भारत-पुर्तगाल आर्थिक संबंधों में अपार संभावनाएं, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप में सहयोग: फरेरा

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भारत-पुर्तगाल आर्थिक संबंधों में अपार संभावनाएं, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप में सहयोग: फरेरा

सारांश

पुर्तगाल के आर्थिक सचिव जोआओ रुई फरेरा ने भारत के साथ गहरी रणनीतिक साझेदारी की संभावनाओं का खुलासा किया, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और स्टार्टअप पारिस्थितिकी में भारत के 2047 के टिकाऊ विकास लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए पुर्तगाली विशेषज्ञता को जोड़ते हुए।

मुख्य बातें

पुर्तगाल के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जोआओ रुई फरेरा ने भारत के साथ आर्थिक संबंधों में अपार संभावनाएं देखीं।
पुर्तगाल की 80 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से आती है, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में सहायता कर सकता है।
पुर्तगाल यूरोपीय एकल बाजार का प्रवेश द्वार है, 45 करोड़ उपभोक्ताओं तक पहुंच प्रदान करता है।
दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान शुरू करने पर बातचीत जारी है, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी।
स्टार्टअप, विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि-खाद्य उद्योग में गहरे सहयोग की संभावनाएं।

नई दिल्ली, 11 मई। पुर्तगाल के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इकोनॉमी जोआओ रुई फरेरा ने भारत के साथ आर्थिक संबंधों को लेकर आशावाद व्यक्त किया है, कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी न केवल व्यापार तक सीमित है, बल्कि विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और स्टार्टअप पारिस्थितिकी में गहरे सहयोग की संभावनाएं हैं। राष्ट्र प्रेस के साथ विशेष साक्षात्कार में फरेरा ने कहा कि पिछले दशक में द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन अभी भी पूरी क्षमता का दोहन नहीं किया गया है।

रणनीतिक साझेदारी की दिशा

फरेरा ने कहा कि यह केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार की वृद्धि नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक रणनीतिक साझेदारी है जो पुर्तगाल की विशेषज्ञता, कौशल और तकनीकी क्षमताओं को भारत के बुनियादी ढांचे और औद्योगीकरण संबंधी महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं से जोड़ती है। उन्होंने जोर दिया कि यह साझेदारी भारत की 2047 तक अधिक टिकाऊ अर्थव्यवस्था बनाने की दृष्टि के साथ पूरी तरह संरेखित है।

नवीकरणीय ऊर्जा में पुर्तगाल की विशेषज्ञता

पुर्तगाल के अधिकारी ने बताया कि उनका देश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखता है, जहाँ देश की लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से आती है। पुर्तगाल स्थिरता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के लक्ष्यों को हासिल करने में भारत को अपनी विशेषज्ञता प्रदान कर सकता है। फरेरा ने कहा कि पुर्तगाल ने उद्योगों के डीकार्बोनाइजेशन और औद्योगिक प्रक्रियाओं के विद्युतीकरण पर विशेष ध्यान दिया है, साथ ही बैटरी वैल्यू चेन में भारी निवेश किया गया है।

उन्नत विनिर्माण और इंजीनियरिंग

उन्नत विनिर्माण सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि पुर्तगाल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में काफी विशेषज्ञता रखता है। फरेरा ने कहा कि पुर्तगाल यूरोप में इंजीनियरिंग स्नातकों की संख्या के मामले में अग्रणी देशों में शामिल है। देश उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों, मशीनरी और टूलिंग के लिए पहचाना जाता है। फरेरा ने आगे कहा कि पुर्तगाली ठेकेदार भारत के बुनियादी ढांचा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

स्टार्टअप और डिजिटल अवसंरचना

स्टार्टअप क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच मजबूत संभावनाएं हैं। फरेरा ने कहा कि पुर्तगाल में बड़ी संख्या में तकनीकी स्टार्टअप हैं जो भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकते हैं और संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विकास कर सकते हैं। पुर्तगाल यूरोपीय एकल बाजार का प्रवेश द्वार है, जहाँ स्थापित कंपनियाँ 45 करोड़ उपभोक्ताओं वाले विश्व के सबसे बड़े एकीकृत बाजार तक पहुंच बना सकती हैं। भारतीय स्टार्टअप पुर्तगाल में स्थापित होकर पुर्तगाली बोलने वाले देशों में भी विस्तार कर सकते हैं। पुर्तगाल में मजबूत डिजिटल और ऊर्जा अवसंरचना स्टार्टअप्स के लिए बेहतरीन वातावरण प्रदान करती है।

अन्य सहयोग के क्षेत्र

लाइफ साइंसेज, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि-खाद्य उद्योग और पर्यटन में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। फरेरा ने कहा कि दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की जरूरत है। इस दिशा में भारत और पुर्तगाल के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की संभावना पर बातचीत जारी है, जो व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सावधानी की भी जरूरत है। यूरोपीय विशेषज्ञता और बाजार पहुंच वास्तव में मूल्यवान है, खासकर नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण में जहाँ भारत तीव्र विकास की राह पर है। हालांकि, ऐसी साझेदारियाँ अक्सर सैद्धांतिक स्तर पर आकर्षक लगती हैं लेकिन व्यावहारिक कार्यान्वयन में पीछे रह जाती हैं। पुर्तगाल एक छोटी अर्थव्यवस्था है — सकल घरेलू उत्पाद के मामले में भारत का लगभग 2% — और इसकी वास्तविक प्रभाव क्षमता सीमित है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये वार्ताएं ठोस निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त परियोजनाओं में तब्दील होती हैं, न कि केवल बयानबाजी में। सीधी उड़ान और स्टार्टअप सहयोग जैसे कदम सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह साझेदारी पारस्परिक लाभ और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर आधारित हो।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और पुर्तगाल के बीच आर्थिक संबंध कितने मजबूत हैं?
पिछले दशक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन अभी भी पूरी क्षमता का दोहन नहीं किया गया है। पुर्तगाल के अधिकारियों के अनुसार, वैश्विक आंकड़ों की तुलना में दोनों देशों के बीच व्यापार की गुंजाइश अभी बहुत अधिक है।
पुर्तगाल नवीकरणीय ऊर्जा में भारत को कैसे मदद कर सकता है?
पुर्तगाल की लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों से आती है। देश स्थिरता, कचरा प्रबंधन, डीकार्बोनाइजेशन, औद्योगिक विद्युतीकरण और बैटरी वैल्यू चेन में अपनी व्यापक विशेषज्ञता भारत के साथ साझा कर सकता है।
भारतीय स्टार्टअप पुर्तगाल में क्यों स्थापित हो सकते हैं?
पुर्तगाल यूरोपीय एकल बाजार का प्रवेश द्वार है, जहाँ भारतीय स्टार्टअप 45 करोड़ उपभोक्ताओं वाले विश्व के सबसे बड़े एकीकृत बाजार तक पहुंच बना सकते हैं। साथ ही, पुर्तगाल में मजबूत डिजिटल और ऊर्जा अवसंरचना स्टार्टअप्स के विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।
पुर्तगाल की विनिर्माण क्षमता भारत के लिए कितनी महत्वपूर्ण है?
पुर्तगाल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में यूरोप में अग्रणी है और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों, मशीनरी और टूलिंग के लिए प्रसिद्ध है। पुर्तगाली ठेकेदार भारत के बुनियादी ढांचा विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
क्या भारत और पुर्तगाल के बीच सीधी उड़ान शुरू होगी?
हाँ, भारत और पुर्तगाल के बीच सीधी उड़ान शुरू करने की संभावना पर बातचीत जारी है। यह कदम व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस