सीएम योगी का एमपीएसपी को निर्देश: विद्यार्थियों के ज़रिए ऊर्जा बचत का अभियान चलाएं शिक्षक

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सीएम योगी का एमपीएसपी को निर्देश: विद्यार्थियों के ज़रिए ऊर्जा बचत का अभियान चलाएं शिक्षक

सारांश

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन और विदेशी मुद्रा की चुनौती से निपटने के लिए सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में एमपीएसपी की समीक्षा बैठक में शिक्षकों को विद्यार्थियों के ज़रिए समाज में ऊर्जा बचत का अभियान चलाने का निर्देश दिया — और कर्मयोगी पोर्टल जैसे प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म की रूपरेखा तैयार करने को कहा।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम बचत का व्यापक सामाजिक अभियान चलाएं।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को ईंधन और विदेशी मुद्रा चुनौती का कारण बताते हुए इसे राष्ट्रीय दायित्व करार दिया।
सरकार के कर्मयोगी पोर्टल की तर्ज़ पर एमपीएसपी के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए समर्पित प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म बनाने का निर्देश दिया।
परिसर में अनुशासन, स्वच्छता, हरियाली और भारतीय ज्ञान परंपरा के विस्तार पर विशेष ज़ोर दिया।
छात्रों के लिए नियमित करियर काउंसिलिंग और शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 17 मई 2025 को गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) की समस्त संस्थाओं के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षक और कर्मचारी विद्यार्थियों के माध्यम से परिवारों और समाज में ऊर्जा संरक्षण का व्यापक अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल संस्थागत दायित्व नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय कर्तव्य है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण देश के सामने ईंधन और विदेशी मुद्रा से जुड़ी गंभीर चुनौती है, और शिक्षण संस्थाओं को इस चुनौती से निपटने में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।

मुख्य निर्देश और ऊर्जा संरक्षण की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा व्यय कम करने की जो अपील की है, उसका अनुसरण करना समयानुकूल राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने एमपीएसपी के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे स्वयं ईंधन बचाने के उपाय अपनाएं और विद्यार्थियों को पेट्रोलियम पदार्थों के कम उपयोग तथा विद्युत ऊर्जा की बचत के लिए प्रेरित करें। योगी ने कहा, 'जब विद्यार्थी जागरूक होगा, तो उसका असर उसके परिवार और घर पर भी पड़ेगा।'

कर्मयोगी पोर्टल की तर्ज़ पर प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म का निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकार के कर्मयोगी पोर्टल की तरह एमपीएसपी के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने का निर्देश दिया, जिसके ज़रिए सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप नियमित रूप से अपडेट और प्रशिक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि समय और प्रौद्योगिकी के साथ तालमेल बनाना ही किसी संस्था को प्रासंगिक बनाए रखता है।

परिसर संस्कृति और अनुशासन पर विशेष ज़ोर

योगी आदित्यनाथ ने बैठक में उत्कृष्ट परिसर संस्कृति को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संस्थाध्यक्ष को अनुशासन और समय पालन पहले स्वयं पर लागू करना होगा, तभी यह स्वतः स्फूर्त रूप से अन्य कार्मिकों में भी उतरेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रभारी अधिकारी प्रतिदिन संपूर्ण परिसर का एक निरीक्षण दौरा करें, ताकि स्वच्छता, हरियाली और सद्भाव का माहौल बना रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जब अभिभावक विद्यालय आएं, तो परिसर की स्वच्छता और सकारात्मक वातावरण देखकर प्रभावित होकर जाएं।

भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय भावना का विस्तार

मुख्यमंत्री ने एमपीएसपी की सभी संस्थाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा का सतत विस्तार करें। उन्होंने कहा कि प्रार्थना सभाएं, राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत विद्यार्थियों में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद केवल शैक्षणिक संस्थाएं संचालित करने वाली संस्था नहीं, बल्कि इसका मूल उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवाओं के माध्यम से राष्ट्र के लिए सुयोग्य नागरिक तैयार करना है।

आगे की कार्ययोजना

बैठक में सभी संस्थाओं के प्रमुखों ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से वार्षिक प्रतिवेदन और आगामी कार्ययोजना साझा की। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और कर्मचारियों की क्षमता संवर्धन के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन और छात्रों के लिए विशेष करियर काउंसिलिंग सत्रों के निर्देश दिए। उन्होंने परिषद की संस्थाओं की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नवाचार के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह सवाल उठा सकते हैं कि क्या शिक्षकों और विद्यार्थियों पर ऊर्जा नीति का बोझ डालना उनकी मूल शैक्षणिक भूमिका से ध्यान भटकाता है। कर्मयोगी पोर्टल जैसे प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म का विचार सकारात्मक है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की समयसीमा और बजट का कोई उल्लेख नहीं हुआ। असली परीक्षा यह होगी कि ये निर्देश बैठक की औपचारिकता तक सीमित रहते हैं या ज़मीन पर मापनीय बदलाव लाते हैं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने एमपीएसपी को ऊर्जा बचत को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शिक्षकों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे विद्यार्थियों के माध्यम से परिवारों और समाज में पेट्रोलियम पदार्थों की बचत और विद्युत ऊर्जा संरक्षण का व्यापक अभियान चलाएं। यह निर्देश पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण देश के सामने उत्पन्न ईंधन और विदेशी मुद्रा की चुनौती के संदर्भ में दिया गया।
गोरखनाथ मंदिर में एमपीएसपी की बैठक में और क्या निर्णय हुए?
बैठक में सरकार के कर्मयोगी पोर्टल की तर्ज़ पर एमपीएसपी के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक समर्पित प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म बनाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा परिसर संस्कृति, अनुशासन, स्वच्छता, करियर काउंसिलिंग और भारतीय ज्ञान परंपरा के विस्तार पर भी विशेष ज़ोर दिया गया।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) क्या है?
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद गोरखपुर स्थित एक शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था है, जो स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अस्पताल सहित अनेक संस्थाओं का संचालन करती है। इसकी स्थापना राष्ट्रीयता की भावना का पोषण करने और सुयोग्य नागरिक तैयार करने के उद्देश्य से की गई थी।
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी की किस अपील का उल्लेख किया?
मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा व्यय कम करने की अपील का उल्लेख किया और कहा कि इसका अनुसरण करना समयानुकूल राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने एमपीएसपी की सभी संस्थाओं से इस अपील को ज़मीनी स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।
एमपीएसपी के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए क्या प्रस्ताव रखा गया?
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि सरकार के कर्मयोगी पोर्टल की तरह एमपीएसपी के लिए एक अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाए, जिस पर सभी कार्मिकों को वर्तमान ज़रूरतों के अनुरूप नियमित रूप से अपडेट और प्रशिक्षित किया जा सके। इसके साथ ही नियमित प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन के भी निर्देश दिए गए।
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