2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-अफ्रीका सहयोग में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड आधुनिकीकरण का महत्व: मनोहर लाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-अफ्रीका सहयोग में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड आधुनिकीकरण का महत्व: मनोहर लाल

सारांश

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने भारत और अफ्रीका के साझा विकास लक्ष्यों पर जोर देते हुए नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड आधुनिकीकरण को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में बताया। यह साझेदारी भविष्य के लिए आवश्यक है।

मुख्य बातें

भारत और अफ्रीका का साझा विकास लक्ष्य नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड आधुनिकीकरण का महत्व साझेदारी का वास्तविकता में रूपांतरण आवश्यक अफ्रीका को निवेश की आवश्यकता है स्थायी विकास के लिए जल प्रबंधन

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कहा कि भारत और अफ्रीका, जो दुनिया की लगभग एक-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, समावेशी, न्यायसंगत और भविष्य के लिए तैयार विकास के समान लक्ष्यों की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और संस्थागत क्षमता निर्माण भारत-अफ्रीका सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हैं।

भारत इलेक्ट्रिक समिट 2026 के तीसरे दिन 'भारत-अफ्रीका स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप मीट' में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिजली आर्थिक विकास को गति देने, सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने और नए अवसर पैदा करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' की अवधारणा को वैश्विक ऊर्जा कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों में विश्वसनीय, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा प्राप्त करने की प्रतिबद्धता है। मंत्री ने अफ्रीका50 और पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के बीच सहयोग, विशेषकर केन्या ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे मजबूत ढांचा तैयार हो रहा है।

इंटरनेशनल सोलर एलायंस जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने अफ्रीका के साथ सहयोग को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी केवल लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलाव लाने वाली और साझा विकास पर आधारित है।

बैठक में यह भी तय किया गया कि भारत और अफ्रीका नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, जुड़े हुए ग्रिड सिस्टम, ऊर्जा स्टोरेज तकनीक और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने कहा कि भारत-अफ्रीका साझेदारी को अब केवल विचारों से आगे बढ़ाकर वास्तविकता में लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी के लिए सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में टिकाऊ विकास और बेहतर जल प्रबंधन को प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार बताया।

इस मौके पर अफ्रीका50 के सीईओ एलेन एबोबिन ने कहा कि अफ्रीका को मदद की नहीं, बल्कि निवेश की आवश्यकता है, जिससे बेहतर परिणाम और विकास हासिल किया जा सके।

उन्होंने बताया कि अफ्रीका अब निवेश योग्य परियोजनाओं, ट्रांसमिशन विस्तार और निजी निवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दोनों क्षेत्रों की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक समृद्धि को भी बढ़ावा देगा। यह साझेदारी साझा लक्ष्यों के माध्यम से आगे बढ़ रही है, जो सभी के लिए फायदेमंद साबित होगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-अफ्रीका सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में क्या शामिल हैं?
भारत-अफ्रीका सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और संस्थागत क्षमता निर्माण शामिल हैं।
'वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड' की अवधारणा का क्या महत्व है?
यह अवधारणा वैश्विक ऊर्जा कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ा कदम है, जो सभी देशों को एक साथ लाने में मदद करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले