भारत बनाम अफगानिस्तान टेस्ट: आकाश चोपड़ा की पसंद — पंत पाँचवें, सुदर्शन तीसरे नंबर पर
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने 6 जून 2026 से शुरू हो रहे भारत बनाम अफगानिस्तान एकमात्र टेस्ट मैच के लिए अपनी पसंदीदा प्लेइंग इलेवन सार्वजनिक की है, जिसमें खराब फॉर्म के बावजूद ऋषभ पंत को पाँचवें नंबर पर जगह दी गई है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो में यह चयन विस्तार से समझाया।
सलामी जोड़ी और शीर्ष क्रम
आकाश ने केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल को सलामी बल्लेबाज के रूप में बरकरार रखा है। उनका मानना है कि इस जोड़ी के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ उचित नहीं होगी, क्योंकि दोनों ने हाल के मैचों में अपनी उपयोगिता साबित की है। तीसरे नंबर पर उन्होंने साई सुदर्शन पर भरोसा जताया और कहा कि युवा बल्लेबाज को अधिक अवसर मिलने चाहिए।
मध्यक्रम और विकेटकीपर का चुनाव
शुभमन गिल को आकाश ने नंबर चार पर ही रखा है। गिल की तकनीक और अनुभव को देखते हुए यह स्थान उनके लिए सबसे उपयुक्त माना गया। पाँचवें नंबर पर ऋषभ पंत का चयन चर्चा का विषय है — हालिया फॉर्म भले ही अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी हो, लेकिन आकाश का मानना है कि पंत की विस्फोटक क्षमता इस प्रारूप में अमूल्य है।
विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में ध्रुव जुरेल को अंतिम ग्यारह में शामिल किया गया है। जुरेल की हालिया फॉर्म उल्लेखनीय रही है — आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। आकाश ने यह भी संकेत दिया कि जुरेल के स्थान पर नीतीश कुमार रेड्डी को भी आज़माया जा सकता है।
ऑलराउंडर और गेंदबाज़ी आक्रमण
ऑलराउंडर की भूमिका के लिए वॉशिंगटन सुंदर आकाश की पहली पसंद हैं। तेज़ गेंदबाज़ी में प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज को जगह दी गई है। यदि पिच और परिस्थितियाँ तेज़ गेंदबाज़ों के अनुकूल रहती हैं, तो आकाश के अनुसार गुरनूर बरार को डेब्यू कैप मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, अगर पिच स्पिन के लिए मददगार साबित होती है, तो हर्ष दुबे या मानव सुथार में से किसी एक को अवसर दिया जा सकता है।
आकाश चोपड़ा की पूरी प्लेइंग इलेवन
आकाश द्वारा सुझाई गई भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन: केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार / हर्ष दुबे (परिस्थितियों के अनुसार)।
यह एकमात्र टेस्ट भारत के लिए घरेलू परिस्थितियों में युवा खिलाड़ियों को आज़माने और आगामी सीरीज़ से पहले संयोजन तलाशने का एक अहम मौका है।