BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिशा जॉली-गायत्री गोपीचंद ने जापानी जोड़ी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में मारी एंट्री
सारांश
मुख्य बातें
त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने 20 अगस्त 2026 को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 के सीधे गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में विश्व रैंकिंग में 39वें स्थान पर काबिज भारतीय जोड़ी ने एक बार फिर अपनी सीडिंग से कहीं ऊँचा प्रदर्शन किया।
मुख्य घटनाक्रम
पहले गेम में भारतीय जोड़ी ने 21-16 से बढ़त बनाई और दूसरे गेम में 21-12 के दमदार स्कोर से मैच अपने नाम किया। त्रिशा ने कोर्ट के पिछले हिस्से से लगातार आक्रामक रैलियाँ खेलीं और नेट पर भी कई निर्णायक शॉट जड़े, जिससे जापानी जोड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं मिला। गायत्री ने तालमेल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई और त्रिशा के आक्रामक खेल को संतुलित समर्थन दिया।
विवादित पल और येलो कार्ड
मैच पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा — कुछ तनावपूर्ण क्षण भी देखने को मिले। जापानी जोड़ी के व्यवहार को लेकर त्रिशा और गायत्री की चिंताओं पर अंपायर से मनचाहा जवाब न मिलने पर दोनों खिलाड़ी स्पष्ट रूप से परेशान दिखीं। शटल के साथ व्यवहार को लेकर चेयर अंपायर ने त्रिशा को येलो कार्ड भी दिखाया। एक समय त्रिशा मैच रेफरी से बहस करती रहीं, जब तक कि कोच पुलेला गोपीचंद ने कोर्ट के बाहर से उन्हें अपने कोने में वापस बुलाया। हालाँकि, त्रिशा ने इस निराशा को अपने खेल में तब्दील किया और हर आक्रामक रैली में जबरदस्त तेज़ी दिखाई।
घरेलू माहौल और दर्शकों का समर्थन
इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में भारतीय समर्थकों ने पूरे मैच को घरेलू मुकाबले जैसा माहौल दे दिया, जिससे जापानी जोड़ी के लिए परिस्थितियाँ और कठिन हो गईं। दर्शकों के जोरदार समर्थन ने त्रिशा को हर सफल स्मैश के बाद जोशीले जश्न का मौका दिया।
चोट से वापसी और आगे का सफर
गौरतलब है कि त्रिशा को लगी चोट के कारण यह जोड़ी लगभग तीन महीने तक प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से दूर रही थी। वापसी के बाद लय दोबारा हासिल करना बड़ी चुनौती थी, लेकिन इस टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन ने साफ संकेत दिया है कि वे पूरी तरह फॉर्म में लौट आई हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बैडमिंटन महिला डबल्स में वैश्विक पहचान बनाने की कोशिश में है।
क्या होगा आगे
क्वार्टर फाइनल में जीत के साथ त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद सेमीफाइनल से महज एक कदम दूर हैं। सेमीफाइनल में पहुँचते ही BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में उनका पदक पक्का हो जाएगा — जो भारतीय महिला डबल्स के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।