BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026: त्रिशा-गायत्री सेमीफाइनल में हारीं, ब्रॉन्ज मेडल पर करना पड़ा संतोष
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारतीय बैडमिंटन जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को विमेंस डबल्स के सेमीफाइनल में हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। 22 अगस्त को खेले गए इस मुकाबले में चीन की जोड़ी ल्यू शेंगशू और तान निंग ने भारतीय खिलाड़ियों को 18-21, 21-13, 21-8 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। इस हार के साथ ही भारत का इस टूर्नामेंट में सफर भी समाप्त हो गया।
मुख्य मुकाबले का घटनाक्रम
71 मिनट तक चले इस सेमीफाइनल की शुरुआत त्रिशा-गायत्री ने आक्रामक अंदाज़ में की। पहले गेम में भारतीय जोड़ी ने 7-2 की शुरुआती बढ़त बनाई। हालाँकि, ल्यू शेंगशू और तान निंग ने वापसी करते हुए ब्रेक तक स्कोर 11-7 से अपने पक्ष में कर लिया। त्रिशा-गायत्री ने एक बार फिर जोरदार कमबैक किया और पहला गेम 21-18 से अपने नाम किया।
दूसरे और तीसरे गेम में चीन का दबदबा
पहला गेम गँवाने के बाद चीनी जोड़ी दूसरे गेम में पूरी तरह हावी नज़र आई। शुरुआत में 3-0 की बढ़त के बाद भारतीय जोड़ी ने ब्रेक तक 9-8 की बढ़त बना ली और मुकाबला 12-12 की बराबरी तक पहुँचा। लेकिन इसके बाद चीन की जोड़ी ने लगातार 8 अंक अर्जित किए और दूसरा गेम 21-13 से जीत लिया।
तीसरा गेम पूरी तरह एकतरफा रहा। चीनी जोड़ी ने अपने अनुभव का भरपूर फायदा उठाते हुए ब्रेक तक 11-5 की बढ़त बनाई और फिर लगातार 8 अंक हासिल कर गेम 21-8 से जीतकर फाइनल का टिकट पक्का किया।
ऐतिहासिक उपलब्धि से चूकी भारतीय जोड़ी
इस हार के साथ त्रिशा और गायत्री विमेंस डबल्स के फाइनल में पहुँचने वाली पहली गैर-वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी बनने का ऐतिहासिक मौका गँवा बैठीं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन में युवा जोड़ियों से बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं।
भारत का टूर्नामेंट में प्रदर्शन
त्रिशा-गायत्री की विदाई के साथ ही BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत का अभियान समाप्त हो गया। पूरे टूर्नामेंट में भारत की झोली में केवल एक ब्रॉन्ज मेडल आया, जो समग्र रूप से निराशाजनक रहा। गौरतलब है कि इस जोड़ी ने सेमीफाइनल तक का सफर तय कर भारतीय बैडमिंटन में नई उम्मीद जगाई, लेकिन पदक तालिका में भारत का प्रदर्शन अपेक्षाओं से कमतर रहा।
आगे की राह
ब्रॉन्ज मेडल के बावजूद त्रिशा और गायत्री की यह यात्रा भारतीय महिला डबल्स बैडमिंटन के लिए एक सकारात्मक संकेत है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय सर्किट में इस जोड़ी से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।