अदाणी डिफेंस को SIDM चैंपियन अवॉर्ड 2026, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस को 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के आठवें वार्षिक सत्र में रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में निर्यात प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित SIDM चैंपियन अवॉर्ड 2026 से नवाज़ा गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह पुरस्कार प्रदान किया, जो भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात क्षेत्र में निजी उद्योग की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
पुरस्कार समारोह और उपस्थित गणमान्य
यह सम्मान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अनबरासु की उपस्थिति में प्रदान किया गया। इस सत्र में प्रौद्योगिकी विकास, उत्पाद नवाचार, डिज़ाइन, आयात प्रतिस्थापन, विनिर्माण उत्कृष्टता और निर्यात के क्षेत्रों में उपलब्धियों के लिए कुल 15 पुरस्कार वितरित किए गए।
गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब अदाणी डिफेंस को SIDM चैंपियन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। इससे पूर्व वर्ष 2025 में कंपनी के कानपुर एम्युनिशन कॉम्प्लेक्स को डिज़ाइन, विनिर्माण और परीक्षण में उत्कृष्टता के लिए यह पुरस्कार मिल चुका है।
कानपुर विनिर्माण परिसर की क्षमताएँ
कंपनी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित इस विनिर्माण परिसर की सालाना उत्पादन क्षमता 30 करोड़ राउंड है। यहाँ नाटो मानकों के अनुरूप गोला-बारूद का उत्पादन किया जाता है, जो सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल को सक्रिय समर्थन देता है।
इस इकाई में स्वचालित विनिर्माण, एआई-आधारित गुणवत्ता निरीक्षण, रियल-टाइम डेटा विश्लेषण और उत्पादन प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी का उपयोग किया जाता है। कंपनी के मुताबिक, इसकी डिजिटल उत्पादन प्रणाली खतरनाक सामग्रियों को हाथ से संभालने की ज़रूरत को समाप्त करती है और विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में 100 प्रतिशत डिजिटल ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित करती है।
परिसर में एक बैलिस्टिक परीक्षण रेंज भी है, जो इलेक्ट्रॉनिक प्रेशर, वेलोसिटी एंड एक्शन टाइम प्रणाली से लैस है। यह परीक्षण रेंज भारत की शीर्ष मान्यता संस्था नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) से प्रमाणित है।
कंपनी का बयान
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा, 'हमें गर्व है कि भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को विकसित करने के हमारे प्रयासों को मान्यता मिली है। हमारा ध्यान भारत में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने और उन्हें वैश्विक बाज़ारों में ग्राहकों तक पहुँचाने पर है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र के ग्राहकों की बदलती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी और स्वदेशी विनिर्माण में निवेश जारी रखेगी।
भारत का रक्षा निर्यात और सरकारी लक्ष्य
यह सम्मान ऐसे समय में आया है जब भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ तक पहुँच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने वर्ष 2029 तक सालाना रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सत्र को संबोधित करते हुए देश की रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी, अनुसंधान एवं विकास में बढ़ते निवेश और विनिर्माण क्षमता के विस्तार का आह्वान किया। रक्षा क्षेत्र में यह वृद्धि भारत की वैश्विक हथियार आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरती साख को दर्शाती है।