6 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

योगी सरकार ने 10 लाख से अधिक युवाओं को दी पारदर्शी भर्ती, मंत्री दानिश आजाद का दावा — 2017 से पहले चलता था घूस-घोटाला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
योगी सरकार ने 10 लाख से अधिक युवाओं को दी पारदर्शी भर्ती, मंत्री दानिश आजाद का दावा — 2017 से पहले चलता था घूस-घोटाला

सारांश

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में यूपी मंत्री दानिश आजाद ने दावा किया कि योगी सरकार ने 2017 के बाद 10 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी भर्ती से नौकरी दी — साथ ही सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 'अंधेरा' केवल भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के घर में है।

मुख्य बातें

यूपी मंत्री दानिश आजाद ने 6 नवंबर 2026 को लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में दावा किया।
योगी सरकार ने 2017 के बाद 10 लाख से अधिक युवाओं को बिना वित्तीय लेनदेन के सरकारी नौकरी दी — मंत्री का दावा।
2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में घूस और घोटाला होने का आरोप लगाया।
समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना — कहा, 'अंधेरा भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के घर में है।' मंत्री ने पूर्वांचल का उदाहरण देकर बताया कि पहले बिजली आना उत्सव था, अब 23-24 घंटे बिजली मिल रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद ने 6 नवंबर 2026 को लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 10 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी वित्तीय लेनदेन के सरकारी नौकरियाँ प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों में भ्रष्टाचार और घोटाले आम बात थी, जो अब समाप्त हो चुकी है।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में बड़ा दावा

मंत्री दानिश आजाद ने समारोह में कहा, 'उत्तर प्रदेश की हमारी योगी सरकार नौजवानों की सरकार है। जिस तरीके से 2017 के बाद उत्तर प्रदेश के नौजवानों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगी सरकार ने काम किया है, यह अभूतपूर्व है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश और आज के उत्तर प्रदेश की तुलना करना इस समय सबसे ज़रूरी है।

आज़ाद ने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों का बंदरबांट होता था और बोलियाँ लगती थीं, लेकिन अब प्रतिभाशाली और सक्षम युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार, दस लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरियों से जोड़ा गया है और किसी भी नियुक्ति में पैसे लेने का कोई मामला सामने नहीं आया।

समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना

मंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यालय में लगे एक पोस्टर का हवाला देते हुए कहा कि वह 'अधूरी सच्चाई' दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'अंधेरा सिर्फ भ्रष्टाचारियों, उत्पातियों और अपराधियों के घरों में है — उत्तर प्रदेश का बुरा चाहने वालों के घर में अंधेरा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को प्रदेश की प्रगति और सकारात्मक परिवर्तन 'हजम नहीं हो रहा।'

आजाद ने कहा कि आम जनमानस के घरों में उजाला, खुशहाली, भाईचारा, समृद्धि और विकास है, लेकिन यह सच समाजवादी पार्टी को स्वीकार्य नहीं।

बिजली आपूर्ति का जिक्र — पूर्वांचल का उदाहरण

मंत्री ने खुद पूर्वांचल क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले एक हफ्ते दिन में बिजली आती थी, तो अगले हफ्ते रात में। उन्होंने याद दिलाया कि गांवों में बिजली आना एक उत्सव की तरह माना जाता था। आज उसी उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने 23 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम किया है, जो राज्य में आए बड़े बदलाव का प्रतीक है।

युवा नीति और भविष्य की दिशा

दानिश आजाद ने कहा कि कोई भी प्रदेश या देश युवाओं की ऊर्जा के बिना आगे नहीं बढ़ सकता और योगी सरकार इस बात को भलीभाँति समझती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोज़गार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसरों से जोड़ने की नीयत से ही सरकार ने काम किया है। उनके अनुसार यह बदलाव उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू होने लगी हैं और सत्तारूढ़ दल रोज़गार सृजन को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि सरकारी आँकड़ों और विपक्ष के तथ्यों से होनी चाहिए। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में UPPSC और अन्य भर्ती एजेंसियों पर पिछले वर्षों में पेपर लीक और प्रक्रियागत अनियमितताओं के मामले उठते रहे हैं, जो इस दावे की जाँच को ज़रूरी बनाते हैं। विधानसभा चुनाव की निकटता के मद्देनज़र, यह बयान रोज़गार-आधारित चुनावी कथानक गढ़ने का सुनियोजित प्रयास भी दिखता है। बिना सत्यापन-योग्य डेटा के ऐसे दावे केवल प्रचार बनकर रह जाते हैं — जवाबदेही तभी सुनिश्चित होगी जब नियुक्ति-संख्या, विभाग-वार ब्यौरा और शिकायत-निवारण तंत्र सार्वजनिक किए जाएँ।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंत्री दानिश आजाद ने योगी सरकार की नौकरियों को लेकर क्या दावा किया?
मंत्री दानिश आजाद ने 6 नवंबर 2026 को लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में दावा किया कि योगी सरकार ने 2017 से अब तक 10 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी वित्तीय लेनदेन के सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी नियुक्ति में पैसे लेने का कोई मामला सामने नहीं आया।
2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया कैसी थी?
मंत्री दानिश आजाद के अनुसार 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियाँ बिना घूस और घोटाले के नहीं मिलती थीं और नौकरियों की बोलियाँ लगती थीं। यह दावा सत्तारूढ़ दल की ओर से पूर्ववर्ती सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
समाजवादी पार्टी के पोस्टर पर मंत्री ने क्या कहा?
दानिश आजाद ने कहा कि सपा के कार्यालय में लगा पोस्टर 'अधूरी सच्चाई' दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंधेरा केवल भ्रष्टाचारियों, अपराधियों और उत्पातियों के घरों में है, जबकि आम जनता के घर में उजाला और विकास है।
उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति को लेकर मंत्री ने क्या बताया?
मंत्री दानिश आजाद ने खुद पूर्वांचल का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 से पहले वहाँ बिजली आना एक उत्सव की तरह था। उनके अनुसार, योगी सरकार ने अब उसी उत्तर प्रदेश में 23 से 24 घंटे बिजली देने का काम किया है।
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का क्या महत्व है?
यह समारोह सरकार द्वारा युवाओं को सीधे नियुक्ति पत्र देने की पहल का हिस्सा है, जिसे राज्य सरकार पारदर्शी भर्ती का प्रतीक बताती है। ऐसे आयोजन विशेष रूप से चुनावी माहौल में सरकार की रोज़गार-केंद्रित छवि को रेखांकित करने के लिए आयोजित किए जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले