बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जवाब देने का आखिरी मौका दिया, यौन उत्पीड़न अपील पर फैसला करीब
सारांश
मुख्य बातें
राउज एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे चार महिला पहलवानों द्वारा दायर अपील — जो उनके बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देती है — पर एक सप्ताह के भीतर लिखित जवाब दाखिल करें। कोर्ट ने साफ कहा कि यह आखिरी अवसर है और आगे कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी।
मामले का पृष्ठभूमि
यह विवाद जनवरी 2023 में उस समय सुर्खियों में आया जब ओलंपियन विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया सहित कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया। प्रदर्शनकारी पहलवानों ने सिंह पर कथित यौन उत्पीड़न और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए तथा उनके WFI अध्यक्ष पद से तत्काल इस्तीफे की माँग की। इस दबाव के बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय ने WFI के कामकाज को निलंबित कर दिया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा के निर्देश पर एक जाँच समिति भी बनाई गई।
ट्रायल कोर्ट का फैसला और उस पर अपील
3 अगस्त 2026 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर — जिन पर आपराधिक धमकी का आरोप था — दोनों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष दोनों के विरुद्ध आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो सका।
इस फैसले के बाद चारों महिला पहलवानों ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अपील दायर की। अपीलकर्ताओं ने दलील दी है कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय कानूनी कसौटी पर खरा नहीं उतरता और रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया।
अब तक की सुनवाई का क्रम
28 सितंबर 2026 को अदालत ने सिंह और तोमर को नोटिस जारी कर अपील पर जवाब माँगा था। 9 अक्टूबर की सुनवाई में प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया और अगली तारीख 28 अक्टूबर तय की गई। अब बुधवार को अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की है।
आरोप और मई 2024 के आरोप-निर्धारण का संदर्भ
गौरतलब है कि मई 2024 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने ही सिंह के विरुद्ध कथित यौन उत्पीड़न और पाँच महिला पहलवानों की गरिमा को ठेस पहुँचाने से संबंधित आरोप तय किए थे। सिंह ने लगातार खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल का सामना करने का विकल्प चुना।
आगे क्या होगा
यदि सिंह तय समय-सीमा के भीतर जवाब दाखिल नहीं करते, तो अदालत एकपक्षीय सुनवाई का विकल्प अपना सकती है। अपील की अगली सुनवाई जवाब प्राप्त होने के बाद निर्धारित होगी। यह मामला भारतीय कुश्ती और खेल प्रशासन में जवाबदेही की बहस के केंद्र में बना हुआ है।