल ब्रीदिंग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी।
2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम क्या थी?
इस वर्ष 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) रही। यह थीम सभी आयु वर्गों में योग की प्रासंगिकता और स्वास्थ्य लाभों को रेखांकित करती है।
क्या योग के लिए घंटों का समय और पूरी लचीलापन जरूरी है?
CJI सूर्यकांत के अनुसार, यह एक आम गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि कुछ मिनट की सचेत श्वास या बुनियादी स्ट्रेचिंग भी तनाव प्रबंधन में बड़ा बदलाव ला सकती है। नियमित अभ्यास ही योग का असली लाभ देता है, न कि कभी-कभार का प्रयास।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार योग स्वस्थ उम्र बढ़ने में कैसे मदद करता है?
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, योग संतुलन, लचीलापन, शक्ति और गतिशीलता को बेहतर बनाकर स्वस्थ उम्र बढ़ने में सहायक है। इसके साथ ही, गतिविधि, स्ट्रेचिंग, श्वास व्यायाम और माइंडफुलनेस के संयोजन से मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलता है।
सर्वोच्च न्यायालय में योग दिवस का आयोजन कहाँ हुआ?
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक भवन परिसर में 21 जून 2026 को किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री टीम ने किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 साल पहले