2025-26 में सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 11,810 करोड़ का रिकॉर्ड व्यय किया
सारांश
Key Takeaways
- 11,810.82 करोड़ रुपये का व्यय सामाजिक न्याय के लिए एक नई उम्मीद है।
- सरकार ने 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
- मध्य प्रदेश ने 947 दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
- सरकारी योजनाओं का लाभ वंचित समुदायों तक पहुंचाने की कोशिश।
- सरकार का फोकस सामाजिक सशक्तिकरण पर है।
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 11,810.82 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे अधिक व्यय दर्ज किया है।
मंत्रालय के अनुसार, यह वित्त वर्ष 2024-25 में किए गए 10,409.00 करोड़ रुपए के व्यय की तुलना में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इस वृद्धि से कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन के समय पर उपयोग पर विभाग के मजबूत ध्यान का संकेत मिलता है।
विभाग ने अपने बयान में कहा, "वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर अब तक का सबसे अधिक व्यय दर्ज किया गया है।"
सरकार ने बताया कि उसने नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने, सफाई कर्मचारियों के कल्याण, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण और भीख मांगने वालों के कल्याण से संबंधित योजनाओं में रिकॉर्ड व्यय किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में हासिल किया गया यह रिकॉर्ड व्यय देश भर में वंचित और कमजोर समुदायों के लिए सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
इसी बीच, देश भर में स्थित 349 दिव्यांग-अनुकूल प्रशिक्षण केंद्रों ने 2025-26 के दौरान कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया और 1,883 लोगों को प्रमाणित किया।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने पिछले महीने संसद में एक प्रश्न के उत्तर में आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन केंद्रों द्वारा 2,395 दिव्यांगजनों को प्रशिक्षित किया गया और इनमें से 1,883 को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि के दौरान, मध्य प्रदेश ने 947 दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण प्रदान करके सभी राज्यों में शीर्ष स्थान हासिल किया, जिनमें से अंततः 761 को प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ।
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, दिव्यांगजनों के कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना के तहत सरकारी संगठनों और गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से दिव्यांगजनों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है ताकि वे लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
-- राष्ट्र प्रेस
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