पीएम मोदी की ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’: सौर ऊर्जा से बदल रही है लोगों की ज़िंदगी
सारांश
Key Takeaways
- सौर ऊर्जा से बिजली की समस्या का समाधान।
- आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना।
- रोजगार के नए अवसर।
- पर्यावरण के लिए फायदेमंद।
- सामाजिक जीवन में बदलाव।
नई दिल्ली, २९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "मन की बात" के १३२वें एपिसोड में ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ पर चर्चा की, जिसमें उन्होंने सौर ऊर्जा को अपनाने की प्रेरणा दी और इसके अनेक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि सौर ऊर्जा किस प्रकार रोजगार और आय का माध्यम बन रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "जब आप देश के किसी भी शहर में जाएँगे, तो एक महत्वपूर्ण बदलाव आपको अवश्य दिखाई देगा। अनेक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगे हुए होंगे। कुछ साल पहले ये केवल कुछ घरों में ही दिखते थे। लेकिन आज ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ का प्रभाव हर जगह महसूस किया जा रहा है। इस योजना के चलते, गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले की पायल मुंजपारा के जीवन में अद्भुत बदलाव आया है। उन्होंने सूर्य पहल के जरिए सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण लिया और सोलर पीवी तकनीशियन का चार महीने का कोर्स पूरा किया। अब वह एक कुशल सोलर तकनीशियन बन चुकी हैं और अपने आस-पास के जिलों में सोलर पैनल लगाकर हर महीने हजारों रुपए कमाती हैं।
पीएम मोदी ने आगे बताया, "मेरठ के अरुण कुमार भी अब अपने इलाके में ऊर्जा प्रदाता बन गए हैं। हाल ही में दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वे न केवल बिजली का बिल कम कर रहे हैं, बल्कि अपनी अतिरिक्त बिजली को बेच भी रहे हैं। जयपुर के मुरलीधर जी की कहानी भी इसी तरह की है। पहले उनकी खेती डीजल पंप पर निर्भर थी, जिसमें उन्हें हर साल हजारों रुपए खर्च करने पड़ते थे। जब उन्होंने सोलर पंप का उपयोग शुरू किया, तो उनकी खेती का तरीका ही बदल गया। अब उन्हें ईंधन की चिंता नहीं, सिंचाई समय पर होती है, और उनकी सालाना आय भी बढ़ गई है। सबसे खास बात यह है कि उनका परिवार अब साफ ऊर्जा के साथ एक बेहतर जीवन जी रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ का लाभ नॉर्थ ईस्ट के क्षेत्रों में भी मिल रहा है। त्रिपुरा में रियांग जनजाति के कई गांवों में बिजली की समस्या थी, लेकिन अब सोलर मिनी ग्रिड के माध्यम से वहाँ के घरों में रोशनी मिल रही है। बच्चे अब रात में भी पढ़ाई कर पा रहे हैं। लोग मोबाइल चार्ज कर पा रहे हैं और गांव का सामाजिक जीवन भी बदल चुका है। देश में सौर ऊर्जा क्रांति के कई ऐसे उदाहरण हैं। आप भी इस क्रांति से जुड़ें और दूसरों को भी जोड़ें।