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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जसपाल राणा के नाम 15 पदकों का रिकॉर्ड, भारत का 125 सदस्यीय दल ग्लासगो के लिए तैयार

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: जसपाल राणा के नाम 15 पदकों का रिकॉर्ड, भारत का 125 सदस्यीय दल ग्लासगो के लिए तैयार

सारांश

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू हो रहे हैं और भारत का 125 सदस्यीय दल इतिहास रचने उतरेगा। लेकिन इस बार खेल से बड़ी एक विरासत की याद है — जसपाल राणा की, जिन्होंने 4 संस्करणों में 15 पदक जीतकर अटूट रिकॉर्ड बनाया और 12 जून 2026 को दुनिया को अलविदा कह दिया।

मुख्य बातें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज 23 जुलाई को ग्लासगो, स्कॉटलैंड में होगा, समापन 2 अगस्त को।
भारत का 125 सदस्यीय दल इन खेलों में हिस्सा ले रहा है।
शूटर जसपाल राणा ने 1994 से 2006 तक 4 कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक ( 9 स्वर्ण, 4 रजत, 2 कांस्य ) जीते — यह किसी एक भारतीय एथलीट का सर्वाधिक पदक रिकॉर्ड है।
राणा का 12 जून 2026 को निधन हो गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 तक भारत ने कुल 564 पदक जीते हैं; निशानेबाजी में सर्वाधिक 135 पदक ।
भारत इन खेलों में पदक तालिका में चौथा सबसे सफल राष्ट्र है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज 23 जुलाई से ग्लासगो, स्कॉटलैंड में हो रहा है। 2 अगस्त तक चलने वाले इस महाकुंभ में भारत का 125 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है। इन खेलों के शुरू होने से ठीक पहले, भारत के सर्वकालिक महान निशानेबाज जसपाल राणा की विरासत एक बार फिर चर्चा में है — जिनका 12 जून 2026 को निधन हो गया।

जसपाल राणा: भारत के सर्वाधिक पदक विजेता

कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में किसी एक भारतीय एथलीट द्वारा सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड शूटर जसपाल राणा के नाम दर्ज है। राणा ने 1994 से 2006 तक लगातार 4 कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेते हुए कुल 15 पदक अपने नाम किए — जिनमें 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। यह रिकॉर्ड आज भी अटूट है।

राणा ने न केवल कॉमनवेल्थ गेम्स, बल्कि वैश्विक निशानेबाजी के अन्य मंचों पर भी भारत का परचम लहराया। उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक असाधारण प्रतिभा खो दी, और यह कॉमनवेल्थ संस्करण उनकी यादों को समर्पित माना जा रहा है।

भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्णिम इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सबसे पहला पदक पहलवान राशिद अनवर ने जीता था। उन्होंने 1934 में 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक हासिल किया था। तब से लेकर अब तक भारतीय एथलीटों ने इन खेलों में सफलता का एक लंबा अध्याय लिखा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 तक भारत ने कुल 564 पदक जीते हैं — 203 स्वर्ण, 190 रजत और 171 कांस्य। पदक तालिका में भारत समग्र रूप से चौथा सबसे सफल राष्ट्र है।

निशानेबाजी: भारत का सबसे मजबूत खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने सर्वाधिक 135 पदक निशानेबाजी में जीते हैं, जिनमें 63 स्वर्ण, 44 रजत और 28 कांस्य शामिल हैं। यह आँकड़ा किसी भी अन्य खेल की तुलना में कहीं अधिक है और दर्शाता है कि निशानेबाजी भारत की कॉमनवेल्थ रणनीति की रीढ़ रही है।

गौरतलब है कि 2026 संस्करण में निशानेबाजी को शामिल किया गया है या नहीं, यह आयोजन समिति की घोषणाओं पर निर्भर करता है — लेकिन भारतीय दल अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को दोहराने के इरादे से उतर रहा है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: पृष्ठभूमि और भारत का सफर

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में हुई थी। ग्लासगो 2026 में आयोजित हो रहा यह इन खेलों का 23वाँ संस्करण है। भारत ने इन खेलों में 1934 से भागीदारी शुरू की थी और पिछले 22 संस्करणों में से केवल 4 संस्करणों1930, 1950, 1962 और 1986 — में हिस्सा नहीं लिया।

एथलेटिक्स के क्षेत्र में भारत साल-दर-साल एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है और 2026 में भी भारतीय दल से रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन की उम्मीद है।

क्या होगा आगे

खेल 23 जुलाई से शुरू होकर 2 अगस्त 2026 तक चलेंगे। भारत का 125 सदस्यीय दल कई खेल विधाओं में पदक की दावेदारी करेगा। जसपाल राणा के निधन के बाद यह पहला कॉमनवेल्थ आयोजन होगा, और भारतीय निशानेबाजी टीम पर उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का विशेष दबाव होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस दौर की गवाही है जब भारतीय निशानेबाजी कॉमनवेल्थ की रीढ़ हुआ करती थी। यह ऐसे समय में आया है जब निशानेबाजी को कुछ संस्करणों से बाहर रखने के फैसले पर बहस जारी है — और भारत की पदक संख्या पर इसका सीधा असर पड़ा है। राणा के निधन के बाद यह पहला कॉमनवेल्थ है, और असली सवाल यह है कि क्या भारतीय निशानेबाजी उनकी विरासत को नई पीढ़ी में जीवित रख पाएगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 कब और कहाँ होंगे?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होगा। यह इन खेलों का 23वाँ संस्करण है।
जसपाल राणा का कॉमनवेल्थ गेम्स में क्या रिकॉर्ड है?
शूटर जसपाल राणा ने 1994 से 2006 तक 4 कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेते हुए कुल 15 पदक जीते — 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य। यह किसी एक भारतीय एथलीट द्वारा सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड है।
जसपाल राणा का निधन कब हुआ?
जसपाल राणा का निधन 12 जून 2026 को हुआ। वे भारतीय निशानेबाजी के सबसे सफल कॉमनवेल्थ एथलीट थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अब तक कुल कितने पदक जीते हैं?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 तक भारत ने कुल 564 पदक जीते हैं — 203 स्वर्ण, 190 रजत और 171 कांस्य। भारत समग्र पदक तालिका में चौथा सबसे सफल राष्ट्र है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला पदक किसने जीता था?
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला पदक पहलवान राशिद अनवर ने 1934 में जीता था। उन्होंने 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था।
राष्ट्र प्रेस
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