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कॉमनवेल्थ गेम्स मेजबानी का इतिहास: 1930 से 2026 तक किस देश को कब मिला मौका

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कॉमनवेल्थ गेम्स मेजबानी का इतिहास: 1930 से 2026 तक किस देश को कब मिला मौका

सारांश

1930 में 11 देशों से शुरू हुए कॉमनवेल्थ गेम्स अब 72 से अधिक राष्ट्रों का महाकुंभ बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया 5 बार मेजबानी के साथ शीर्ष पर है, जबकि स्कॉटलैंड 2026 में ग्लासगो में चौथी बार यह जिम्मेदारी उठाएगा। भारत ने 2010 में नई दिल्ली में एकमात्र मेजबानी की है।

मुख्य बातें

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में 'ब्रिटिश एम्पायर गेम्स' के रूप में हैमिल्टन, कनाडा में हुई, जिसमें 11 देशों ने भाग लिया।
ऑस्ट्रेलिया ने सर्वाधिक 5 बार (1938, 1962, 1982, 2006, 2018) इन खेलों की मेजबानी की है।
स्कॉटलैंड 2026 में ग्लासगो में चौथी बार मेजबानी करेगा; खेल 28 जुलाई से 8 अगस्त तक चलेंगे।
भारत ने अब तक केवल एक बार — 2010 में नई दिल्ली में — कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की है।
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स — ये 6 देश हर संस्करण में शामिल रहे हैं।
गैबॉन और टोगो 2026 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू करेंगे।

कॉमनवेल्थ गेम्स की नींव 1930 में ब्रिटिश साम्राज्य ने रखी थी, जब इसे 'ब्रिटिश एम्पायर गेम्स' के नाम से जाना जाता था। इन खेलों में उन्हीं देशों को आमंत्रित किया गया जो ब्रिटेन के उपनिवेश थे या अतीत में रह चुके थे। पहले संस्करण से लेकर ग्लासगो 2026 तक, यह आयोजन राष्ट्रमंडल देशों की खेल एकता का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है।

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत और विकास

पहले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में हुआ था, जिसमें 11 देशों — कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, बरमूडा, ब्रिटिश गुयाना, इंग्लैंड, आयरलैंड, न्यूफाउंडलैंड, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड, साउथ अफ्रीका और वेल्स — ने भाग लिया था। तब से भागीदार देशों की संख्या में लगातार वृद्धि होती रही, और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में 72 देश शामिल हुए।

यह खेल प्रत्येक 4 वर्ष में आयोजित होते हैं। हालाँकि, 1942 और 1946 में द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इनका आयोजन नहीं हो सका था — यह एकमात्र अपवाद रहा।

भारत और उपमहाद्वीप की भागीदारी

अविभाजित भारत ने ब्रिटिश शासन के अंतर्गत 1934 और 1938 के संस्करणों में हिस्सा लिया। 1947 में स्वतंत्रता के पश्चात भारत और पाकिस्तान ने अलग-अलग राष्ट्रों के रूप में इन खेलों में भाग लेना शुरू किया। बांग्लादेश ने 1971 में पाकिस्तान से स्वतंत्रता के बाद एक नए देश के रूप में इन खेलों में प्रवेश किया। भारत ने 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की — यह भारत का अब तक का एकमात्र अवसर रहा है।

सर्वाधिक मेजबानी: ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर

ऑस्ट्रेलिया कॉमनवेल्थ गेम्स का सबसे अधिक बार आयोजन करने वाला देश है। उसने 1938 (सिडनी), 1962 (पर्थ), 1982 (ब्रिस्बेन), 2006 (मेलबर्न) और 2018 (गोल्ड कोस्ट) — कुल 5 बार मेजबानी की है।

कनाडा 4 बार1930 (हैमिल्टन), 1954 (वैंकूवर), 1978 (एडमोंटन) और 1994 (विक्टोरिया) — के साथ दूसरे स्थान पर है। स्कॉटलैंड 1970, 1986 और 2014 के बाद अब 2026 में ग्लासगो में चौथी बार इन खेलों की मेजबानी करने जा रहा है।

