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क्या अपूर्वी चंदेला ने विरासत में मिली शूटिंग से ओलंपिक में नाम कमाया?

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क्या अपूर्वी चंदेला ने विरासत में मिली शूटिंग से ओलंपिक में नाम कमाया?

सारांश

अपूर्वी चंदेला, जो एक प्रतिभाशाली निशानेबाज हैं, ने अपने परदादा के कोचिंग से मिली प्रेरणा से कई पदक जीते हैं। जानिए कैसे उनका करियर उन्हें नई ऊंचाइयों पर ले गया।

मुख्य बातें

अपूर्वी चंदेला ने गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
उनका जन्म जयपुर में हुआ।
उनके परदादा एक प्रसिद्ध कोच थे।
उन्हें 2016 में 'अर्जुन अवॉर्ड' मिला।
अपूर्वी ने महिलाओं को प्रेरित किया है।

नई दिल्ली, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रतिभाशाली महिला निशानेबाज अपूर्वी चंदेला ने 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में देश के लिए कई पदक जीते हैं। यह खेल उन्हें विरासत में मिला है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए अपूर्वी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जिसने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

अपूर्वी का जन्म 4 जनवरी 1993 को जयपुर में होटल व्यवसाय से जुड़े कुलदीप सिंह चंदेला और बिंदू के घर हुआ। उनके परदादा के चचेरे भाई डॉ. करणी सिंह कोच थे। करणी सिंह, जो खुद पांच बार के ओलंपियन हैं, के नाम पर नई दिल्ली में एक शूटिंग रेंज भी है।

अपूर्वी के पिता को भी शूटिंग में रुचि थी, लेकिन उन्हें खुद एक खेल पत्रकार बनने की इच्छा थी। अजमेर और जयपुर में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद, अपूर्वी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मैरी कॉलेज से समाजशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की।

2008 में, अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में भारत को शूटिंग में गोल्ड मेडल दिलाया, जिसने अपूर्वी को भी इस खेल के प्रति प्रेरित किया।

जयपुर की शूटिंग रेंज में अपूर्वी ने सटीक निशाने के साथ सभी को प्रभावित किया, जिससे उनके पिता ने उन्हें एक राइफल उपहार में दी। चाचा हेम सिंह ने प्रैक्टिस के लिए घर पर ही एक शूटिंग रेंज स्थापित की।

2012 में, अपूर्वी ने नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद, 2014 में इंटरशूट चैंपियनशिप में चार मेडल प्राप्त किए। इसी वर्ष, ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में 206.7 के स्कोर के साथ नया रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता।

2015 में, वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद, अपूर्वी ने 2016 रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया, लेकिन भारत को पदक नहीं दिला सकीं।

इसके पश्चात, 2018 में अपूर्वी ने एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसी वर्ष कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीते। 2019 में, अपूर्वी ने अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन वर्ल्ड कप में 253.9 के स्कोर के साथ गोल्ड जीता। अपूर्वी ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में भी स्थान बनाया, लेकिन इस बार भी वह मेडल जीतने में असफल रहीं।

शूटिंग में उत्कृष्ट योगदान के लिए अपूर्वी चंदेला को 2016 में 'अर्जुन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। निश्चित रूप से, अपूर्वी ने इस खेल में महिलाओं को आगे आने के लिए प्रेरित किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय शूटिंग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपूर्वी चंदेला का जन्म कब हुआ?
अपूर्वी चंदेला का जन्म 4 जनवरी 1993 को जयपुर में हुआ।
अपूर्वी ने कब कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता?
अपूर्वी ने 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता।
अपूर्वी चंदेला को कौन सा पुरस्कार मिला?
उन्हें 2016 में 'अर्जुन अवार्ड' से सम्मानित किया गया।
क्या अपूर्वी चंदेला ने ओलंपिक में पदक जीता?
अपूर्वी ने 2016 और 2020 ओलंपिक में भाग लिया लेकिन पदक नहीं जीत सकीं।
अपूर्वी चंदेला के चचेरे भाई का नाम क्या है?
अपूर्वी के चचेरे भाई का नाम डॉ. करणी सिंह है, जो एक प्रसिद्ध कोच हैं।
राष्ट्र प्रेस
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