31 जुलाई 2026
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स्टैनफोर्ड दीक्षांत समारोह में सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान 200 छात्रों का वॉकआउट, गूगल-इज़रायल संबंधों पर विरोध

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स्टैनफोर्ड दीक्षांत समारोह में सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान 200 छात्रों का वॉकआउट, गूगल-इज़रायल संबंधों पर विरोध

सारांश

स्टैनफोर्ड के दीक्षांत मंच पर सुंदर पिचाई का स्वागत तालियों से नहीं, वॉकआउट से हुआ। करीब 200 छात्रों का यह विरोध गूगल के 'प्रोजेक्ट निंबस' — इज़रायल के साथ 1.2 अरब डॉलर के क्लाउड समझौते — के खिलाफ था। अमेरिकी परिसरों में तकनीकी दिग्गजों और उनकी नैतिक जवाबदेही पर बहस तेज होती जा रही है।

मुख्य बातें

गूगल सीईओ सुंदर पिचाई के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी दीक्षांत भाषण के दौरान करीब 200 छात्रों ने वॉकआउट किया।
विरोध का मुख्य कारण गूगल का 2021 का 'प्रोजेक्ट निंबस' — इज़रायली सरकार के साथ 1.2 अरब डॉलर का क्लाउड-कंप्यूटिंग समझौता।
प्रदर्शनकारियों ने फिलिस्तीनी झंडे लहराए और 'पीपल्स कमेंसमेंट' नाम का समानांतर कार्यक्रम आयोजित किया।
एक्टिविस्ट महमूद खलील — जिन्हें पहले 100 से अधिक दिनों तक हिरासत में रखा गया था — समानांतर समारोह के मुख्य वक्ता थे।
गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट को भी पिछले महीने यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना में AI पर टिप्पणी पर छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा।

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के 2026 दीक्षांत समारोह में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान करीब 200 स्नातक छात्रों ने वॉकआउट किया। रिपोर्टों के अनुसार, यह विरोध गूगल के इज़रायली सरकार के साथ संबंधों — विशेष रूप से 'प्रोजेक्ट निंबस' नामक 1.2 अरब डॉलर के क्लाउड-कंप्यूटिंग समझौते — के खिलाफ था।

मुख्य घटनाक्रम

एसएफगेट की रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही पिचाई मंच पर आए, करीब 200 छात्र बाहर निकल गए। दर्शकों में मौजूद कुछ समूहों ने फिलिस्तीनी झंडे लहराए, बैनर दिखाए और सीटियाँ बजाईं, और फिर भाषण के बीच में ही समारोह स्थल से बाहर चले गए। शुरुआती विरोध के बावजूद समारोह जारी रहा और पिचाई के व्यक्तिगत किस्सों पर शेष दर्शकों ने तालियाँ और हँसी से प्रतिक्रिया दी।

पिचाई का भाषण और उसकी पृष्ठभूमि

अपने संबोधन में सुंदर पिचाई ने भारत से सिलिकॉन वैली तक के अपने निजी सफर का वर्णन किया। उन्होंने कैलिफोर्निया आने, डॉक्टरेट छोड़कर मास्टर्स डिग्री लेने के फैसले और गूगल से जुड़ने के बाद आई चुनौतियों का जिक्र किया। गौरतलब है कि पिचाई ने अपने भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उल्लेख नहीं किया — एक ऐसा विषय जो इस वर्ष कई दीक्षांत समारोहों में छात्रों की नाराजगी का कारण बना है।

प्रोजेक्ट निंबस और छात्रों की आपत्ति

फिलिस्तीन-समर्थक प्रदर्शनकारियों का मुख्य निशाना 2021 में हुआ 'प्रोजेक्ट निंबस' था — गूगल और अमेज़न का इज़रायली सरकार के साथ 1.2 अरब डॉलर का क्लाउड-कंप्यूटिंग अनुबंध। आलोचकों का कहना है कि यह समझौता इज़रायली सैन्य और सरकारी ढाँचे को तकनीकी सहायता देता है, जो गाज़ा संघर्ष के संदर्भ में नैतिक रूप से अस्वीकार्य है।

