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अदाणी पोर्ट्स और कालेरिस की विस्तारित साझेदारी: 15 टर्मिनलों में एआई से बदलेगा पोर्ट संचालन

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अदाणी पोर्ट्स और कालेरिस की विस्तारित साझेदारी: 15 टर्मिनलों में एआई से बदलेगा पोर्ट संचालन

सारांश

अदाणी पोर्ट्स ने अमेरिकी कंपनी कालेरिस के साथ साझेदारी का दायरा 6 से बढ़ाकर 15 टर्मिनलों तक किया। 10 करोड़ डॉलर के निवेश से एआई-आधारित ऑटोमेशन लागू होगा और 2030 तक 91 एमएमटी अतिरिक्त क्षमता का लक्ष्य है — यह भारत के सबसे बड़े पोर्ट नेटवर्क के डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

मुख्य बातें

एपीएसईजेड ने 16 जून 2026 को अमेरिकी कंपनी कालेरिस के साथ बहुवर्षीय साझेदारी का विस्तार किया।
9 बंदरगाहों पर स्थित 15 कंटेनर टर्मिनलों में एआई-आधारित ऑटोमेशन और ऑप्टिमाइजेशन लागू किया जाएगा।
इस साझेदारी पर 10 करोड़ डॉलर दो चरणों में खर्च होंगे; कुल तकनीकी निवेश 85 करोड़ डॉलर है।
2030 तक अतिरिक्त 91 एमएमटी कार्गो क्षमता और 1 अरब टन सालाना हैंडलिंग का लक्ष्य।
पहले चरण में 6 बंदरगाहों पर सफल क्रियान्वयन के बाद यह विस्तार किया गया है।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने 16 जून 2026 को अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी कालेरिस के साथ अपनी बहुवर्षीय साझेदारी का विस्तार किया, जिसके तहत 9 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों पर स्थित 15 कंटेनर टर्मिनलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित ऑटोमेशन और ऑप्टिमाइजेशन समाधान लागू किए जाएंगे। यह कदम एपीएसईजेड की वित्त वर्ष 2031 तक की रणनीतिक योजना का हिस्सा है, जिसमें तकनीकी आधुनिकीकरण और डिकार्बोनाइजेशन के लिए 85 करोड़ डॉलर के निवेश का प्रावधान है।

साझेदारी में क्या शामिल है

एपीएसईजेड ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि इस समझौते के तहत कालेरिस अपनी टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम और एआई-आधारित कंटेनर हैंडलिंग समाधान सभी 15 टर्मिनलों पर लागू करेगी। प्रस्तावित कुल निवेश में से 10 करोड़ डॉलर दो चरणों में इस साझेदारी पर खर्च किए जाएंगे। यह विस्तार उस पहले चरण की सफलता के आधार पर किया गया है, जिसमें 6 बंदरगाहों पर ये तकनीकें पहले ही सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी हैं।

एपीएसईजेड के सीईओ की प्रतिक्रिया

एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विनी गुप्ता ने कहा, "एपीएसईजेड पहले से ही तट से लेकर अंतिम गंतव्य तक एक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालित कर रहा है, जो सहज ट्रैकिंग और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल क्षमताएं प्रदान करता है। कालेरिस का एकीकरण उत्पादकता बढ़ाएगा, टर्नअराउंड टाइम कम करेगा और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा।" गुप्ता ने यह भी कहा कि एआई-आधारित ऑटोमेशन पोर्ट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के अगले चरण को परिभाषित करेगा।

कालेरिस का नजरिया

कालेरिस के अध्यक्ष और सीईओ किर्क नॉफ ने कहा, "एपीएसईजेड बड़े पैमाने पर एआई-सक्षम पोर्ट नेटवर्क के वास्तविक प्रभाव को प्रदर्शित कर रहा है।" उन्होंने जोड़ा, "सभी 15 टर्मिनलों तक विस्तार इस बात का प्रमाण है कि इस साझेदारी से पहले ही अच्छे नतीजे मिले हैं और दोनों कंपनियों के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ है।"

