BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिशा-गायत्री ने जापानी जोड़ी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया
सारांश
मुख्य बातें
BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला युगल जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने 20 अगस्त को प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान की रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की कर ली। नई दिल्ली में घरेलू दर्शकों के सामने खेली गई इस जीत में दोनों खिलाड़ियों ने स्टेडियम की भीड़ को अपनी सफलता का सबसे बड़ा कारण बताया।
मुख्य घटनाक्रम
पहले सेट में भारतीय जोड़ी 13-16 से पीछे थी, लेकिन कोचों के सुझावों को अमल में लाते हुए उन्होंने पासा पलट दिया और 21-16 से सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में भी कुछ कड़े पलों के बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और 21-12 से मैच जीत लिया।
मैच के दौरान त्रिशा जॉली के विस्फोटक स्मैश और गायत्री गोपीचंद की तेज़ नेट-फ्रंट मूवमेंट की जुगलबंदी ने लगातार 3-4 अंकों की श्रृंखला बनाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों ने माना कि फिनिशिंग शॉट्स से पहले के सेटअप शॉट्स उतने ही निर्णायक थे।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गायत्री गोपीचंद ने कहा, 'मुझे लगता है कि कोर्ट पर उतरते ही थोड़ा दबाव तो होता ही है, लेकिन यह ऐसा दबाव है जिसका आप आनंद लेते हैं क्योंकि आप दिल्ली में खेल रहे हैं। पहले सेट में हम 13-16 से पीछे थे, लेकिन फिर हमें अपने कोचों से कुछ टिप्स मिले और हमने उन्हें बहुत अच्छे से लागू किया।'
त्रिशा जॉली ने कहा, 'दर्शक बहुत जबरदस्त हैं। जब हम पहला गेम खेल रहे थे और पीछे भी चल रहे थे, तब भी फैंस ने हमें बहुत हिम्मत दी। जब हम अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे हों तो हमें बस अपना दमदार खेल दिखाना चाहिए ताकि वे उसे देख सकें।'
रणनीति और खेल-शैली
दोनों खिलाड़ियों ने स्वीकार किया कि 'रोटेशन और अटैकिंग गेम' उनका सबसे कारगर हथियार साबित हो रहा है। गायत्री ने कहा, 'मैं बस त्रिशा के लिए मौका बनाना चाहती हूं, क्योंकि उनका स्मैश बहुत जबरदस्त है — अगर वह स्मैश मारेंगी, तो प्वाइंट पक्का है।' यह साझेदारी तकनीकी रूप से परिपक्व होती दिख रही है।
आगे की चुनौती
क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी को शीर्ष स्तर की प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा। त्रिशा ने साफ कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह आसान होगा। हर प्वाइंट मायने रखता है। हमें बस खुद पर भरोसा रखना होगा, शांत रहना होगा और उस पल में पूरी तरह मौजूद रहना होगा।' गायत्री ने बताया कि अगले मैच की रणनीति बनाने से पहले वे रिकवरी — खाना, स्ट्रेचिंग और नींद — को प्राथमिकता देंगी। पदक की संभावना अब वास्तविक दिख रही है, और दोनों खिलाड़ी इस पल का पूरा आनंद लेते हुए आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।