यूरी गागरिन: अंतरिक्ष में भोजन करने वाले पहले व्यक्ति का अद्भुत अनुभव
सारांश
Key Takeaways
- यूरी गागरिन अंतरिक्ष में भोजन करने वाले पहले व्यक्ति थे।
- उन्होंने जीरो ग्रेविटी में 'बीफ और लिवर पेस्ट' का सेवन किया।
- स्पेस फूड की तकनीक में समय के साथ महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं।
- आज अंतरिक्ष यात्रियों के पास बेहतर और विविध खाद्य विकल्प उपलब्ध हैं।
- इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 12 अप्रैल 1961 को सोवियत अंतरिक्ष यात्री (कॉस्मोनॉट) यूरी गागरिन ने 'वोस्तोक-1' अभियान के माध्यम से न केवल अंतरिक्ष में पहली बार पहुँचने का सम्मान प्राप्त किया, बल्कि वे जीरो ग्रेविटी में भोजन करने वाले पहले व्यक्ति भी बने। पृथ्वी की परिक्रमा के दौरान, गागरिन ने एल्युमिनियम ट्यूब का उपयोग करते हुए 'बीफ और लिवर पेस्ट' को सीधे अपने मुँह में निचोड़कर खाया।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के अनुसार, गागरिन ने मीठे व्यंजनों के लिए 'चॉकलेट सॉस' का भी इसी प्रकार से सेवन किया। यह प्रयोग वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसने दर्शाया कि माइक्रोग्रैविटी (भारहीनता) की स्थिति में भी व्यक्ति भोजन को आसानी से चबा और निगल सकता है। यद्यपि इस अनुभव का स्वाद बेहतरीन नहीं था, लेकिन इसने भविष्य के मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार स्थापित किया। गागरिन के बाद, अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने भी इसी तरह ट्यूब के माध्यम से भोजन ग्रहण किया, लेकिन तब से अब तक स्पेस फूड की तकनीक और स्वाद में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं।
अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन ने टूथपेस्ट जैसी ट्यूब से एप्पल सॉस का सेवन करके नया इतिहास बनाया। अमेरिका के दूसरे मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम, जेमिनी, में फ्रीज-ड्राई भोजन की शुरुआत हुई, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों ने सूखे भोजन में पानी मिलाकर खाया।
अपोलो मिशन के दौरान भोजन को अधिक उन्नत बनाया गया। 70 से अधिक प्रकार के भोजन उपलब्ध थे, जिनमें शुरुआती भूख बढ़ाने वाले एपेटाइज़र और कॉंडिमेंट शामिल थे। कुछ खाद्य पदार्थों को गर्म पानी से रीहाइड्रेट किया जाता था। सैंडविच का प्रयास किया गया, लेकिन ब्रेड के टुकड़े यान के संवेदनशील उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकते थे, जिससे यह असफल रहा।
1975 के अपोलो-सोयुज प्रोजेक्ट में अमेरिकी और सोवियत क्रू ने भोजन के अनुभव साझा किए। सोवियत भोजन ज्यादातर ट्यूब में था। वहीं, स्पेस शटल में गैली (विशेष रसोई) में गर्म और रीहाइड्रेट करने की सुविधाएँ भी आईं, जिससे स्टेशन पर डाइनिंग टेबल पर गर्म-ठंडे पानी डिस्पेंसर और प्रोग्रेस से ताजे फल-सब्जियों की भी शुरुआत हुई।
आज के समय में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर अंतरिक्ष यात्रियों का भोजन काफी बेहतर हो चुका है। स्पेस में अंतरिक्ष यात्री रोज तीन मील और एक स्नैक ग्रहण करते हैं। पतली, बिना खमीर वाली नरम टॉर्टिला ब्रेड अंतरिक्ष यात्रियों के बीच खासा लोकप्रिय है, क्योंकि इससे चूरा नहीं बनता। इससे ब्रेकफास्ट बरिटो, स्पेस बर्गर, पीनट बटर-जेली सैंडविच जैसे व्यंजन बनते हैं। फ्रीज-ड्राई, थर्मोस्टेबलाइज्ड और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध है। हॉट सॉस, नट्स, फलों और चॉकलेट की भी अच्छी खासी मांग है। वर्तमान में आईएसएस में रूस और अमेरिका के मेन्यू दोनों उपलब्ध हैं, जिनमें सूप, गौलाश, और करी जैसे स्वादिष्ट व्यंजन पसंद किए जाते हैं।