योगी आदित्यनाथ का वाराणसी में सफाई मित्रों को तोहफा, मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹16,000 किया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के सरोजा पैलेस में आयोजित 'स्वच्छता मित्र' सम्मान समारोह में वाराणसी नगर निगम के सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया और उनके मासिक मानदेय में ₹6,000 की बढ़ोतरी का ऐलान किया। यह घोषणा मुख्यमंत्री के वाराणसी दौरे के दूसरे दिन की गई, जिसके तहत कर्मचारियों को स्वच्छता किट भी प्रदान की गई।
मानदेय में क्या बदलाव हुआ
समारोह में की गई घोषणा के अनुसार, सफाई मित्रों का मासिक मानदेय पहले के ₹10,000 से बढ़ाकर ₹16,000 कर दिया गया है। यह ₹6,000 की वृद्धि उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, जो लंबे समय से बेहतर वेतन और स्थायित्व की माँग कर रहे थे। सफाई मित्र चिंता देवी ने कहा, '10 हजार रुपए में हमारा गुजारा नहीं हो पाता था, अब 16 हजार रुपए मिलेंगे। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।'
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
समारोह में सम्मानित किए गए कर्मचारियों ने इस ऐलान पर खुशी जाहिर की। सफाई मित्र आशुतोष ने कहा, 'मानदेय बढ़ गया है, इससे हम बहुत खुश हैं। हम चाहते हैं कि सरकार ऐसे ही आगे बढ़ती रहे।' वहीं, सफाई मित्र राजकुमार ने कहा, 'हमारे लिए सुविधाओं के बारे में बहुत कुछ कहा गया और जो भी वादे किए गए हैं, उससे हम बहुत खुश हैं।'
दिनेश चौधरी ने बताया कि लंबे समय से उनकी मेहनत के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा, 'पहले मानदेय कम मिलता था, अब 5 से 6 हजार रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जिससे हमारा गुजर-बसर अच्छे से हो पाएगा।'
स्थायी रोज़गार की माँग अब भी जारी
मानदेय वृद्धि से राहत मिलने के बाद भी कई सफाई मित्रों ने स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की अपनी माँग दोहराई। महिला सफाई मित्र कल्पना देवी ने कहा, 'हम यही चाहते हैं कि हमारा वेतन बढ़ाया जाए और हमें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इससे हमारा और हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।' गौरतलब है कि देशभर में सफाई कर्मचारियों के स्थायीकरण की माँग वर्षों से उठती रही है, और उत्तर प्रदेश में भी यह मुद्दा लंबे समय से लंबित है।
आम जनता और प्रशासन पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहरों में सफाई कर्मचारियों की कमी और उनकी कार्यस्थितियों को लेकर चर्चा तेज है। वाराणसी नगर निगम के स्तर पर मानदेय बढ़ोतरी का यह कदम अन्य नगर निकायों के लिए भी एक संकेत माना जा रहा है। बेहतर वेतन से कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सेवा-समर्पण में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद अब सवाल यह है कि मानदेय वृद्धि कब से लागू होगी और क्या इसे औपचारिक आदेश के रूप में जारी किया जाएगा। सफाई कर्मचारियों की उम्मीद है कि स्थायित्व का मुद्दा भी शीघ्र संबोधित किया जाएगा, ताकि उनके परिवारों का दीर्घकालिक भविष्य सुरक्षित हो सके।