इंग्लैंड (1934, 2002, 2022) और न्यूजीलैंड (1950, 1974, 1990) ने 3-3 बार मेजबानी की है। मलेशिया (1998, कुआलालंपुर), जमैका (1966, किंग्सटन) और वेल्स (1958, कार्डिफ) ने एक-एक बार आयोजन किया है।

हर बार उपस्थित रहे 6 देश

ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स — ये 6 देश ऐसे हैं जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के हर संस्करण में भाग लिया है। ग्लासगो 2026 में गैबॉन और टोगो पहली बार इन खेलों में डेब्यू करेंगे।

कॉमनवेल्थ गेम्स मेजबानी की पूरी सूची (1930–2026)

1930 — हैमिल्टन, कनाडा
1934 — लंदन, इंग्लैंड
1938 — सिडनी, ऑस्ट्रेलिया
1950 — ऑकलैंड, न्यूजीलैंड
1954 — वैंकूवर, कनाडा
1958 — कार्डिफ, वेल्स
1962 — पर्थ, ऑस्ट्रेलिया
1966 — किंग्सटन, जमैका
1970 — एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड
1974 — क्राइस्टचर्च, न्यूजीलैंड
1978 — एडमोंटन, कनाडा
1982 — ब्रिस्बेन, ऑस्ट्रेलिया
1986 — एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड
1990 — ऑकलैंड, न्यूजीलैंड
1994 — विक्टोरिया, कनाडा
1998 — कुआलालंपुर, मलेशिया
2002 — मैनचेस्टर, इंग्लैंड
2006 — मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया
2010 — नई दिल्ली, भारत
2014 — ग्लासगो, स्कॉटलैंड
2018 — गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया
2022 — बर्मिंघम, इंग्लैंड
2026 — ग्लासगो, स्कॉटलैंड

आगामी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज़ 28 जुलाई को होगा और समापन 8 अगस्त को, जिसमें गैबॉन और टोगो समेत नए देश पहली बार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

कनाडा और ब्रिटेन मिलकर कुल आयोजनों के आधे से अधिक पर काबिज हैं। एशिया और अफ्रीका के देश अभी भी मेजबानी की दौड़ में हाशिये पर हैं, जबकि इन्हीं क्षेत्रों से सर्वाधिक एथलीट भाग लेते हैं। भारत की 2010 की मेजबानी — जो विवादों और बुनियादी ढाँचे की खामियों के बीच हुई — यह भी याद दिलाती है कि महत्वाकांक्षी आयोजन के लिए तैयारी और पारदर्शिता दोनों ज़रूरी हैं। 2026 में ग्लासगो की वापसी इस बात की भी पुष्टि करती है कि संसाधन-संपन्न पश्चिमी शहर ही बार-बार इस जिम्मेदारी के लिए तैयार और सक्षम माने जाते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत कब और कहाँ हुई थी?
कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में हुई थी, जब इसे 'ब्रिटिश एम्पायर गेम्स' कहा जाता था। पहले संस्करण में 11 देशों ने भाग लिया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे ज्यादा मेजबानी किस देश ने की है?
ऑस्ट्रेलिया ने सर्वाधिक 5 बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की है — 1938 (सिडनी), 1962 (पर्थ), 1982 (ब्रिस्बेन), 2006 (मेलबर्न) और 2018 (गोल्ड कोस्ट)। कनाडा 4 बार के साथ दूसरे स्थान पर है।
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कब की थी?
भारत ने 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। यह अब तक भारत का एकमात्र आयोजन रहा है।
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 कब से कब तक होंगे?
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज़ 28 जुलाई को होगा और समापन 8 अगस्त को। स्कॉटलैंड इस बार चौथी बार इन खेलों की मेजबानी करेगा।
कौन से देश कॉमनवेल्थ गेम्स के हर संस्करण में शामिल रहे हैं?
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स — ये 6 देश कॉमनवेल्थ गेम्स के हर संस्करण में भाग लेते आए हैं। 2026 में गैबॉन और टोगो पहली बार डेब्यू करेंगे।
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