योगी सरकार में मेरिट से भर्ती, पहले बिकती थीं नौकरियाँ: मनोज पांडे का अखिलेश पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने 22 सितंबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के उस आरोप पर तीखा पलटवार किया, जिसमें यादव ने दावा किया था कि योगी सरकार पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) श्रेणी के अधिकारियों को पदों से हटा रही है। पांडे ने कहा कि मौजूदा सरकार में भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और निष्पक्षता पर आधारित है, जबकि पिछली सरकारों में सरकारी नौकरियाँ कथित तौर पर खुलेआम बिकती थीं।
अखिलेश के आरोप पर मंत्री का पलटवार
मनोज पांडे ने रामचरितमानस की उक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि 'व्यक्ति की जैसी दृष्टि होती है, उसे वैसा ही दिखाई देता है।' उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज पीडीए की राजनीति कर रहे हैं, उन्हें अपने शासनकाल में पिछड़े और वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर उठे सवालों का जवाब पहले देना चाहिए। पांडे ने लखनऊ के हजरतगंज और लालबाग का हवाला देते हुए दावा किया कि पूर्व सरकारों के दौर में सरकारी नौकरियों के नाम पर खुलेआम लेन-देन की बात सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा थी।
योगी सरकार की भर्ती प्रक्रिया पर दावे
मंत्री ने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में 2 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है और इन भर्तियों पर व्यापक स्तर पर सवाल नहीं उठे। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ऐसे युवाओं को भी सरकारी नौकरी मिल रही है जिन्होंने कभी इसकी कल्पना नहीं की थी। पुलिस भर्ती समेत तमाम सरकारी नियुक्तियों में जाति नहीं, बल्कि योग्यता को आधार बनाया जा रहा है।
पांडे ने लोधी, पटेल, कुमार, प्रजापति, पासवान और गौतम सहित विभिन्न पिछड़े और वंचित समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वर्गों के युवा अब भर्ती प्रक्रिया में आगे आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी गाँव या जाति के युवा को भर्ती प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए।
भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान दिए गए निर्देशों का जिक्र करते हुए पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि नियुक्ति के बाद यदि किसी स्तर पर पैसे के लेन-देन की बात सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति को कानून का सामना करना पड़ेगा और जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता और युवाओं पर असर
मुख्यमंत्री के 9.5 लाख युवाओं को नौकरी देने के दावे का हवाला देते हुए पांडे ने इसे उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ी बड़ी पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी केवल एक व्यक्ति का रोजगार नहीं है, बल्कि उसके पूरे परिवार और भविष्य से जुड़ी होती है — इसलिए भर्ती में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार युवाओं के साथ सीधा अन्याय है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि योगी सरकार में कानून-व्यवस्था के सुधार के चलते महिलाएँ और बेटियाँ रात तक अपने काम से सुरक्षित लौट सकती हैं।
आगे क्या होगा
मनोज पांडे ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भी सरकार भर्तियों और रोजगार के क्षेत्र में काम जारी रखेगी और युवाओं के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पिछड़े और वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर सियासी तकरार तेज हो रही है।