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अहमदाबाद मेडिसिटी में ₹295 करोड़ का स्पाइन व स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, CWG 2030 और ओलंपिक 2036 की तैयारी

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अहमदाबाद मेडिसिटी में ₹295 करोड़ का स्पाइन व स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, CWG 2030 और ओलंपिक 2036 की तैयारी

सारांश

गुजरात सरकार ₹295 करोड़ की लागत से अहमदाबाद मेडिसिटी में स्पाइन इंस्टीट्यूट और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर बनाने जा रही है — CWG 2030 और ओलंपिक 2036 की संभावित मेजबानी के लिए राज्य को चिकित्सा के मोर्चे पर तैयार करने की बड़ी पहल।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार अहमदाबाद मेडिसिटी में ₹295 करोड़ की लागत से स्पाइन इंस्टीट्यूट , स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर और रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करेगी।
परियोजना का उद्देश्य कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की संभावित मेजबानी के लिए गुजरात को तैयार करना है।
17 जून को स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया की अध्यक्षता में गांधीनगर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
परिसर में जटिल स्पाइन सर्जरी, स्पोर्ट्स इंजरी यूनिट और अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र एक ही स्थान पर होंगे।
परियोजना में सुपर-स्पेशलिस्ट प्रशिक्षण के लिए एडवांस्ड एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रिसर्च सुविधाएं भी शामिल होंगी।

गुजरात सरकार ने अहमदाबाद मेडिसिटी में ₹295 करोड़ की लागत से एक विश्वस्तरीय स्पाइन इंस्टीट्यूट, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर और रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। 17 जून को गांधीनगर में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस परियोजना को औपचारिक रूप दिया गया, जिसका उद्देश्य कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की संभावित मेजबानी के लिए गुजरात को चिकित्सा के मोर्चे पर तैयार करना है।

परियोजना की रूपरेखा

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकारी स्पाइन इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. पीयूष मित्तल, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) के प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रस्तावित परिसर में जटिल स्पाइन सर्जरी, समर्पित स्पोर्ट्स इंजरी यूनिट और अत्याधुनिक पुनर्वास केंद्र एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।

खेल महाकुंभ की तैयारी से जुड़ाव

पानशेरिया ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से गुजरात 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में ओलंपिक गेम्स की मेजबानी करने की कोशिश कर रहा है। यह इंस्टीट्यूट राज्य के एथलीट्स के लिए वरदान साबित होगा, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होगा कि वर्ल्ड-क्लास मेडिकल और रिहैबिलिटेशन सुविधाएं गुजरात में ही उपलब्ध हों। हमारा मकसद सिर्फ इलाज देना नहीं है, बल्कि गुजरात को स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्पाइन केयर का एक ग्लोबल हब बनाना है जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी को लेकर अपनी आधारभूत संरचना को तेज़ी से उन्नत कर रहा है।

शिक्षा और अनुसंधान का आयाम

इस परियोजना में केवल उपचार नहीं, बल्कि एक मज़बूत शैक्षणिक और शोध ढाँचा भी शामिल है। परिसर में उन्नत शैक्षणिक अवसंरचना से युक्त कॉलेज बनाए जाएंगे, जहाँ सुपर-स्पेशलिस्ट स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्पाइन केयर और स्पोर्ट्स मेडिसिन में विश्वस्तरीय शोध को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे, जिससे देश-विदेश के विशेषज्ञों को अपना ज्ञान और सेवाएं साझा करने का अवसर मिलेगा।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि गुजरात में स्पाइन से जुड़ी बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। यह केंद्र न केवल एथलीटों, बल्कि आम नागरिकों को भी विशेषज्ञ उपचार की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे उन्हें उपचार के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यदि यह परियोजना समयसीमा में पूरी होती है, तो यह भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में खेल चिकित्सा के एकीकरण का एक उल्लेखनीय उदाहरण बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सफलता दो अनिश्चितताओं पर टिकी है — पहली, गुजरात को CWG 2030 और ओलंपिक 2036 की मेजबानी मिलना अभी तय नहीं है; दूसरी, भारत में इस पैमाने की सार्वजनिक स्वास्थ्य परियोजनाएं अक्सर समयसीमा और लागत-अनुशासन की कसौटी पर चूकती रही हैं। यदि मेजबानी नहीं मिलती, तो यह केंद्र केवल स्थानीय ज़रूरतों पर निर्भर होगा — जो अपने आप में पर्याप्त औचित्य है, किंतु ₹295 करोड़ के निवेश को उचित ठहराने के लिए क्रियान्वयन की पारदर्शिता और जवाबदेही का ढाँचा अभी से स्पष्ट होना चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद मेडिसिटी स्पाइन और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर क्या है?
यह गुजरात सरकार की ₹295 करोड़ की परियोजना है, जिसमें अहमदाबाद मेडिसिटी में एक विश्वस्तरीय स्पाइन इंस्टीट्यूट, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर और रिहैबिलिटेशन सेंटर एक ही परिसर में बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्पाइन रोगों और खेल चोटों के उपचार, पुनर्वास और अनुसंधान को एकीकृत करना है।
इस परियोजना का CWG 2030 और ओलंपिक 2036 से क्या संबंध है?
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया के अनुसार, गुजरात कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की मेजबानी की कोशिश कर रहा है। यह केंद्र इन आयोजनों के दौरान एथलीटों को विश्वस्तरीय चिकित्सा और पुनर्वास सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया जा रहा है।
इस केंद्र में कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी?
प्रस्तावित परिसर में जटिल स्पाइन सर्जरी, समर्पित स्पोर्ट्स इंजरी यूनिट, अत्याधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर, सुपर-स्पेशलिस्ट प्रशिक्षण के लिए कॉलेज और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रिसर्च सुविधाएं शामिल होंगी।
इस परियोजना की समीक्षा बैठक में कौन शामिल थे?
17 जून को गांधीनगर में हुई बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने की। इसमें सरकारी स्पाइन इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. पीयूष मित्तल, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस केंद्र से आम जनता को क्या फायदा होगा?
यह केंद्र केवल एथलीटों के लिए नहीं, बल्कि स्पाइन रोगों से पीड़ित आम नागरिकों के लिए भी विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराएगा। इससे गुजरात के मरीज़ों को उपचार के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और राज्य स्पोर्ट्स मेडिसिन व स्पाइन केयर का क्षेत्रीय केंद्र बन सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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