समानांतर आयोजन और व्यापक संदर्भ

प्रदर्शनकारियों ने 'पीपल्स कमेंसमेंट' नाम का एक अलग समारोह आयोजित किया, जिसमें एक्टिविस्ट महमूद खलील मुख्य वक्ता थे। खलील को पिछले वर्ष कोलंबिया यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीन-समर्थक गतिविधियों के कारण अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने 100 से अधिक दिनों तक हिरासत में रखा था। यह घटना पिछले तीन वर्षों में स्टैनफोर्ड के दीक्षांत समारोहों में हुई ऐसी ही घटनाओं और गाज़ा में युद्ध तथा परिसर में फिलिस्तीन-समर्थक प्रदर्शनों पर विश्वविद्यालय की सख्ती के खिलाफ बढ़ते छात्र असंतोष का हिस्सा है।

अन्य तकनीकी अधिकारियों को भी विरोध का सामना

पिछले महीने यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के दीक्षांत समारोह में गूगल के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक श्मिट को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। जब श्मिट ने कहा कि 'AI हर चीज को प्रभावित करेगा,' तो स्नातक छात्रों ने हूटिंग कर अपना असंतोष जताया। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों में तकनीकी उद्योग के शीर्ष अधिकारियों को छात्रों के बढ़ते राजनीतिक और नैतिक सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उसकी आग अभी तक ठंडी नहीं हुई — यह दर्शाता है कि गूगल की आंतरिक जवाबदेही की माँग अब परिसरों तक फैल चुकी है। यह भी उल्लेखनीय है कि पिचाई ने AI का जिक्र टाला, जो अपने आप में एक रणनीतिक चुप्पी थी — लेकिन वह भी छात्रों को शांत नहीं कर सकी। अमेरिकी विश्वविद्यालयों में तकनीकी अधिकारियों की उपस्थिति अब केवल प्रेरणा का अवसर नहीं रही, बल्कि नैतिक जाँच का मंच बन चुकी है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्टैनफोर्ड में सुंदर पिचाई के भाषण के दौरान वॉकआउट क्यों हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार, करीब 200 छात्रों ने गूगल के इज़रायली सरकार के साथ संबंधों — विशेष रूप से 2021 के 'प्रोजेक्ट निंबस' क्लाउड-कंप्यूटिंग समझौते — के विरोध में वॉकआउट किया। यह गाज़ा संघर्ष के संदर्भ में अमेरिकी परिसरों में चल रहे फिलिस्तीन-समर्थक आंदोलन का हिस्सा है।
गूगल का 'प्रोजेक्ट निंबस' क्या है?
'प्रोजेक्ट निंबस' गूगल और अमेज़न का 2021 में इज़रायली सरकार के साथ हुआ 1.2 अरब डॉलर का क्लाउड-कंप्यूटिंग अनुबंध है। आलोचकों का कहना है कि यह समझौता इज़रायली सैन्य और सरकारी ढाँचे को तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
'पीपल्स कमेंसमेंट' कार्यक्रम क्या था?
फिलिस्तीन-समर्थक प्रदर्शनकारियों ने आधिकारिक दीक्षांत समारोह के समानांतर 'पीपल्स कमेंसमेंट' नाम का एक अलग कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें एक्टिविस्ट महमूद खलील मुख्य वक्ता थे, जिन्हें पहले अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने 100 से अधिक दिनों तक हिरासत में रखा था।
क्या अन्य तकनीकी अधिकारियों को भी इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा है?
हाँ, पिछले महीने यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के दीक्षांत समारोह में गूगल के पूर्व सीईओ एरिक श्मिट को भी छात्रों की हूटिंग का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने AI पर टिप्पणी की। यह प्रवृत्ति अमेरिकी विश्वविद्यालयों में तकनीकी उद्योग के शीर्ष अधिकारियों के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाती है।
सुंदर पिचाई ने अपने भाषण में क्या कहा?
पिचाई ने अपने संबोधन में भारत से सिलिकॉन वैली तक के निजी सफर, कैलिफोर्निया आने, डॉक्टरेट छोड़कर मास्टर्स डिग्री लेने और गूगल से जुड़ने के बाद की चुनौतियों का जिक्र किया। उल्लेखनीय है कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कोई उल्लेख नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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