महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा का एक्स अकाउंट कानूनी मांग के तहत प्रतिबंधित
सारांश
मुख्य बातें
श्रीनगर, 11 मई 2026। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अकाउंट को कानूनी अनुरोध के अनुपालन में प्रतिबंधित कर दिया गया है। अकाउंट खोलने पर दिखने वाली सूचना में कहा गया है कि कानूनी प्रावधानों के तहत खाते तक पहुंच सीमित कर दी गई है।
एफआईआर और विवाद का संदर्भ
श्रीनगर साइबर पुलिस ने दिवंगत अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के एक वीडियो क्लिप के प्रसारण के बाद इल्तिजा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी। आरोप में कहा गया है कि साझा की गई ऑनलाइन सामग्री अलगाववादी विचारों को बढ़ावा देती है और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
इल्तिजा की प्रतिक्रिया और स्पष्टीकरण
इल्तिजा ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया कि वीडियो साझा करने के लिए केवल वह जिम्मेदार हैं और अधिकारियों से आग्रह किया कि जिन लोगों ने केवल सामग्री को पुनः पोस्ट या प्रतिक्रिया दी है, उन्हें परेशान न किया जाए। उनका तर्क है कि विवादों को सुलझाने का एकमात्र तरीका संवाद है, न कि दंडात्मक कार्रवाई, जो जनसंपर्क को खराब करती है और अविश्वास पैदा करती है।
अलगाववादियों के प्रति रुख और राजनीतिक विरोध
इल्तिजा लगातार अलगाववादियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की आलोचना करती रही हैं। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर लगाए गए प्रतिबंधों का विरोध किया है, जिसमें अपनी माता महबूबा मुफ्ती और अन्य नेताओं की नजरबंदी भी शामिल है। उनका मानना है कि ऐसी कार्रवाई समस्या का समाधान नहीं करती।
विधानसभा चुनाव में हार
2024 के विधानसभा चुनाव में इल्तिजा ने अनंतनाग जिले के बिजबेहारा से अपने पैतृक क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उम्मीदवार डॉ. बशीर अहमद शाह वेरी से पराजित हुए। यह चुनाव उनकी राजनीतिक सक्रियता का एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
एक्स द्वारा कानूनी अनुपालन
एक्स प्लेटफॉर्म द्वारा जारी किए गए नोटिस का तरीका मानक है — जब कानूनी प्रावधानों या सरकारी निर्देशों के तहत खातों को प्रतिबंधित किया जाता है, तो प्लेटफॉर्म इसी तरह की सूचना दिखाता है। यह कार्रवाई भारत में सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच चल रहे तनाव को उजागर करती है।