26 जुलाई 2026
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तेजप्रताप यादव गिरफ्तारी विवाद: वकील का आरोप — बिना FIR बताए हिरासत, कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी

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तेजप्रताप यादव गिरफ्तारी विवाद: वकील का आरोप — बिना FIR बताए हिरासत, कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी

सारांश

नीट पेपर लीक प्रदर्शन के बाद पटना पुलिस ने तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार किया, लेकिन उनके वकील का आरोप है कि बिना FIR बताए हिरासत ली गई और कानूनी प्रक्रिया की खुलेआम अनदेखी हुई। 14 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद अब जमानत याचिका पर नज़रें टिकी हैं।

मुख्य बातें

तेजप्रताप यादव को 25 जुलाई 2026 की शाम 7:30 बजे पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया।
अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह का आरोप — गिरफ्तारी के समय कोई एफआईआर नहीं बताई गई, कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
पुलिस ने एफआईआर की प्रति दिए बिना हस्ताक्षर कराने की कोशिश की, वकील ने विरोध किया।
मजिस्ट्रेट ने तेजप्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेजा।
अदालत में जमानत याचिका दायर; सोमवार को नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई निर्धारित।
पुलिस की ओर से वकील के आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर पटना में नया विवाद खड़ा हो गया है। उनके अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने आरोप लगाया है कि 25 जुलाई 2026 की शाम 7:30 बजे सिटी सेंटर मॉल से हुई यह गिरफ्तारी बिना किसी वैध आधार के की गई और इसके बाद भी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यह गिरफ्तारी नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को हुए प्रदर्शन के बाद की गई थी।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने 26 जुलाई को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि तेजप्रताप यादव को 25 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया। उन्होंने दावा किया कि मॉल के सीसीटीवी फुटेज से गिरफ्तारी का सटीक समय और स्थान स्पष्ट हो जाएगा। वकील के अनुसार, हिरासत के वक्त किसी भी मामले की जानकारी नहीं दी गई और बाद में एफआईआर दर्ज होने की बात कही गई।

थाने में कानूनी प्रक्रिया पर सवाल

अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने बताया कि वे रात करीब 10:30 बजे नौबतपुर थाना पहुँचे, जहाँ कई अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने गिरफ्तारी का कारण जानना चाहा, लेकिन कथित तौर पर वहाँ मौजूद अधिकारियों को भी मामले की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने पहले बताया कि गांधी मैदान थाना से एफआईआर आने वाली है, परंतु काफी देर तक एफआईआर उपलब्ध नहीं कराई गई।

वकील के अनुसार, बाद में तेजप्रताप यादव को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के लिए ले जाया गया। इस दौरान पुलिस ने उनसे दस्तखत कराने की कोशिश की, लेकिन अधिवक्ता ने एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराए बिना हस्ताक्षर कराने का विरोध किया।

मजिस्ट्रेट के निर्देश और न्यायिक हिरासत

जगन्नाथ सिंह ने बताया कि मजिस्ट्रेट के निर्देश पर मेमो ऑफ अरेस्ट की प्रति दी गई, जबकि एफआईआर, आरोपों की प्रति और रिमांड आदेश कथित तौर पर अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। अदालत ने देर रात तेजप्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया।

जमानत के लिए अदालत में आवेदन

अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने बताया कि तेजप्रताप यादव की रिहाई के लिए अदालत में आवेदन दायर किया गया है। अदालत ने फिलहाल उन्हें सोमवार को नियमित प्रक्रिया के तहत जमानत याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि यह गिरफ्तारी नीट पेपर लीक मामले को लेकर 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के बाद की गई थी। उल्लेखनीय है कि वकील द्वारा लगाए गए आरोपों और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला बिहार की राजनीति में एक नई कानूनी बहस को जन्म दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हस्ताक्षर के लिए दबाव, रिमांड आदेश न देना — अगर सही हैं, तो ये दंड प्रक्रिया संहिता की बुनियादी धाराओं का उल्लंघन दर्शाते हैं। पुलिस की चुप्पी इस विवाद को और गहरा करती है; सीसीटीवी फुटेज और मेमो ऑफ अरेस्ट ही अब एकमात्र तथ्यात्मक आधार बचते हैं। बिहार में नीट आंदोलन की पृष्ठभूमि में यह मामला न्यायिक स्वतंत्रता और पुलिस जवाबदेही दोनों की परीक्षा बन गया है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजप्रताप यादव को क्यों गिरफ्तार किया गया?
तेजप्रताप यादव को नीट पेपर लीक मामले को लेकर 25 जुलाई 2026 को हुए प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया गया। हालाँकि, गिरफ्तारी के समय उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया, यह उनके वकील को भी कथित तौर पर नहीं बताया गया।
तेजप्रताप यादव के वकील ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय कोई एफआईआर नहीं बताई गई, एफआईआर की प्रति दिए बिना हस्ताक्षर कराने की कोशिश की गई और रिमांड आदेश भी उपलब्ध नहीं कराया गया। उनका कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के विरुद्ध है।
तेजप्रताप यादव अभी कहाँ हैं और उनकी जमानत का क्या हाल है?
मजिस्ट्रेट के आदेश पर तेजप्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में पटना के बेऊर जेल भेजा गया है। उनके वकील ने जमानत के लिए अदालत में आवेदन दायर किया है और सोमवार को नियमित जमानत याचिका दाखिल होनी है।
सिटी सेंटर मॉल का सीसीटीवी फुटेज इस मामले में क्यों अहम है?
अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह के अनुसार, सिटी सेंटर मॉल का सीसीटीवी फुटेज गिरफ्तारी के सटीक समय और स्थान को प्रमाणित करेगा। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वकील का दावा है कि हिरासत और एफआईआर दर्ज होने के समय में अंतर था, जो प्रक्रियागत उल्लंघन को साबित कर सकता है।
पुलिस ने वकील के आरोपों पर क्या कहा है?
अब तक पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की प्रक्रिया और वकील द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अदालत में विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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