क्षमता विस्तार और दीर्घकालिक लक्ष्य

एपीएसईजेड का अनुमान है कि इस सहयोग से 2030 तक अतिरिक्त 9.1 करोड़ मीट्रिक टन (91 एमएमटी) कार्गो हैंडलिंग क्षमता हासिल होगी, जो कंपनी की मौजूदा स्थापित क्षमता का लगभग 10 प्रतिशत है। कंपनी का बड़ा लक्ष्य 2030 तक सालाना एक अरब टन कार्गो हैंडलिंग क्षमता हासिल करना और एक तकनीक-आधारित एकीकृत परिवहन प्लेटफॉर्म तैयार करना है। इस परियोजना से एपीएसईजेड के समुद्री और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए एक एकीकृत डिजिटल ढाँचा तैयार होगा, जो उन्नत योजना, ऑटोमेशन और परिचालन दक्षता को एक साथ सक्षम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और एपीएसईजेड यह अंतर पाटने की कोशिश कर रहा है। हालाँकि, 85 करोड़ डॉलर के निवेश की असली कसौटी यह होगी कि क्या टर्नअराउंड टाइम और परिचालन लागत में वास्तविक और मापने योग्य सुधार होता है — या यह महज डिजिटल अपग्रेड की सुर्खी बनकर रह जाता है। 2030 तक एक अरब टन कार्गो का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, और इसकी सफलता क्रियान्वयन की गति और नियामकीय सहयोग दोनों पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी पोर्ट्स और कालेरिस की साझेदारी क्या है?
यह एक बहुवर्षीय तकनीकी समझौता है जिसके तहत अमेरिकी कंपनी कालेरिस, एपीएसईजेड के 9 बंदरगाहों पर स्थित 15 कंटेनर टर्मिनलों में एआई-आधारित टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑप्टिमाइजेशन समाधान लागू करेगी। इस पर 10 करोड़ डॉलर का निवेश दो चरणों में किया जाएगा।
एपीएसईजेड इस साझेदारी से क्या हासिल करना चाहता है?
एपीएसईजेड का लक्ष्य 2030 तक अतिरिक्त 91 एमएमटी कार्गो हैंडलिंग क्षमता जोड़ना और सालाना एक अरब टन की कुल क्षमता हासिल करना है। साथ ही, टर्नअराउंड टाइम घटाना और परिचालन दक्षता बढ़ाना भी प्रमुख उद्देश्य हैं।
अदाणी पोर्ट्स का कुल तकनीकी निवेश कितना है?
एपीएसईजेड वित्त वर्ष 2031 तक तकनीकी आधुनिकीकरण और डिकार्बोनाइजेशन के लिए कुल 85 करोड़ डॉलर निवेश करने की योजना बना रहा है। इसमें से 10 करोड़ डॉलर कालेरिस के साथ इस साझेदारी के लिए निर्धारित हैं।
कालेरिस के साथ पहले चरण का क्या परिणाम रहा?
पहले चरण में 6 बंदरगाहों पर कालेरिस की तकनीक सफलतापूर्वक लागू की गई, जिसके सकारात्मक परिणामों के आधार पर अब इसे 15 टर्मिनलों तक विस्तारित किया जा रहा है। कालेरिस के सीईओ किर्क नॉफ ने इसे दोनों कंपनियों के बीच मजबूत हुए विश्वास का प्रमाण बताया।
इस साझेदारी से भारत के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा?
एपीएसईजेड के अनुसार, इस परियोजना से उसके समुद्री और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए एक एकीकृत डिजिटल ढाँचा तैयार होगा, जो उन्नत योजना, ऑटोमेशन और परिचालन दक्षता को एक साथ सक्षम करेगा। यह भारत के बंदरगाह क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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