CWG 2026: मांडविया ने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स के पदक विजेताओं को किया सम्मानित, गोल्ड विजेताओं को ₹30 लाख
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष समारोह में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के उन भारतीय पदक विजेताओं को सम्मानित किया जिन्होंने बॉक्सिंग, जूडो और पैरा-एथलेटिक्स में देश का परचम लहराया। स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹30 लाख, रजत पदक विजेताओं को ₹20 लाख और कांस्य पदक विजेताओं को ₹10 लाख की प्राइज मनी के चेक सौंपे गए। यह समारोह ग्लासगो में भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन की आधिकारिक स्वीकृति का प्रतीक बना।
बॉक्सिंग दल का शानदार प्रदर्शन
भारतीय बॉक्सिंग दल ने ग्लासगो से 10 पदक — 7 स्वर्ण और 3 रजत — जीतकर बॉक्सिंग मेडल टैली में शीर्ष स्थान हासिल किया। स्वर्ण पदक विजेताओं में प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घांघस (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पांघाल (80 किग्रा) शामिल रहे। रजत पदक जादुमनी सिंह (55 किग्रा), ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90+ किग्रा) ने जीते।
जूडो में ऐतिहासिक उपलब्धि
भारत ने 12 जूडो इवेंट्स में हिस्सा लिया और 4 पदक — 2 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य — जीते, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ जूडो प्रदर्शन है। अस्मिता कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडोका बनीं, जबकि हर्ष यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूडो अंतरराष्ट्रीय मंच पर तेज़ी से अपनी पहचान बना रहा है।
पैरा-एथलेटिक्स और सरकारी सहयोग
पैरा-एथलेटिक्स दल को भी समारोह में सम्मानित किया गया, जिसके ग्लासगो में प्रदर्शन को भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स के लिए एक अहम मोड़ बताया गया। सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, TOPS और ACTC (एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन) कार्यक्रमों, SAI NCOE में राष्ट्रीय शिविर, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर, उपकरण और प्रशिक्षण सहायता के ज़रिए सरकारी समर्थन मिला है।
मांडविया का संदेश: खेलो इंडिया से एकेडमी तक
डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों से अपील की कि वे सक्रिय करियर के बाद स्पोर्ट्स एकेडमी स्थापित कर अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करें। उन्होंने कहा, 'हम सिर्फ सरकारी नौकरी पाने के मकसद से कॉमनवेल्थ गेम्स का मेडल न जीतें। अपने एक्टिव करियर से रिटायर होने के बाद स्पोर्ट्स एकेडमी चलाएं।' उन्होंने ₹36,000 करोड़ के निवेश वाली विस्तारित 'खेलो इंडिया' योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आने वाले वर्षों में भारतीय खेलों के विकास में निरंतर निवेश सुनिश्चित करेगी।
एशियन गेम्स 2026 पर नज़र
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों को एशियन गेम्स 2026 के लिए प्रेरित करते हुए कहा, 'मैं चाहता हूं कि आप सभी इस बढ़े हुए हौसले का इस्तेमाल 2026 के एशियन गेम्स में और अधिक गोल्ड मेडल जीतने के लिए करें।' उन्होंने कोच के योगदान को स्वीकार करने पर भी ज़ोर दिया और कहा कि गुरु का मार्गदर्शन जीवन में बहुत आगे ले जाता है। गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स की सफलता के बाद भारतीय खेल परिदृश्य में सरकारी निवेश और खिलाड़ियों की ज़िम्मेदारी दोनों पर नई बहस छिड़ी है।